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स्वतंत्रता दिवस पर अतिथि होंगे सफाईकर्मी, प्लाज्मा डोनर और जेल कर्मचारी

इस बार स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम दिल्ली सचिवालय में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा, ताकि 15 अगस्त के कार्यक्रम को भी आयोजित कर सकें और कोरोना के संकट से भी बच पाएं।

भारतीय ध्वज(Image: Pixabay)

दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के मद्देनजर इस बार स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम बहुत छोटे पैमाने पर मनाने का फैसला किया है। इस बार छत्रसाल स्टेडियम की बजाय दिल्ली सचिवालय में ही स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को याद किया जाएगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक इस बार खासतौर पर कोरोना योद्धा जैसे सफाई कर्मचारी, नर्स, एंबुलेंस चालक, पुलिस और प्लाज्मा डोनेट करने वाले मरीजों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और इन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में आने के लिए इन्हें बकायदा निमंत्रण दिया जाएगा। इस दौरान सेंट्रल जेल के अधिकारियों, जिन्होंने बेहतर काम किया है, उनको भी सम्मानित किया जाएगा।

भारत का झण्डा(Image: Pixabay)


कोरोना संकट के मद्देनजर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के उद्देश्य से 100 प्रमुख लोगों को ही निमंत्रण भेजा जाएगा।

दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा, स्वतंत्रता दिवस के दिन इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जाएंगे। इस बार स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम दिल्ली सचिवालय में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा, ताकि 15 अगस्त के कार्यक्रम को भी आयोजित कर सकें और कोरोना के संकट से भी बच पाएं।

यह भी पढ़ें: बिहार में कोरोना मरीजों के लिए बना ‘कोविड नाव एंबुलेंस’, देखें तस्वीर

गोपाल राय ने कहा, दिल्ली सचिवालय में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों की सूची तैयार कर ली गई है। अभी तक हमने जो तय किया है, उसमें कोरोना योद्धाओं के अलावा दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सभी मंत्रियों, दिल्ली के सभी 70 विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही 7 लोकसभा और 3 राज्यसभा के सदस्य हैं, उनको भी निमंत्रण दिया जाएगा। दिल्ली के तीनों एमसीडी के मेयर, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और दानिक्स अधिकारियों को भी निमंत्रण भेज रहे हैं।(आईएएनएस)

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प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। (Unsplash)

एक नए अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कोविड संकमित होती हैं, उनमें प्री-एक्लेमप्सिया विकसित होने का काफी अधिक जोखिम होता है। यह बीमारी दुनिया भर में मातृ और शिशु मृत्यु का प्रमुख कारण है। प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव2 संक्रमण वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है।

वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में आणविक प्रसूति और आनुवंशिकी के प्रोफेसर रॉबटरे रोमेरो ने कहा कि यह जुड़ाव सभी पूर्वनिर्धारित उपसमूहों में उल्लेखनीय रूप से सुसंगत था। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव 2 संक्रमण गंभीर विशेषताओं, एक्लम्पसिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम के साथ प्री-एक्लेमप्सिया की बाधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ जुड़ा है। एचईएलएलपी सिंड्रोम गंभीर प्री-एक्लेमप्सिया का एक रूप है जिसमें हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना), ऊंचा लिवर एंजाइम और कम प्लेटलेट काउंट शामिल हैं। टीम ने पिछले 28 अध्ययनों की समीक्षा के बाद अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए, जिसमें 790,954 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं, जिनमें 15,524 कोविड -19 संक्रमण का निदान किया गया था।

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है। (Unsplash)

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।(PIB)

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को दोहराया कि भारत सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए Covid-19 महामारी के खिलाफ एक निर्णायक और समन्वित प्रतिक्रिया देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है। कोविंद ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत भारतीयों को अब तक 80 करोड़ से अधिक खुराक मिल चुकी है।

राष्ट्रपति भवन से एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को एक आभासी समारोह में आइसलैंड, गाम्बिया गणराज्य, स्पेन, ब्रुनेई दारुस्सलाम और श्रीलंका के लोकतांत्रिक गणराज्य के राजदूतों/उच्चायुक्तों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करने वाले राजदूत निम्न हैं : महामहिम गुडनी ब्रैगसन, आइसलैंड के राजदूत, महामहिम मुस्तफा जवारा, गाम्बिया गणराज्य के उच्चायुक्त, महामहिम जोस मारिया रिडाओ डोमिंगुएज, स्पेन के राजदूत, महामहिम दातो अलैहुद्दीन मोहम्मद ताहा, ब्रुनेई दारुस्सलाम के उच्चायुक्त, महामहिम अशोक मिलिंडा मोरागोडा, श्रीलंका के लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य के उच्चायुक्त।


इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इन सभी राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उन्हें भारत में एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के इन सभी पांच देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और भारत इनके साथ शांति, समृद्धि का एक समन्वित दृष्टिकोण साझा करता है।

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भारत का खूबसूरत क्षेत्र कोडाईकनाल।(Unsplash)

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर है। यह समुद्र तल 2133 मी. की ऊंचाई पर पिलानी नामक पहाड़ पे बसा हैं। ये अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से सब को मनमोहित कर देता है । खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता हैं। यहां पर घूमने का मजा तब बढ़ जाता है, जब मानसून दस्तक देता है, क्योंकि इस समय यहां के झरने वादियां और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां कुरिंजी नामक एक फूल है जो कि 12 वर्षों में खिलता है, जिससे यहां की पहाड़ियों में सुंदरता और निखरती है और इसकी महक मदहोश कर देने वाली होती है। कोडाईकनाल में प्रकृति की सुंदरता अपने तमाम रूपों में नजर आती है। विशाल चट्टान , शांत झील ,फलों के बगीचे और यहां के हरे भरे दृश्य अपनी सुंदरता की कहानियां व्यक्त करते हैं। मानसून में यह जगह जन्नत सी नजर आती है। यहां पर लोग पिकनिक मनाने , घूमने फिरने , या हनीमून के लिए आते हैं।

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