Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

'अल फैजान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का मालिक मोहम्मद फैज़ी करोड़ो ले कर फरार

बिजनौर में अल मुस्लिम फंड लिमिटेड का मालिक मोहहम्ब फ़ैज़ी खाताधारकों के द्वारा जमा नकदी ले कर फरार हो गया है। मामले में पुलिस ने लोगों के शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

अल फैज़ान मुस्लिम फंड के मालिक मोहम्मद फैज़ी ने की खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी (wikimedia commons)

बिजनौर के नगीना शहर में मोहल्ला लुहारी सराय में स्थित 'अल फैजान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का मालिक मोहम्मद फैज़ी खाताधारकों के साथ ठगी(Fraud) कर करोड़ो रुपए की नगदी के साथ सोने-चांदी जेवरात लेकर फरार हो गया है। पुलिस ने कई लोगों के शिकायत के बाद प्रबंधक मोहम्मद फ़ैज़ी और एक अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तमाम लोगों के शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'अल फैजान म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड' मोहल्ला लाल सराय नगीना के का संचालन के रहे मोहम्मद फैजी पुत्र अहमदुल्ला निवासी शाहजीर नगीना 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जाँच शुरू कर दी है। नगीना के मोहल्ला लाल सराय में स्थित 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का संचालन मोहम्मद फैज़ी बीते पांच साल से कर रहा था। खाताधारकों को बिना कोई सूचना दिए आरोपी मोहम्मद फैज़ी शाखा बन्द कर फरार हो गया।

Bijnor, bijnor police, Bank fraud अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड तले मोहम्मद फैज़ी ने खाताधारकों को लगाया चूना। करोड़ो ले कर फरार। ( Pixabay )

बता दें कि 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड' की शाखा में लोग प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन करते थे। ख़बर है की अल फैजान की शाखा में नगीना व आसपास के लोग के करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ सोने चांदी के जेवरात भी जमा करते थे। रोज की तरह जब लोग अल फैज़ान फंड लिमिटेड की शाखा में लेन देन के लिए पहुंचे तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के बाद भी शाखा बंद मिली। इसके बाद खाताधारकों को शक हुआ तो पता चला कि अल फैजान मुस्लिम फंड शाखा का संचालक मोहम्मद फैज़ी करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ खाताधारकों के शाखा में जमा सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर फरार हो गया। पुलिस की माने तो अब तक 170 से भी अधिक तहरीर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस खाताधारकों के हुए नुकसान की खोज बीन में जुट गई है ।


संस्था चला रहे आरोपी मोहम्मद फैज़ी ने गांवों से अधिक ग्राहकों को बटोरने के लिए कई एजेन्ट को भी नियुक्त किया था। इसके साथ ही आरोपी मोहम्मद फैज़ी ने फरार होने से पहले नगीना में अपने मौजूदा घर को गुपचुप तरीके से बेच दिया। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी मोहम्मद फ़ैज़ी ने कई करोड़ रुपये जमा किए होंगे।

यह भी पढ़ें - वर्षों से उत्पीड़न सह रहे हैं हिन्दू, जानिए हिंदुओं पर हुए अत्याचार की कहानी।

मुस्लिम समुदाय के लोग शरीयत को मानते हैं और शरीयत में जमा राशि पर ब्याज अर्जित करना या ब्याज देना गैर-इस्लामी होता है। इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोग बैंको में अपना पैसा जमा करने से भागते हैं और ब्याज मुक्त सुविधाओं को खोजते हैं। मुस्लिम समुदाय को यह सुविधाएं मुस्लिम फंड बैंक के के रूप में निजी संस्थान मुहैय्या कराती हैं। नगीना स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) कृष्णा मुरारी के अनुसार, "पुलिस ने आरोपी मोहम्मद फैजी और उसके साथी के खिलाफ सम्बंधित आईपीसी की धारा के तहत शिकायत दर्ज किया है।"

Various source; Edited By: Abhay Sharma

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

केजरीवाल-सिसोदिया पर 500 करोड़ रिश्वतखोरी का आरोप! Kumar Vishwas on Arvind Kejriwal | NewsGram youtu.be


Popular

कैट ने केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर स्पष्टीकरण माँगा है की, क्या नोटों से कोरोना फैल सकता है ? (Wikimedia Commons)

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आज सरकार को एक ज्ञापन भेजकर इस मामले में मुद्रा नोटों के माध्यम से कोविड के प्रसार के खतरों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। वहीं इस अहम मुद्दे पर सरकार की चुप्पी पर खेद जताते हुए सीएआईटी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) और आईसीएमआर के चेयरमैन डॉ. बलराम भार्गव(Balram Bhargav) से तत्काल स्पष्ट करने को कहा है कि नोट में वायरस है या नहीं। CAIT ने चिंता व्यक्त की कि देश भर में लाखों व्यवसायी हर दिन बड़ी संख्या में नोटों के संपर्क में आते हैं, ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नोट पर वायरस पाए गए हैं या नहीं।

कैट सरकार की चुप्पी से नाखुश

Keep Reading Show less

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (File Photo)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) ने शुक्रवार को कोरोनोवायरस(coronavirus) महामारी पर लोकसभा(Loksabha) में एक सवाल के जवाब में, कहा कि दो कोविड टीके (कोवैक्सीन और जायकोव-डी) भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किए गए और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण द्वारा विकसित अन्य कोविशील्ड को आपातकालीन उपयोग के लिए अप्रूव किया गया है।

उन्होंने(Mansukh Mandaviya) कहा कि कोविड(Covid 19) से पहले भारत एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटिलेटर जैसे कई उपकरणों का आयात करता था, लेकिन अब देश इनका निर्यातक बन गया है। साथ ही साथ मंडाविया ने सदन को बताया भारत दुनिया की 70 फीसदी कोविड वैक्सीन जरूरतों को पूरा कर रहा है।

Keep Reading Show less

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (File Photo)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) ने मंगलवार को राज्यसभा(Rajya Sabha) को बताया कि देश में अब तक ओमिक्रॉन(omicron) वेरिएंटका कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए यह बात कहीउन्होंने कहा कि देश में कोविड(Covid -19) की स्थिति नियंत्रण में है लेकिन इसे और फैलने से रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। अब तक पात्र आबादी को कुल 124 करोड़ टीकाकरण की खुराक दी जा चुकी है।

इससे पहले सुबह, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने नए कोविड वेरिएंट(covid variants) के सामने आने के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्यों को सलाह दी कि वे पॉजिटिव मामलों की शीघ्र पहचान और इसके प्रबंधन के लिए टेस्टिंग में तेजी लाएं। साथ ही, केंद्र ने 'हर घर दस्तक'(Har Ghar Dhastak) अभियान को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिसमें 100 प्रतिशत पहली खुराक प्रदान करने और जिन्हें दूसरी खुराक दी जानी है, उन पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। इसके अलावा केन्द्र ने राज्यों को शीघ्र पहचान और पर्याप्त स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए समय पर परीक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा गया है।

Keep reading... Show less