Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

रसायन मुक्त उर्वरकों की उपयोगिता के बारे में किसानों को करें जागरूक: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वारणशी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत की।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा के बाद कार्यकर्तओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला सवांद कार्यक्रम (Wikimedia Commons)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वारणशी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि "उन्हें किसानों को रसायन मुक्त उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए।"

नमो ऐप के जरिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान बताया कि नमो ऐप में 'कमल पुष्प" नाम से एक बहुत ही उपयोगी एवं दिलचस्प सेक्शन है जो आपको प्रेरक पार्टी कार्यकर्ताओं के बारे में जानने और अपने विचारों को साझा करने का अवसर देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमो ऐप के सेक्शन 'कमल पुष्प' में लोगों को योगदान देने के लिए आग्रह किया। उन्होंने बताया की इसकी कुछ विशेषतायें पार्टी सदस्यों को प्रेरित करती है।


Chemical Free fertilizer,  Election2022, prime minister, uttar pradesh, प्रधान मंत्री ने कार्यकर्ताओं से किसानों को रसायन मुक्त उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूक करने का किया आह्वान (Pixabay)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान महिला सशक्तिकरण, विश्वनाथ धाम गलियारे की बहाली, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य विकास समेत कई अन्य मुद्दों पर बात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भाजपा के विशेष लघुदान अभियान के बारे में बात की और पार्टी के सदस्यों के साथ साथ लोगों को लघु योगदान के माध्यम से धन जुटाने के लिए आग्रह किया । प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि वें किसानों तक सरकार के लाभकारी योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास करें। किसानों को सरकार के कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की कई योजनाओं के बारे में चर्चा की जो कि काशी के अधिकांश लोगों को लाभान्वित कर रही है।

यह भी पढ़ें: UP Election 2022 के पहले पार्टियों का पोस्टर युद्ध शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तकरीबन 10000 भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत शुरु कर दी है। चूनावी घोषणा के बाद कार्यकर्तओं के साथ प्रधानमंत्री का यह पहला सवांद कार्यक्रम था।
भारीतय चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन अब चुनाव आयोग ने प्रतिबंध की तारीख़ 15 जनवरी से बढ़ा कर 22 जनवरी तक कर दिया है।

IANS; Edited by: Abhay Sharma

Popular

पूस-माघ की कांपती रात में, सर्दियों के जाने की खुशी और लहलहाते फसलों की कटाई शुरू होने से पहले उत्तर भारत के ज़्यादा तर हिस्सों में 13 जनवरी को लोहड़ी (Lohri) मनाई जाती है। यह पर्व पंजाब के दिल में विशेष स्थान रखता है। लोग लकड़ियों में आगा लगा कर, लोक गीत गाते हुए अग्नि के चारों ओर भांगड़ा या गिद्दा नृत्य करते हैं।

उसके अगले ही दिन मकर संक्रांति के आगमन से आसमान के सीने पर पतंगें टिमटिमाने लगती हैं। इस वर्ष 14 जनवरी को देश भर में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) मनाई जा रही है। इन त्योहारों से जुड़ी कई धार्मिक और अन्य रोचक कहानियां हैं। आइए कुछ ऐसी ही कहानियों पर एक नज़र डालते हैं।

Keep Reading Show less

 उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अपने 30 महीने का वेतन दे दिया है। यह राशि शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को सौंपी गई।

पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने कहा, “मैं सबसे पहले एक राम भक्त हूं, फिर जाकर राज्य का उप-मुख्यमंत्री हूं।” उप-मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण के लिए राज्य के पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों की तरफ से 1.10 करोड़ रुपये का एक चेक भी सौंपा।

यह भी पढ़ें : NEAT Kargil 2021 : “कारगिल की खूबसूरती देखने पर लोग विदेश जाना भूल जाएंगे”

Keep Reading Show less

वीर हनुमान इंडिया में बहुत लोकप्रिय हैं और उनका यह चित्र हर जगह दिखता है जिसमें हनुमान जी अपनी छाती चीर कर दूसरों को दिखाते हैं, कि उनके दिल में जो विद्यमान हैं वह भगवान राम ही हैं। पर शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि चीन में भी एक वानर देवता हैं सुन वुखोंग, वह ह्वेन त्सांग के साथ बौद्ध ग्रंथ सीखने के लिए अनगिनत कष्ट सहते हुए भारत पहुंचे थे। यहां जो चर्चित है कि वह है चीन के एक मशहूर प्राचीन उपन्यास पश्चिम की तीर्थ यात्रा के नायक मंकी किंग सुन वुखोंग। इस उपन्यास के वर्णन के अनुसार ह्वेन त्सांग अपने प्रशिक्षु मंकी किंग सुन वुखोंग आदि के साथ धर्मग्रंथों से सीखने के लिए महात्मा बुद्ध के पवित्र पर्वत गए थे। लेकिन पश्चिम यात्रा के रास्ते में ह्वेन त्सांग के बजाय मंकी किंग सुन वुखोंग ने राक्षसों के साथ संघर्ष में अपनी वीरता और उत्कृष्टता दिखाई। उधर दानव को मारते समय ह्वेन त्सांग की अक्सर मूर्खता और कायरता साबित हुई। इस तरह वानर राजा सुन वुखोंग, जो इतिहास में कहीं भी मौजूद नहीं था, पश्चिम की यात्रा का सचमुच नायक बन गया।

यह भी पढ़ें : जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया अनूठा ट्विटर चैलेंज

वानर राजा सुन वुखोंग की छवि वानर देवता हनुमान की जैसी है। सुन वुखोंग भी एक वानर देवता हैं, और उनके हाथ में भी एक बहुत शक्तिशाली छड़ी यानी गदा है। सुन वुखोंग एक क्षण में हजारों नदियों और पहाड़ों को तुरंत पार कर सकते हैं, और विभिन्न रूप भी धारण कर सकते हैं। सुन वुखोंग और हनुमान के बीच व्यापक समानता के कारण चीन के प्रसिद्ध विद्वान ची श्यैनलीन ने यह सत्यापित किया कि चीन के वानर राजा सुन वुखोंग का प्रोटोटाइप वास्तव में बौद्ध किंवदंतियों के माध्यम से भारत के हनुमान से आया है। या कम से कम इन दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध मौजूद रहे हैं। लेकिन उपन्यास पश्चिम की तीर्थ यात्रा की वजह से चीन में ह्वेन त्सांग की तुलना में लोग वानर राजा सुन वुखोंग से अधिक परिचित हैं, और फिल्मों और टीवी सीरीज के प्रभाव के कारण, पश्चिमी देशों में भी मंकी किंग काफी जाने जाते हैं।

Keep reading... Show less