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स्वदेशी और स्वच्छता होगी चौरीचौरा शताब्दी समारोह की थीम : मुख्यमंत्री योगी

चौरीचौरा शताब्दी समारोह आयोजन को लेकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय आयोजन समिति की पहली बैठक राजभवन के गांधी सभागर में हुई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य मंत्रियों व विपक्ष के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बैठक में शताब्दी वर्ष से जुड़े सुझाव भी उनसे लिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल

 चौरीचौरा शताब्दी समारोह आयोजन को लेकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय आयोजन समिति की पहली बैठक राजभवन के गांधी सभागर में हुई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य मंत्रियों व विपक्ष के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बैठक में शताब्दी वर्ष से जुड़े सुझाव भी उनसे लिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल को जानकारी दी कि 4 फरवरी से पूरे एक साल तक चौरीचौरा शताब्दी समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाएगा। इस दौरान चौरीचौरा शताब्दी समारोह का लोगो भी जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शताब्दी समारोह का प्रचार-प्रसार ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर किया जाए। समारोह के अंतर्गत वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों के आयोजन के बाबत एक कार्ययोजना बनाई जा रही है। चौराचौरी शताब्दी समारोह के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी एक राज्यस्तरीय कार्यकारी समिति भी गठित हुई है।

राज्यस्तरीय कार्यकारी समिति में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, विधानमंडल विभिन्न दलों के नेता सदन, स्थानीय सांसद, विधायक सहित अन्य सदस्यों को रखा गया है। चौरीचौरा शताब्दी समारोह के अवसर पर सभी जिलों में शहीद स्मारक स्थलों पर पुलिस बैंड के साथ शहीदों को सलामी दी जाएगी। इसके बाद अन्य कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

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शताब्दी समारोह का लोगो चौरीचौरा स्मारक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस अवसर पर संचार मंत्रालय, भारत सरकार से पत्र व्यवहार कर डाक टिकट जारी करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शहीदों पर उच्च स्तर के शोध भी कराए जाने की बात कही, ताकि युवा पीढ़ी भी उनकी वीर गाथाओं से रूबरू हो सके। उनसे प्रेरणा ले सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौरीचौरा शताब्दी समारोह तथा आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की थीम स्वदेशी, स्वावलम्बन और स्वच्छता पर आधारित होगी। कार्यक्रमों में खादी के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने से संबंधित आयोजन किए जाएंगे।

इसमें स्वावलम्बन से जुड़े स्थानीय और विशिष्ट उत्पादों से सम्बन्धित कार्यक्रम आयोजित होंगे। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, विभिन्न जनपदों के कृषि एवं बागवानी से जुड़े विशिष्ट उत्पादों यथा गुड़, काला नमक चावल, केला, आंवला सहित आर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने के संबंध में कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयोजन के साथ महिला स्वयंसहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। (आईएएनएस )

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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