Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

अश्वगंधा के पत्तों पर जांच करेगा आयुष मंत्रालय

आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (एएसयू) दवाओं में अश्वगंधा(विथानिया सोम्निफेरा) पत्तियों के उपयोग से संबंधित मामले की फिर से जांच कराने का फैसला किया है।

अश्वगंधा के पत्तों पर जांच करेगा आयुष मंत्रालय(Twitter)

अपको याद होगा आयुष मंत्रालय(ayush ministry) ने पहले एएसयू(AASU) दवा निमार्ताओं को अश्वगंधा (विथानिया सोम्निफेरा) के पत्तों के उपयोग से परहेज करने का निर्देश दिया था और कहा था कि कच्ची दवा या अश्वगंधा(ashwagandha) के अर्क की प्रभावकारिता का समर्थन करने के लिए कोई पर्याप्त सबूत और साहित्य उपलब्ध नहीं है। लेकिन अब फिर से आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (एएसयू) दवाओं में अश्वगंधा-विथानिया सोम्निफेरा-पत्तियों के उपयोग से संबंधित मामले की फिर से जांच कराने का फैसला किया है।

मंत्रालय(ayush ministry) ने सभी एएसयू ड्रग मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशनों को एक एडवाइजरी भी जारी की, जिसमें क्रूड ड्रग/एक्सट्रैक्ट्स, सेलर्स, एएसयू ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों, एएसयू ड्रग एक्सपोर्टर्स के निमार्ताओं से विथानिया सोम्निफेरा के पत्तों का इस्तेमाल क्रूड या एक्सट्रैक्ट या चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए किसी अन्य रूप में नहीं करने की मांग की गई।


एएसयू दवाओं के दायरे में मंत्रालय(ayush mministry) ने कहा था, "क्रूड ड्रग/विथानिया सोम्निफेरा पत्तियों के अर्क की प्रभावकारिता का समर्थन करने के लिए कोई पर्याप्त सबूत और साहित्य उपलब्ध नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए, इस स्तर पर विथानिया सोम्निफेरा के पत्तों को एएसयू दवा के रूप में मानना उचित परामर्श नहीं होगा।"

यह भी पढ़े - 26/11 आतंकी हमले के वक्त पाकिस्तान में मौजूद थे गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी!

हालांकि, उद्योग के हस्तक्षेप के बाद आयुष मंत्रालय(Ayush Ministry) ने हितधारकों को एएसयू उत्पादों में अश्वगंधा(ashwagandha) के पत्तों के उपयोग के बारे में अपनी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया। एएसयू उद्योग भागीदारों के साथ चर्चा के बाद आयुष मंत्रालय ने अश्वगंधाके पत्तों के उपयोग से परहेज करने के लिए दवा निर्माताओं को जारी की गई सलाह की फिर से जांच करने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन करने का निर्णय लिया है। समूह वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर एएसयू उत्पादों में अश्वगंधा के पत्तों और अश्वगंधा के पंचांग के उपयोग पर केंद्र को उचित सिफारिशें करेगा।

input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें/

Popular

 भारत और बांग्लादेश ने साझेदारी को और मजबूत करने और बहुआयामी सहयोग का विस्तार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है, और दोनों देशों में कोविड के परिद्रश्य में सुधार के तुरंत बाद विभिन्न संयुक्त तंत्रों पर गतिविधियों को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमेन और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय संपर्क, कोविड-19 और दोनों देशों में टीकाकरण की स्थिति सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने बैठक के दौरान खुशी व्यक्त की क्योंकि बांग्लादेश को टीकाकरण की आपूर्ति विविध बाहरी स्रोतों से वापस पटरी पर आ गई है, जिसमें कोवैक्स व्यवस्था भी शामिल है।

बांग्लादेश का झंडा सांकेतिक इमेज ( pixabay)

Keep Reading Show less

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को लोगों से एप स्टोर्स पर उपलब्ध ‘को-विन’ नाम के कई फर्जी एप्लीकेशंस डाउनलोड या रजिस्टर नहीं करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा, “कुछ असमाजिक तत्वों ने सरकार के आगामी ‘को-विन’ एप्स के आधिकारिक प्लेटफार्म के समान एप का निर्माण किया है, जो एप स्टोर्स पर उपलब्ध है।”

मंत्रालय ने कहा, “इसे डाउनलोड न करें या इसपर निजी जानकारी साझा न करें। एमओएचएफडब्ल्यू आधिकारिक मंच को इसके लॉन्च पर पर्याप्त रूप से प्रचारित किया जाएगा।” ‘शार्ट फॉर कोविड वैक्सीन इंटिलिजेंस नेटवर्क’ एपलीकेशन यानि को-विन एप का उपयोग टीककारण अभियान के प्रबंधन के लिए किया जाएगा, जिसे जल्द ही देश के समक्ष लाया जाएगा।

Keep Reading Show less