जम्मू कश्मीर के पीर पंजाल को आतंकी बना रहे हैं अपना नया ठिकाना

पिछले दो साल में आतंकियों ने अपने ठिकानों में यह बड़ा बदलाव किया है। दिल्ली इसको लेकर खास तौर पर चिंतित और साथ ही अलर्ट है क्योंकि जिस प्रकार से आतंकियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया है, उससे अमरनाथ यात्रा पर आंतकी हमले का खतरा बढ़ गया है।
Jammu Kashmir Pir Panjal : पाकिस्तान जम्मू क्षेत्र में सांप्रदायिक दरार का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है (Wikimedia Commons)
Jammu Kashmir Pir Panjal : पाकिस्तान जम्मू क्षेत्र में सांप्रदायिक दरार का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है (Wikimedia Commons)

Jammu Kashmir Pir Panjal : जम्मू-कश्मीर से आतंकी घटनाओं की खबरें दोबारा आना शुरू हो गई है। इन घटनाओं ने खुफिया एजेंसियों, सेना, रक्षा बलों और सरकार को चिंता में डाल दिया है। इस बीच सामने आया कि आतंकियों ने अपना ठिकाना बदल लिया है और वे पीर पंजाल श्रेणी के उत्तर से दक्षिण की तरफ बस गए हैं। आपको बता दें पिछले दो साल में आतंकियों ने अपने ठिकानों में यह बड़ा बदलाव किया है। दिल्ली इसको लेकर खास तौर पर चिंतित और साथ ही अलर्ट है क्योंकि जिस प्रकार से आतंकियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया है, उससे अमरनाथ यात्रा पर आंतकी हमले का खतरा बढ़ गया है। यह यात्रा इसी महीने से शुरू होने वाली है और अगस्त तक चलेगी।

तीर्थयात्रियों को बनाया जा रहा है निशाना

खुफिया सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान जम्मू क्षेत्र में सांप्रदायिक दरार का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है, और यही कारण है कि इतने आतंकवादी हमले हो रहे हैं। नॉर्थ ब्लॉक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "तीर्थयात्रियों को निशाना बनाया गया, यह जानते हुए भी कि इससे क्षेत्र में तनाव पैदा हो सकता है।”

इसे लघु हिमालय भी कहा जाता है, जो मुख्य हिमालय से दक्षिण में और एकदम बाहर स्थित है। (Wikimedia Commons)
इसे लघु हिमालय भी कहा जाता है, जो मुख्य हिमालय से दक्षिण में और एकदम बाहर स्थित है। (Wikimedia Commons)

कहां हैं पीर पंजाल?

पीर पंजाल हिमालय की एक पर्वतमाला है, जिसे बाहरी श्रेणी कहा जाता है। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होते हुए भारत में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश तक फैला है। कश्मीर का गुलमर्ग, सोनमर्ग जैसे मैदान और हिमाचल के कुल्लु, लाहौल स्पिति जैसे जिले इसी पर्वतमाला में स्थित हैं। इसे लघु हिमालय भी कहा जाता है, जो मुख्य हिमालय से दक्षिण में और एकदम बाहर स्थित है। इस क्षेत्र में राबी, चिनाब और झेलम जैसी नदियां भी बहती हैं।

पर्यटन के लिए है काफी मशहूर

प्राकृतिक मनोरम नजारो से भरपूर यह भौगोलिक इलाका पर्यटन के लिए काफी मशहूर रहा है। इसी में एक पीर पंजाल दर्रा है, जिससे होकर कश्मीर घाटी का रास्ता गुजरता है। पीर पंजाल के पहाड़ 13000 फीट तक ऊंचे हैं। सैलानी यहां सर्दियों में बर्फबारी का मजा लेने आते हैं। ये सारी पर्यटन गतिविधियां पीर पंजाल के उत्तरी हिस्से में होती हैं, जहां अब आतंकी अपना नया ठिकाना बना रहे हैं। इस क्षेत्र की बनावट ही ऐसी है कि ये आतंकियों के छिपने के लिए एक बेहतर जगह बन जाता है, इसलिए आतंकी इसे अपना ठिकाना बना रहे हैं।

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