Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

भारत के पास है बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के उपाय

सांसद पूनम बेन मादाम और दीयाकुमारी के फोरम के 32वें सत्र को संबोधित किया और कहा कि भारत में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कड़े उपाय हैं।

आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में भारत की दिया कुमारी ने रखा भारत का पक्ष।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े मुद्दे पर भारतीय महिला संसदों के दल ने हिस्सा लिया। स्पेन के मैड्रिड में आईपीयू की 143वीं असेंबली के दौरान आयोजित महिला सांसद पूनम बेन मादाम और दीयाकुमारी के फोरम के 32वें सत्र को संबोधित किया।

इस दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि जहां सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसरों के नए रास्ते खोलती है, वहीं वे बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार सहित चुनौतियों, खतरों और हिंसा के नए रूपों को भी जन्म देती हैं। भारत में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कड़े उपाय हैं।

सांसद दीया ने कहा कि भारत ने वर्ष 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम बनाया था और समय-समय पर इसमें संशोधन किया है। यह अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित करने और प्रसारित करने पर रोक लगाता है और अधिनियम के विभिन्न वर्गों में उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधान भी निर्धारित करता है। उन्होंने आईटी इंटरमीडियरीज गाइडलाइंस रूल्स, 2011 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट पर भी विचार व्यक्त किये। भारतीय दल ने कहा कि केवल कानूनी प्रावधान और उनका सख्ती से क्रियान्वयन ही काफी नहीं है, ऑनलाइन यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए विशेष नीतियों की आवश्यकता है।

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली में भारत का दल।(IANS)




सांसदों ने लड़कियों और लड़कों की विभिन्न जरूरतों को समझने के महत्व पर भी विस्तार से बताया। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में युवा लड़कियों की अनूठी स्थिति के प्रति हमारा दृष्टिकोण संवेदनशील होना चाहिए। बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता तथा घर और स्कूलों दोनों जगह पर जागरूकता पैदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अ²श्य दुश्मन से उनकी रक्षा के लिए नए सहयोगी ²ष्टिकोण तैयार किए जाने चाहिए।

बैठक से पूर्व भारतीय राजदूत द्वारा आयोजित शिष्टाचार भोज में भी दोनों सांसद शामिल हुईं। इस दौरान अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक के लिए स्पेन पहुंची सांसद दीयाकुमारी के साथ ही भारतीय संसदीय दल के स्वागत में भारतीय राजदूत संजय वर्मा एवं संगीता माता वर्मा के द्वारा असेम्बली बैठक से पूर्व शिष्टाचार रात्रि भोज आयोजित किया गया।

यह भी पढ़ें: दुनिया भर में हर तीन में से एक महिला ने मनोवैज्ञानिक, यौन और शारीरिक हिंसा का अनुभव किया है

भारतीय दल में सांसद दीयाकुमारी, भर्तुहरी महताब, संजय जायसवाल, पूनम बेन मादाम, विष्णु दयाल राम एवं शश्मित पात्रा भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि अंतर-संसदीय संघ राष्ट्रीय संसदों का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका मूल उद्देश्य अपने सदस्य देशों के मध्य लोकतांत्रिक शासन, जवाबदेही और सहयोग को बढ़ावा देना है। अन्य मामलों में विधायिकाओं के बीच लैंगिक समानता को आगे बढ़ाना, राजनीतिक क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना और सतत विकास कार्य शामिल हैं।(आईएएनएस-SHM)

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

गुजरात के हिंदू अल्पसंख्यकों को बजरंग दल हनुमान चालीसा पाठ के लिए लाउडस्पीकर दान करेगा । [Twitter]

दिन में दो बार हनुमान चालीसा का पाठ हो सके , इसके लिए गुजरात के सूरत में बजरंग दल (bajrang dal) ने उन सभी जगहों पर लाउडस्पीकर दान करने का फैसला किया है जहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं। दरअसल बजरंग दाल ने दिन में दो बार हनुमान चालीसा के पाठ पर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है , जिसके तहत यह फैसला लिया गया है।

