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थोड़ा हट के

पिता जेल में हैं, मां ने अकेला छोड़ दिया पर सोशल मीडिया ने संवार दी ज़िन्दगी

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने अंकित और उसके एकमात्र दोस्त डैनी की ज़िन्दगी बदल दी।

(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

उसके पिता जेल में हैं, उसकी मां ने उसे अकेला छोड़ दिया है और उसे अपने गांव का नाम याद नहीं है। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि एक नौ वर्षीय बेघर बच्चे अंकित की जिंदगी की कड़वी सच्चाई है। पिछले कुछ सालों से नौ साल का अंकित एक फुटपाथ पर रह रहा है और एक चाय स्टाल पर काम करके जिंदगी गुजार रहा है।

उसका एकमात्र दोस्त एक आवारा कुत्ता है, जिसे वह प्यार से डैनी बुलाता है।


दो हफ्ते पहले किसी ने अंकित और डैनी की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें वह एक दुकान के बाहर कंबल में अपने ‘दोस्त’ के साथ सोता नजर आ रहा था।

वह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और जिला प्रशासन ने लड़के की तलाश शुरू कर दी।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर।

आखिरकार दो दिन पहले बच्चे का पता लगा लिया गया और अब वह जिला पुलिस की देखरेख में है।

मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा, “अब वह मुजफ्फरनगर पुलिस की देखरेख में हैं। हम उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और उसकी तस्वीर आस-पास के जिलों के विभिन्न पुलिस थानों में भेज दी गई हैं। हमने जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी अलर्ट कर दिया है।”

शहर कोतवाली के एसएचओ अनिल कपरवान ने कहा, अंकित एक स्थानीय महिला शीला देवी के साथ है, जिसे अंकित जानता है और ‘बी’ कह कर बुलाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए : Nirbhaya’s Father Wants OTT Platforms To Be Involved In fight For Women’s Safety

जब तक अंकित का परिवार मिल नहीं जाता, तब तक वह एक निजी स्कूल में पढ़ेगा। पुलिस द्वारा स्कूल प्रबंधन से अनुरोध करने के बाद स्कूल उसे मुफ्त शिक्षा देने के लिए सहमत हो गया है।

अंकित जहां काम करता था, उस चाय की दुकान के मालिक ने कहा कि कुत्ता डैनी कभी भी अपनी जगह से नहीं हिलता है। उन्होंने आगे कहा, “जब तक लड़का यहां काम करता, कुत्ता एक कोने में बैठा रहता। अंकित स्वाभिमानी है और कभी भी मुफ्त में कुछ नहीं लेता था, यहां तक कि अपने कुत्ते के लिए दूध भी नहीं।” (आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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