Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

भारत :द्विपक्षीय संबंधों पर डाल सकता है असर​ , चीन का नया सीमा कानून चिंता का विषय

भारत नेकहा कि भूमि सीमा कानून लाने के चीन के ताजा एकतरफा फैसले का सीमा प्रबंधन पर मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता हैं।

भारत ने कहा कि चीन का नया सीमा कानून चिंता का विषय(pixabay)

भारत ने बुधवार को कहा कि भूमि सीमा कानून (लैंड बाउंड्री लॉ) लाने के चीन के ताजा एकतरफा फैसले का सीमा प्रबंधन पर मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। चीन के भूमि सीमा कानून पर मीडिया के सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय (एमईए) के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "हमें यह जानकारी है कि चीन ने 23 अक्टूबर को नया भूमि सीमा कानून पारित किया है। इस कानून में अन्य बातों के अलावा यह कहा गया है कि भूमि सीमा मामलों पर चीन दूसरे देशों के साथ किए या संयुक्त रूप से स्वीकार किए समझौतों का पालन करेगा। इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में जिलों के पुनर्गठन के प्रावधान भी हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत और चीन ने सीमा संबंधी प्रश्नों का अभी तक समाधान नहीं निकाला है और दोनों पक्षों ने समानता पर आधारित विचार विमर्श के आधार पर निष्पक्ष, व्यावहारिक और एक दूसरे को स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की है।

INDIA चीन के नए भूमि सीमा नियम को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एकतरफा फैसला करार दीया।(Pixabay )




उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अमन और शांति बनाए रखने के लिए कई द्विपक्षीय समझौते, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाएं कर चुके हैं।

चीन के नए भूमि सीमा नियम को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एकतरफा फैसला करार देते हुए कहा कि एक ऐसा कानून लाने का चीन का एकतरफा निर्णय, जो सीमा प्रबंधन के साथ-साथ सीमा से संबंधित मुद्दों पर हमारी मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्थाओं पर प्रभाव डाल सकता है, हमारे लिए चिंता का विषय है।

मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के एकतरफा कदम का उन व्यवस्थाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिन पर दोनों पक्ष पहले ही सहमत हो चुके हैं, फिर चाहे वह सीमा से संबंधित मामलों पर हो या भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति बनाए रखने के लिए हो।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि चीन इस कानून के बहाने ऐसे कदम उठाने से बचेगा, जो भारत और चीन के बीच सीमा क्षेत्रों में स्थिति को एकतरफा रूप से बदल सकते हैं और तनाव पैदा कर सकते हैं।"

यह भी पढ़ें:भारतीय मूल की अनीता आनंद बनीं कनाडा की पहली हिंदू कैबिनेट मंत्री

उन्होंने कहा, "इसके अलावा, इस नए कानून का पारित होना हमारे विचार में 1963 के तथाकथित चीन पाकिस्तान 'सीमा समझौते' को कोई वैधता प्रदान नहीं करता है, जिसे भारत सरकार ने हमेशा से ही एक अवैध और अमान्य समझौता करार दिया है।"(आईएएनएस-PS)

Popular

By : अरुल लुईस

आतंकवाद को समर्थन देने और आतंकवादियों को पनाह देने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा है। उन्होंने आतंकवाद जैसे वैश्विक संकट से निपटने के लिए आठ सूत्रीय योजना लॉन्च की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में मंगलवार को अपने भाषण से पहले, ट्यूनीशिया के विदेश मंत्री ओथमैन जेरांडी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक सर्वसम्मति बयान जारी किया जिसमें सभी राष्ट्रों के दायित्व को ‘आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और दबाने के लिए’ और आतंवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई को मजबूत करने की आवश्यकता की पुष्टि की गई।” बैठक का आयोजन ट्यूनीशिया ने किया था।

Keep Reading Show less

By : अनिल आजाद पांडेय

चीन की राजधानी पेइचिंग में 9 जनवरी को 16वां प्रवासी भारतीय दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान दूतावास के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में हुए आयोजन में भारतीय समुदाय के तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (डीसीएम) एक्विनो विमल ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान पेश आयी चुनौतियों और सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने भारतीय समुदाय द्वारा मुसीबत की इस घड़ी में सक्रियता से एक-दूसरे के साथ जुड़े रहने के लिए आभार जताया।

Keep Reading Show less