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 एलन मस्क( ELON MUSK ) की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कंपनी स्टारलिंक( STAR LINK )  ब्रिटेन ( BRITAIN )  सरकार के साथ बातचीत कर रही है, दूरस्थ क्षेत्रों या हार्ड-टू-रीज एरिया में कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके। स्टारलिंक सैटेलाइट्स ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्रयासरत है, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड द्वारा नहीं पहुंचा जा सकता है।


द स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब जब धीमी गति से ब्रॉडबैंड के साथ बोरिस जॉनसन ने देश के कुछ हिस्सों के लिए 5 अरब पाउंड के साथ एक रॉकेट बूस्ट का वादा किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि संस्कृति सचिव ओलिवर डॉवडन का मानना है कि स्पेसएक्स के संस्थापक अरबपति एलन मस्क द्वारा उपग्रह तारामंडल परियोजना हार्ड-टू-रीज (जहां पहुंच सुनिश्चित नहीं हो सकी है) क्षेत्रों में कवरेज देने के लिए सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। हालांकि विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

कैम्ब्रिजशायर, कॉर्नवाल, कंब्रिया, डोरसेट, डरहम, एसेक्स, नॉर्थम्बरलैंड, साउथ टाइनसाइड और टीज वैली में 510,000 घरों और व्यवसायों के लिए यह दावा किया गया है, जो प्रोजेक्ट गीजाबिट के हिस्से के रूप में सबसे पहले लाभान्वित होंगे।
 

स्टारलिंक का लोगो । ( Wikimedia Commons)

यह भी पढ़ें: ‘चीन की आक्रामकता ने रणनीतिक सहयोग करने के लिए खोलीं भारत की आंखें’

सरकार को उम्मीद है कि वह जून में नोरफॉक, श्रॉपशायर, सफॉक, वोरसेस्टरशायर, हैम्पशायर और आइल ऑफ वाइट में 640,000 अन्य परिसरों को भी इससे जोड़ देगी।

स्टारलिंक की लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट ऐसे क्षेत्रों के लिए अल्ट्राफास्ट ब्रॉडबैंड की पेशकश कर रही है।

हालांकि वर्तमान में नेटवर्क बिना किसी कनेक्टिविटी के संक्षिप्त अवधि के साथ केवल 50 मेगाबिट्स प्रति सेकंड (एमबीपीएस) और 150 एमबीपीएस के बीच गति प्रदान करता है । सरकार को उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक स्टारलिंक पूरे ब्रिटेन भर में 200 एमबीपीएस तक की पेशकश करेगी।
( AK आईएएनएस )
 

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

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कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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कोविड के खिलाफ नियमित टीकाकरण के अलावा दुनिया भर में अन्य प्रकार की दवाईयों पर अनेक संस्थायें रिसर्च कर रही हैं जो मानव शरीर पर इस विषाणु के आक्रमण को रोक सकती है। इसी क्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं को एक बड़ी सफलता मिली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने एक हिमालयी पौधे की पंखुड़ियों में फाइटोकेमिकल्स की खोज की है जो कोविड संक्रमण के इलाज में करगर साबित हो सकती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के बायोएक्स सेंटर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्याम कुमार मसाकापल्ली के तर्ज पर एक वक्तव्य में कहा की, अलग अलग तरह के चिकित्सीय एजेंटों में पौधों से प्राप्त रसायनों फाइटोकेमिकल्स को उनकी क्रियात्मक गतिविधि और कम विषाक्तता के कारण विशेष रूप से आशाजनक माना जाता है। टीम ने हिमालयी बुरांश पौधे की पंखुड़ियों में इन रसायनों का पता लगया है। पौधे का वैज्ञानिक नाम रोडोडेंड्रोन अर्बोरियम है जिसे वहाँ के स्थानीय लोग अलग अलग तरह की बीमारियों में इसका इस्तेमाल करते हैं।

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