मौजूदा समय में सूरत में 21 ऐसे इलाके हैं जहां लाउडस्पीकर पर दिन में दो बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है। बजरंग दाल की अब कोशिश रहेगी की इस संख्या को और बढ़ाया जाए।

Keep Reading Show less

बांग्लादेश में आए दिन हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार की ख़बरें आती रहती हैं। बांग्लादेश में कुल 1 करोड़ 20 लाख हिन्दू रहते हैं। जब भी कोई हिन्दू त्यौहार आता है , कट्टरपंथी अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर देते हैं। इस बार भी नवरात्रि आते ही हिंदुओं के साथ मार पीट , हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां तोड़ देने जैसी हिंसा शुरू हो गयी। कट्टरपंथी पुलिस तक से नहीं डरते। पुलिस के सामने ही पूजा पंडालों में तोड़ फोड़ की घटनाएं हो रही थी जिसे रोक पाने में पुलिस भी असमर्थ थी। मजबूरन पुलिस को कई जगह फायरिंग करनी पड़ी जिसके बाद उपद्रवियों और पुलिस में झड़प हो गयी। इस झड़प में कई जानें चली गयीं और कई घायल हुए।

दरअसल हिंसा की शुरुआत 12 और 13 अक्टूबर की रात से हुई जब कुमिला के नानुआ दीघी इलाके में एक पंडाल में क़ुरान शरीफ मिली। बताया गया की क़ुरान शरीफ हनुमान जी की मूर्ति की गोद में पायी गयी थी। अगली सुबह जैसे ही लोगों ने क़ुरान शरीफ देखा ,कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ इकट्ठी हो गयी जिसे काबू कर पाना पुलिस के भी बस का नहीं रहा। देखते ही देखते भीड़ ने उपद्रव मचाना शुरु कर दिया। दुर्गाष्टमी के दिन मुसलामानों की इस भीड़ ने माँ दुर्गा की मूर्तियां तोड़ी और इतने से मन नहीं भरा तो अष्टमी के दिन ही जबरन माता की मूर्ती को पास के ही तालाब में फेंक दिया। माता दुर्गा के अलावा यहाँ श्री राम ,माता सीता और लक्ष्मण सहित हनुमान जी की भी मूर्तियां रखी गयी थी और उपद्रवियों ने इन मूर्तियों को भी नुक्सान पहुँचाया।

Keep Reading Show less

नैनीताल में मुस्लिम प्रवासियों की उमड़ रही है भीड़ ।(Wikimedia Commons)

उत्तराखंड में बढ़ते भूमि अतिक्रमण की समस्या ने राज्य को चिंता में डाल दिया है। पड़ोसी राज्यों से लगातार भारी संख्या में मुसलमानों का अन्तर्वाह भूमि अतिक्रमण का मुख्य कारण बन गया है जिसकी वजह से राज्य की गैर-हिन्दू जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। राज्य के स्थानीय निवासी इस अन्तर्वाह और इसके प्रभाव से परेशान हो रहे हैं। कोविड में उन्हें ऐसे ही बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा था और उसमे अब जनसंख्या में वृद्धि उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गयी है।

रिपोर्ट्स की माने तो उत्तर भारत के लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक नैनीताल में मुस्लिम प्रवासी वहां के स्थानीय लोगों के जीवन में दखलंदाजी कर रहे हैं और साथ ही प्रवासियों के आने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सरकार की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक घोड़ों, टैक्सियों, फेरी, टूरिस्ट न्यूज जॉब और रिसॉर्ट को लीज पर देने में मुस्लिम प्रवासियों का दखल नाटकीय रूप से बढ़ा है। इस दखलंदाजी से स्थानीय लोग अपनी नौकरियां गंवा रहे हैं।

Keep reading... Show less