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देश

17 अक्टूबर से पुनः खुलने जा रही है ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 17 अक्टूबर को लोगों के लिए पुनः खुलने जा रही है। कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन पूर्ण रूप से किया जायेगा।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी। (Wikimedia Commons)

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ 6 महीने बाद फिर से 17 अक्टूबर से जनता के लिए खुलने जा रही है। यह दिन नवरात्रि के त्योहार का पहला दिन भी है। देश में प्रमुख पर्यटक आकर्षणों को फिर से खोलने के निर्णय के तहत सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जनता के लिए फिर से खोलने का फैसला किया है।

अधिकारियों ने पहले ही केवड़िया साइट के अन्य आकर्षणों जैसे जंगल सफारी, बच्चों के पार्क, एकता मॉल और अन्य जगहों को फिर से खोल दिया था। अधिकारियों के अनुसार इन सभी को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।


स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को फिर से खोलने के लिए कोविड-19 दिशानिर्देशों के सख्ती से पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों को पूरा करने के लिए यहां रोजाना केवल ढाई हजार आगंतुकों की संख्या ही सुनिश्चित की गई है, इसमें से भी केवल 500 आगंतुकों को ही 193 मीटर उंची गैलरी तक जाने की अनुमति होगी।

यह भी पढ़ें – त्योहारों में भीड़ बढ़ा सकती है कोरोना का खतरा

टिकट दो घंटे के स्लॉट में उपलब्ध होंगी और इन्हें अधिकृत टिकट वेबसाइट एसओयूटिकट डॉट इन से लिया जा सकेगा। टिकट खिड़कियों से टिकट जारी नहीं की जाएंगी।

आगंतुकों को सभी बुनियादी कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क पहनना, हैंड सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।

बता दें कि 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केवड़िया साइट के दौरा करने की उम्मीद है। (आईएएनएस)

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प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

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