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खेल

फिर शुरू होंगे घरेलू बॉक्सिंग टूर्नामेंट एक साल से भी अधिक समय लगने के बाद

यूथ और जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के माध्यम से देश में मुक्केबाजी स्पर्धाओं की फिर से शुरूआत होगी। कोरोना महामारी के कारण एक साल से भी अधिक समय तक तक स्थगित रहने के बाद घरेलू आयोजन जोरदार वापसी करेंगे।

बॉक्सिंग चैंपियनशिप सांकेतिक फोटो( wikimedia commons)

यूथ और जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के माध्यम से देश में मुक्केबाजी स्पर्धाओं की फिर से शुरूआत होगी। कोरोना महामारी के कारण एक साल से भी अधिक समय तक तक स्थगित रहने के बाद घरेलू आयोजन जोरदार वापसी करेंगे। युवा पुरुष और महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप का चौथा संस्करण 18 से 23 जुलाई तक होगा, जिसके बाद जूनियर बॉयज नेशनल चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण और जूनियर गर्ल्स नेशनल चैंपियनशिप का चौथा संस्करण होगा। इन दोनों टूर्नामेंट्स का आयोजन 26 से 31 जुलाई के बीच होना है। टूर्नामेंट्स सोनीपत के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में आयोजित किए जाएंगे और इस दौरान सभी कोविड -19 सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “महामारी के कारण एक साल से अधिक समय से घरेलू टूर्नामेंटों की अनुपस्थिति के साथ हमारे खिलाड़ियों के लिए यह बहुत कठिन समय रहा है। हालांकि, स्थिति में सुधार हुआ है और इससे हमें खेल को फिर से शुरू करने का विश्वास मिला है। हमें लगा कि जूनियर और युवा नेशनल्स के साथ शुरूआत करना अच्छा होगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी फिर से शुरू हो रहे हैं और इससे हमारे मुक्केबाजों को देश का प्रतिनिधित्व करने और फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।”


बॉक्सिंग सांकेतिक इमेज (pixabay)

इन नेशनल टूर्नामेंट्स को चयन टूर्नामेंट के रूप में मान्यता दी गई है और इनके माध्यम से विजेताओं का चयन आगामी एएसबीसी यूथ एंड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा। इस टूर्नामेंट का आयोजन 17 से 31 अगस्त तक दुबई में होने वाला है। आगामी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए लद्दाख, और सर्विसेज खेल नियंत्रण बोर्ड सहित 34 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों की टीमों की भागीदारी की उम्मीद है। युवा टूनार्मेंट में 300 से अधिक पुरुष और 200 से अधिक महिला मुक्केबाजों की उपस्थिति की उम्मीद है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रो वाइस चेयरमैन रंजू मान ने कहा, “मुक्केबाजी देश के सबसे तेजी से उभरते और शीर्ष खेलों में से एक है और हम युवा और जूनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए बीएफआई के साथ जुड़कर खुश हैं। डीपीएस सोनीपत खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है और हाल ही में इसने टेबल टेनिस के लिए ओलंपिक शिविर की मेजबानी की है। हम बॉक्सिंग फेडरेशन के साथ अधिक सार्थक तरीके से जुड़ने और उस खेल को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं जहां प्रतिभा प्रचुर मात्रा में है।”

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जून 2019 में आयोजित यूथ बॉक्सिंग नेशनल के पिछले संस्करण में, सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड और हरियाणा क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग में ओवरऑल चैंपियन के रूप में उभर। जहां तक हरियाणा क बात है तो वह जूनियर महिला नेशनल के अंतिम संस्करण में भी शीर्ष टीम के रूप में सामने आई थी। इस टूर्नामेंट का आयोजन कोरोना महामारी आने से ठीक पहले हुआ था। (आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

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