Saturday, July 24, 2021
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Tag: इतिहास

कोलकाता से जर्मनी ‘पलायन’ के लिए नेताजी ने ली थी इस कार की मदद

 कृतज्ञ राष्ट्र आज स्वाधीनता संग्राम के वीर सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती धूमधाम से मना रहा है। कोलकाता के...

Subhas Chandra Bose Jayanti 2021: गुमनामी बाबा की पहेली अभी भी अनसुलझी

इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ है कि किसी नेता के निधन के आधी सदी बीत जाने के बाद भी उनके...

एक गिरफ़्तारी जिसने जन्मा क्रांति का आक्रोश

रोबिन हुड के विषय में सबने पढ़ा होगा, और अधिकांश युवाओं ने उनकी कहानी को अपना प्रेरणा स्रोत भी बना लिया होगा। किन्तु दुर्भाग्य...

Subhas Chandra Bose Jayanti 2021: पढ़िए नेताजी के अंग्रेजों के चंगुल से भाग निकलने की गाथा

By – सौधृति भवानी वर्ष 1941 में 44 वर्षीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) को दक्षिण कोलकाता में...

फतेहपुर सिकरी में मिली मुगलकालीन पानी की टंकी

आगरा में फव्वारे के साथ एक पानी की टंकी मिली है जो, 16वीं शताब्दी के मुगल युग की बताई जा रही है।...

भारत बनने की कहानी का ऐतिहासिक दस्तावेज है Sandeep Bamzai की किताब ‘Princestan’

By – अरविंद मालगुड़ी भारत की आजादी के बाद भारत बनने की कहानी पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं। इनमें...

प्रवासी कश्मीरी पंडितों को अब भी डराता है जनवरी 1990 का खौफनाक समय

By – शेख कयूम जनवरी 1990 में उस भयानक रात के बाद श्रीनगर में अपना घर छोड़ने के बाद अनेक कश्मीरी...

माँ मुंडेश्वरी मंदिर में होते हैं कुछ अनोखे चमत्कार जिसे जानकर आप रह जाएंगे दंग

भारत विविधताओं और अचंभित कर देने वाले कथाओं और स्थलों से घिरा हुआ है। यह एक ऐसा देश है जहाँ मंदिरों और...

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जीवन के हर पग आवश्यक है एक गुरु की सहायता

सनातन वेदों में कहा गया है कि गुरु ब्रह्म हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु महेश भी हैं। जीवन में गुरु नामक आभूषण...

कुलभूषण खरबंदा: ‘जेम्स बॉन्ड’ से अन्स्र्ट स्टावरो ब्लोफेल्ड की भूमिका से प्रेरित था शाकाल

76 वर्षीय अभिनेता ने कहा, "जब हम कैमरों से शूट करते हैं, तो हम दर्शकों को बेवकूफ नहीं बना सकते। कैमरा हर मिनट की डिटेल कैप्चर करता है। इसलिए, मुझे चरित्र में फिट होने के लिए अपना सिर मुंडवाना पड़ा।

आयुष्मान को सबसे बड़ा अफसोस किशोर कुमार से मिल न पाने का

आयुष्मान ने कहा कि किशोर कुमार सिर्फ एक किंवदंती और एक आइकन नहीं हैं, वह एक संस्था हैं। वह हमेशा मेरे लिए प्रेरणा की किरण रहे हैं

श्रीजेश : युवाओं को लगातार सीनियरों की ड्यूटी के लिए प्रेरित कर रहे हैं

श्रीजेश ने कहा, "जब मैंने पहली बार भारतीय जर्सी पहनी तो मुझे याद है कि मेरे सीनियरों ने मुझसे कहा था कि अगर तुम गलती करोगे तो तुम्हें क्लब या राज्य स्तर पर ही खेलना पड़ेगा। भारतीय जर्सी पहनने से बड़ी जिम्मेदारी आती है।"