Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

नवजात के लिए माँ के दूध से कोविड संक्रमण का नही है कोई खतरा

भारत मे कोरोना के नए मामले तेजी से फैल रहे हैं। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी साझा की है।

नवजात के लिए माँ के दूध से कोविड संक्रमण का नही है कोई खतरा ( Pixabay )


भारत मे कोरोना के नए मामले तेजी से फैल रहे हैं। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी साझा की है। गर्भवती महिलाएं कैसे स्वयं के साथ साथ अपने अपने बच्चों को सुरक्षित रखें इस विषय पर डॉक्टरों ने कई सुझाव दिए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ( केजीएमयू ) की स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ डॉ.सुजाता देव का कहना है की कोरोना का नया वैरियंट तेजी से फैल रहा है लेकिन यह उतना घातक नही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के पहली एवं दुसरी लहर के बाद गर्भवती महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है। कोरोना के बढ़ते मामले के बीच गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने का मुहिम जारी है। वैक्सीनेशन से गर्भवती महिलाओं को एक बड़ा सुरक्षा कवच मिला है औऱ आगे उन्होंने कहा कि नवजात के लिए माँ के दूध से कोविड के फैलने का कोई खतरा नही है।

वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति दुबे जो कि अपोलो हॉस्पिटल नवी मुंबई में कार्यरत है उन्होंने एक सवाल "कोविड के लक्षण है तो क्या करें" पर जवाब देते हुए कहा कि दूध पिलाने वाली मां के अलावा हर किसी को इस बात का गाँठ बांध लेना चाहिए कि संक्रमण सिर्फ ड्राप्लेट (मुंह और नाक से सांस लेने,खांसने,छीकने या थूकने के दौरान निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदें ) से फैलता है। माँ के दूध से बच्चों में संक्रमण का खतरा महज एक अपवाद है।


Corona, newborn, omicron, helth, \u0938\u094d\u0935\u093e\u0938\u094d\u0925\u094d\u092f, कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर के बाद टीकारण के प्रति गर्भवती महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है ( Pixabay )

उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि महिलाएं जो संक्रमित है और जिस कमरे में वह आइसोलेट हैं उस कमरे से अपने बच्चे को हर सम्भव अलग रखने की कोशिश करें। उन्होंने बताया कि अपने कमरे में ब्रेस्ट पंप से दूध निकालकर जो उनके बच्चे की देखभाल कर रहे उसको बच्चे को पिलाने के लिए दें। उन्होंने बताया कि दूध निकालने से पहले ब्रेस्ट पंप को बेहतर तरीके से सैनिटाइज जरूर करें।उन्होंने कहा यदि किसी महिला में संक्रमण का कोई लक्षण नही है तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने बच्चों को अपने साथ रख सकती है। कोविड नियमों का पालन करते हुए अपने बच्चे को खुद से दो मीटर की दूरी पर रखें और हर बार दूध पिलाने से पहले अपने हाथ जरूर धुलें। हर समय सही ढंग से मास्क लगाकर रखें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि कोरोना के दौरान भी महिलाओं को बच्चों को दूध पिलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यह दोनों के लिए लाभकारी है।

यह भी पढ़े - विश्व में 99 फीसद कोरोना मामलों के पीछे डेल्टा वैरिएंट- विश्व स्वास्थ्य संगठन

डॉ. तृप्ति दुबे ने बताया कि गर्भावस्था में महिलाओं को सांस से सम्बंधित समस्याएं अधिक होती है इस अवस्था मे गर्भवती महिलाएं सांस से संबंधी संस्तुत मेडीकेशन नही कर सकती है ऐसी महिलाओं के ईलाज में यह एक गंभीर समस्या है। उन्होंने बताया कि टिका लगवाने का सबसे बढ़िया समय गर्भावस्था के तीन महीने के बाद का होता है।

Input - IANS; Edited by Abhay Sharma

Popular

सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान दुनिया के महान खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कर रहे हैं (Wikimedia Commons)

सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान दुनिया के महान खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह ये है कि छेत्री दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में टॉप गोल करने वालों की सूची में लियोनेल मेस्सी से सिर्फ एक गोल दूर है। इस बड़ी कामयाबी पर छेत्री का कहना है कि यह एक असाधारण अहसास है और नौवें स्थान पर पहुंचना बड़ी बात है इस तरह की उपलब्धि हासिल करने के बाद । हालांकि, भारत के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि वह शीर्ष स्कोररों की सूची में पेले को पछाड़ने को ज्यादा महत्व नहीं देंगे। उनका कहना हैं कि इसके बजाय वो अपने बेहतरीन प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहेंगे चाहे वह अपने देश की तरफ से खेले या किसी क्लब की तरफ खेले।

आप को बता दे किभारत के कप्तान छेत्री ने बुधवार को माले में मेजबान मालदीव के खिलाफ 3-1 से जीत में एसएएफएफ चैंपियनशिप में अपने 124 वें मैच में 78वें और 79वें गोल के साथ पेले (77) और हुसैन सईद (78 गोल) को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाया। वह अब जाम्बिया के गॉडफ्रे चितालु के साथ 79 गोल के साथ बराबरी पर हैं। इस सूची में संयुक्त छठें स्थान पर हैं। अब उनसे आगे सिर्फ मेस्सी (80 गोल), फेरेंक पुस्कास (एचयूएन, ईएसपी) 84 गोल, मोख्तार दहती (एमएएस) 89 गोल, अली डेई (आईआरएन) 109 गोल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पीओआर) 115 के साथ सूची में शीर्ष पर हैं।

इस सूची में अपने नाम को देखकर छेत्री काफी खुश है इस बारे में उन्होंने कहा कि पेले या अन्य महान खिलाड़ी एक-दूसरे की उपलब्धियों की तुलना करने के लिए बहुत अलग थे।

छेत्री ने गुरुवार को पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान पेले के खेल के फुटेज को देखने की अपनी याद के बारे में कहा कि अफसोस की बात है कि मेरे पास देखने के लिए महान व्यक्ति के अधिक फुटेज नहीं थे। लेकिन जो कुछ भी मैं देख सकता था, वह (पेले) कोई ऐसा व्यक्ति था जो बहुत गतिशील था, उस समय उनका टैकल बहुत शक्तिशाली था। वह फुटबॉल खेलने के साथ शारीरिक तौर पर बहुत अधिक मेनहती और क्रूर होना होकर गोल करना उस युग एक असाधारण उपलब्धि थी। महान ब्राजीलियाई खिलाड़ी ब्राजील से आगे निकलने के बारे में छेत्री ने कहा कि वह इस उपलब्धि के बारे में कुछ भी महसूस नहीं करते हैं।

\u092a\u0947\u0932\u0947 महान ब्राजीलियाई फुटबाल खिलाड़ी पेले (Wikimedia Commons)

Keep Reading Show less