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लव जिहाद ,धर्मांतरण में ईसाई सबसे आगे : सहयोगी एनडीए नेता

एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।


उन्होनें आगे कहा कि जब एक ईसाई महिला मुस्लिम धर्म के पक्ष में जाती है, तो अन्य समुदायों की सौ महिलाओं की शादी ईसाइयों से होती है। कोई क्यों नहीं बोल रहा है? इसके बारे में । ईसाई लोग महिलाओं से शादी कर रहे हैं। धर्म परिवर्तन में लगे देश का सबसे बड़ा समूह है, ईसाई। मुसलमान उस पैमाने पर, धर्मांतरण नहीं करते हैं। आगे बयान देते हुए उन्होनें नें कहा कि जब लव जिहाद होता है , तो इसमें केवल एक ईसाई महिला को मुस्लिम समुदाय में ले जाया जाता है। जबकि धर्मांतरण में एक पूरा परिवार ईसाई धर्म में जा रहा है।लव जिहाद और धर्मांतरण के बारे में बात करे तो , निस्संदेह ईसाई सबसे आगे हैं ।


कैथोलिक दैनिक दीपिका से जुड़े वरिष्ठ कैथोलिक पादरी रॉय कन्ननचिरा ने शनिवार को शिक्षकों को एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया था कि कैथोलिक महिलाओं को प्रेम विवाह में फंसाने के लिए हिंदू युवाओं को रणनीतिक रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। इसके बाद कन्ननचिरा ने माफी मांगते हुए दावा किया कि उनका इरादा किसी समुदाय धर्म को चोट पहुंचाने का नहीं था।

इन दावों ने केरल में एक बड़ी बहस छेड़ दी थी कि जब पिछले सप्ताह, कैथोलिक बिशप जोसेफ कल्लारंगट ने आरोप लगाते हुए कहा था कि गैर-मुसलमानों को लक्षित करने के लिए "लव जिहाद" के साथ-साथ "मादक जिहाद" भी है।

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इन सब घटनाक्रम के बीच में , विपक्षी नेता वी डी सतीसन ने सांस्कृतिक नेताओं और कलाकारों को पत्र लिखकर केरल में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग भी की है।

Edited By: Pramil Sharma

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वानर राजा सुन वुखोंग की छवि वानर देवता हनुमान की जैसी है। सुन वुखोंग भी एक वानर देवता हैं, और उनके हाथ में भी एक बहुत शक्तिशाली छड़ी यानी गदा है। सुन वुखोंग एक क्षण में हजारों नदियों और पहाड़ों को तुरंत पार कर सकते हैं, और विभिन्न रूप भी धारण कर सकते हैं। सुन वुखोंग और हनुमान के बीच व्यापक समानता के कारण चीन के प्रसिद्ध विद्वान ची श्यैनलीन ने यह सत्यापित किया कि चीन के वानर राजा सुन वुखोंग का प्रोटोटाइप वास्तव में बौद्ध किंवदंतियों के माध्यम से भारत के हनुमान से आया है। या कम से कम इन दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध मौजूद रहे हैं। लेकिन उपन्यास पश्चिम की तीर्थ यात्रा की वजह से चीन में ह्वेन त्सांग की तुलना में लोग वानर राजा सुन वुखोंग से अधिक परिचित हैं, और फिल्मों और टीवी सीरीज के प्रभाव के कारण, पश्चिमी देशों में भी मंकी किंग काफी जाने जाते हैं।

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