

Summary
AAP पर दिल्ली से पंजाब तक भ्रष्टाचार के आरोप
पंजाब में AAP के 4 विधायक घोटालों में गिरफ्तार
मामले कोर्ट में, अब तक कोई सजा नहीं
अन्ना आंदोलन से एक राजनीतिक पार्टी का उदय हुआ था, उसका नाम है आम आदमी पार्टी (AAP), अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में ये पार्टी देश से भ्रष्टाचार मिटाने के इरादे से अस्तित्व में आई थी लेकिन कौन ही जानता था, भ्रष्टाचार मिटाते-मिटाते आम आदमी पार्टी (AAP) खुद इसका स्वाद चखना शुरू कर देगी। दिल्ली में जब केजरीवाल की सरकार थी, तब इस पार्टी के ऊपर भ्रष्टाचार के कई इल्जाम लगे। इसमें दिल्ली आबकारी नीति, हवाला मनी लॉन्ड्रिंग, मोहल्ला क्लिनिक फर्जी टेस्ट मामला, वक्फ बोर्ड घोटाले के साथ शीश महल घोटाला भी शामिल है।
अब दिल्ली की सत्ता से आम आदमी पार्टी (AAP) को जनता ने हटा दिया लेकिन इस समय ये पार्टी पंजाब में सत्ता पर काबिज है। 2022 के विधानसभा चुना में आम आदमी पार्टी (AAP) को जीत हासिल हुई लेकिन भ्रष्टाचार ने यहाँ भी केजरीवाल की पार्टी का पीछा नहीं छोड़ा। पंजाब के 4 विधायक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आज उसपर ही चर्चा करते हैं।
साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में भ्रष्टाचार को खत्म करने के इरादे से सत्ता के शिखर पर काबिज हुई थी लेकिन इस पार्टी के 4 विधायक ही भ्रष्टाचार के मामले में जेल चले गए। 3 को सरकार ने खुद पकड़ा जबकि चौथे विधायक को केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने दबोचा।
मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में सरकार बनाई और इसके ठीक 2 महीने के भीतर ही भ्रष्टाचार के कीचड़ इस पार्टी के ऊपर लगे। पूर्व स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री डॉ विजय सिंगला पर गंभीर आरोप लगे। मई 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह शिकायत मिली कि सिंगला स्वास्थ्य विभाग के टेंडरों और खरीद में 1% कमीशन मांग रहे हैं। सीएम मान को इसके पुख्ता सबूत भी मिले। 24 मई 2022 को मुख्यमंत्री ने खुद एक्शन लिया और डॉ विजय सिंगला को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया।
साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि इनके खिलाफ सख्त कार्यवाई हो। इसके बाद पंजाब एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया। फिलहाल इस मामले में सिंगला को सजा नहीं हुई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें जुलाई 2022 में जमानत दे दी थी। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है लेकिन उन्हें पार्टी से बर्खास्त नहीं किया गया है। वर्तमान समय में वो अभी भी विधायक हैं।
इस भ्रष्टाचार की लिस्ट में दूसरा नाम अमित रतन कोटफत्ता का है। कोटफत्ता पंजाब की बठिंडा देहाती सीट से विधायक हैं और उनके ऊपर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला फरवरी 2023 का है जहाँ उनके ऊपर यह आरोप लगा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कोटफत्ता ने एक गांव के सरपंच से सरकारी ग्रांट (पंचायत फंड) जारी करने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इन्हें पकड़ने के लिए पंजाब की विजलेंस ब्यूरो ने जल बिछाया और AAP विधायक के निजी सहायक (PA) को 4 लाख रूपए घूस देते हुए रंगे हाथ पकड़ा। शुरुआत में तो विधायक को क्लीन चिट मिली लेकिन जब पूछताछ शुरू हुई, तब सबूतों के आधार पर 22 फरवरी 2023 को विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उन्हें इस मामले में कोई सजा नहीं हुई है। क़ानूनी प्रक्रिया और सुनवाई जारी है। वर्तमान समय में अमित रतन कोटफत्ता अभी भी विधायक हैं और पार्टी ने उन्हें बर्खास्त नहीं किया है।
इस कड़ी में तीसरा नाम प्रो. जसवंत सिंह गज्जन माजरा का है जो पंजाब के अमरगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हैं। वे एक प्रमुख व्यवसायी और राजनेता हैं, जो मुख्य रूप से बैंक धोखाधड़ी के मामले में चर्चा में आए। उनके ऊपर बैंक से 41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। साल 2022 में यह मामला तब सामने आया जब CBI ने उन पर और उनके परिवार की कंपनियों पर बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। प्रो. जसवंत पर यह आरोप है कि उन्होंने लोन की राशि का इस्तेमाल उस काम के लिए नहीं किया जिसके लिए वह ली गई थी।
फिर नवंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रो. जसवंत को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उस समय हिरासत में लिया जब वे एक सार्वजनिक सभा में मौजूद थे। छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से करोड़ों की नकदी भी बरामद हुई थी। फिलहाल ये मामला अदालत में चल रहा है और उन्हें कोई अब तक कोई सजा नहीं हुई है। करीब 6 महीने वो जेल में रहे थे और मई 2024 में उन्हें स्वास्थ्य और अन्य आधारों पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
पंजाब के जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से रमन अरोड़ा विधायक हैं। पिछले काफी समय से वो भ्रष्टाचार को लेकर सुर्ख़ियों में हैं। उनके ऊपर जबरन वसूली का भी गंभीर आरोप है। रमन पर आरोप है कि उन्होंने जालंधर नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर एक रैकेट चलाया। वो बिल्डरों और व्यापारियों से मोटी रिश्वत लेते थे और इसके लिए वो निर्माणाधीन इमारतों को फर्जी या अवैध निर्माण का नोटिस भेजते थे और कहते थे कि मामले को रफा दफा करवाना है तो पैसे दो।
23 मई 2025 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके जालंधर स्थित आवास पर छापेमारी की। इस दौरान उनके घर से ₹6 लाख नकद, 1.2 किलो सोना और अवैध रूप से जारी किए गए लगभग 75-80 नोटिस बरामद हुए। गिरफ्तारी के बाद वो करीब 4 महीने जेल में रहे और सितंबर 2025 में उन्हें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिली। हालांकि, एक कॉमेडी ये हुई कि जैसे ही उन्हें जमानत मिली, इसके तुरंत बाद उन्हें एक पार्किंग ठेकेदार से पैसे वसूलने के एक अन्य मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उन्हें सजा नहीं हुई है लेकिन विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ 900 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। अदालत में मुकदमा चल रहा है।
तो ये थे पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) के 4 नेता जिनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था।