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धोनी का विश्वकप में मेंटर के रूप में होना काफी फायदेमंद  : बीसीसीआई

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के करीब एक साल बाद , अगले महीने एक बार फिर भारतीय नीली जर्सी पहने नजर आएंगे।

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े दिग्गज पूर्व कप्तान और पूर्व विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (wikimedia commons)

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े दिग्गज पूर्व कप्तान और पूर्व विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के करीब एक साल बाद , अगले महीने एक बार फिर भारतीय नीली जर्सी पहने नजर आएंगे। हालांकि इस बार वह एक अलग भूमिका में दिखेंगे। दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान को टी 20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया के लिए मेंटर के रूप में नामित किया गया यह बीसीसीआई द्वारा टीम की घोषणा के बाद यह फ़ैसला लिया गया ।

धोनी के शामिल होने पर बात करते हुए बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने मंगलवार को कहा कि शिविर में दिग्गज की मौजूदगी से भारतीय क्रिकेट टीम को निश्चित रूप से फायदा होगा।आईसीसी विश्व कप के लिए टीम के मेंटर के रूप में उनका होना वास्तव में बहुत अच्छा रिकॉर्ड हैं , साथ ही उन्होंने धोनी के बारे में आगे कहा कि , "धोनी एक महान कप्तान रहे हैं। उनकी कप्तानी में, भारत ने टी20 2007 विश्व कप, 2010 और 2016 एशिया कप, 2011 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। रिकॉर्ड अद्भुत हैं।

उन्हें लाने का मतलब किसी को कमतर आंकना नहीं है, टीम में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा और सम्मान है, और उन्होंने भी शानदार काम किया है। यह सब बाते धूमल ने इंडिया अहेड से कही।


mahendra singh dhoni दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (wikimedia commons)

आप को बता दे कि मूल रूप से भारत देश में टी 20 क्रिकेट विश्व कप 2020 में होने वाला था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण इसे निलंबित कर दिया गया था और भारत के बजाय, यह संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में कुल चार स्थानों, मस्कट, दुबई, अबू धाबी और शारजाह में होगा।

यह भी पढ़ें : स्टेन : टीम का नेतृत्व करने में दबाव होता है आईपीएल मे

धूमल से आगे यह पूछे जाने पर कि क्या विराट कोहली का टी20 कप्तानी से हटने का फैसला उनका खुद का था या बीसीसीआई ने उन्हें मजबूर किया, इस पर धूमल ने कहा, "बोर्ड ने उन्हें पद छोड़ने के लिए नहीं कहा। यह विराट का अपना फैसला था। हम उनसे ऐसा करने के लिए क्यों कहेंगे। वह बहुत अच्छा काम कर रहे थे।"(आईएएनएस-PS)

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से चलाई जा रही है कृषि उड़ान 2.O योजना(Wikimedia commons)

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को कृषि उड़ान 2.0' योजना का शुभारंभ करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि 'कृषि उड़ान 2जेड.0' आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को दूर कर किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करेगी। यह योजना हवाई परिवहन द्वारा कृषि-उत्पाद की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव करती है।

सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने कहा, "यह योजना कृषि क्षेत्र के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी और आपूर्ति श्रृंखला, रसद और कृषि उपज के परिवहन में बाधाओं को दूर करके किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी। क्षेत्रों (कृषि और विमानन) के बीच अभिसरण तीन प्राथमिक कारणों से संभव है - भविष्य में विमान के लिए जैव ईंधन का विकासवादी संभावित उपयोग, कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग और योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादों का एकीकरण और मूल्य प्राप्ति।"

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चंदा बंद सत्याग्रह जिसे No List No Donation के नाम से भी जाना जाता है। (File Photo)

सत्याग्रह का सामन्य अर्थ होता है "सत्य का आग्रह।" सर्वप्रथम इसका प्रयोग महात्मा गांधी द्वारा किया गया था। उन्होंने भारत में कई आंदोलन चलाए, जिनमें चंपारण, बारदोली, खेड़ा सत्याग्रह आदि प्रमुख। हैं। सत्याग्रह स्वराज प्राप्त करने और सामाजिक संघर्षों को मिटाने का एक नैतिक और राजनीतिक अस्त्र है। आज हम ऐसे ही एक सत्याग्रह की बात करेंगे जिसे गांधी जी से प्रेणा लेकर शुरू किया गया था।

"चंदा बंद सत्याग्रह" जिसे No List No Donation के नाम से भी जाना जाता है। यह आम आदमी पार्टी के विरुद्ध एक अमरीकी डॉक्टर वह NRI सेल के सह-संयोजक डॉ. मुनीश रायजादा द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था। डॉ. मुनीश जब आम आदमी पार्टी से जुड़े थे, तब उन्हें पार्टी के NRI सेल का सह-संयोजक नियुक्त किया गया था।

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वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है।(Pixabay)

कोरोना काल में जब सब कुछ बंद चल रहा था । झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व(Palamu Tiger Reserve) में कोरोना काल के दौरान सैलानियों और स्थानीय लोगों का प्रवेश रोका गया तो यहां जानवरों की आमद बढ़ गयी। इस वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है। आप को बता दे कि लगभग एक दशक के बाद यहां हिरण की विलुप्तप्राय प्रजाति चौसिंगा की भी आमद हुई है। इसे लेकर परियोजना के पदाधिकारी उत्साहित हैं। पलामू टाइगर प्रोजेक्ट(Palamu Tiger Reserve) के फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लोगों का आवागमन कम होने जानवरों को ज्यादा सुरक्षित और अनुकूल स्पेस हासिल हुआ और इसी का नतीजा है कि अब इस परियोजना क्षेत्र में उनका परिवार पहले की तुलना में बड़ा हो गया है।

पिछले हफ्ते इस टाइगर रिजर्व(Palamu Tiger Reserve) के महुआडांड़ में हिरण की विलुप्तप्राय प्रजाति चौसिंगा के एक परिवार की आमद हुई है। फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष के मुताबिक एक जोड़ा नर-मादा चौसिंगा और उनका एक बच्चा ग्रामीण आबादी वाले इलाके में पहुंच गया था, जिसे हमारी टीम ने रेस्क्यू कर एक कैंप में रखा है। चार सिंगों वाला यह हिरण देश के सुरक्षित वन प्रक्षेत्रों में बहुत कम संख्या में है।

Palamu Tiger Reserve वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है।(Unsplash)

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