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संस्कृति

Republic Day 2022 के मौके पर राजपथ पर होगा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

बीते साल 2021 में उत्तराखंड की झांकी केदारखंड के मॉडल को स्वीकृति मिली थी। राजपथ पर निकली 'केदारखण्ड की झांकी,' देश में तीसरे स्थान पर रही थी

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर निकलने वाली झांकी में देवभूमि की झांकी का चयन हुआ है।(IANS)

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर निकलने वाली झांकी में देवभूमि की झांकी का चयन हुआ है। इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर होने वाली परेड में मोक्षधाम भगवान बदरीविशाल, विश्वप्रसिद्ध टिहरी डैम, हेमकुंड साहिब, ऐतिहासिक डोबरा चांठी पुल से सजी देवभूमि उत्तराखंड की झांकी गणतंत्र दिवस राजपथ पर नजर आएगी। 73वें गणतंत्र दिवस में शामिल की गई इस झांकी में बदरीनाथ मंदिर, विश्वप्रसिद्ध टिहरी डैम, हेमकुंड साहिब,ऐतिहासिक डोबरा चांठी पुल की भव्यता एवं दिव्यता को दशार्या जाएगा।

बीते साल 2021 में उत्तराखंड की झांकी केदारखंड के मॉडल को स्वीकृति मिली थी। राजपथ पर निकली 'केदारखण्ड की झांकी,' देश में तीसरे स्थान पर रही थी। उत्तराखंड को पहली बार झांकी को लेकर पुरस्कार मिला था। राजपथ में केदारखंड की थीम पर निकली उत्तराखंड राज्य की झांकी को काफी सराहा गया था।


Republic day, Uttarakhand, Rajpath, \u0909\u0924\u094d\u0924\u0930\u093e\u0916\u0902\u0921, \u0917\u0923\u0924\u0902\u0924\u094d\u0930 \u0926\u093f\u0935\u0938 गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर निकलने वाली झांकी में देवभूमि की झांकी का चयन हुआ है।(Wikimedia Commons)

इस बार 12 राज्यों में से देवभूमि की झांकी का चयन हुआ है, जो समस्त प्रदेश वासियों के लिए गौरव की बात है। इस तरह राज्य गठन के बाद अब 13वीं बार उत्तराखंड की झांकी राजपथ पर होने वाली परेड का हिस्सा बनेगी।

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पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर ने कहा कि आस्था का प्रतीक बदरीनाथ मंदिर, हेमकुंड साहिब, विश्वप्रसिद्ध टिहरी डैम और ऐतिहासिक डोबरा चांठी पुल अपने में उत्तराखंड की संस्कृति को समेटे हुए है। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर इनकी झांकी निकलना हम सबके लिए गौरव की बात है। इसके माध्यम से देश भर के लोग उत्तराखंड की भव्यता और दिव्यता से भी रूबरू होने के साथ सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा। (आईएएनएस-AS)

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आईआईटी जम्मू में नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं(wikimedia commons)

अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध जम्मू जल्द ही अपने शिक्षण संस्थानों के लिए भी जाना जाएगा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह बोला गया । यहां आईआईटी जम्मू में कई ऐसे कोर्स शुरू किए जा रहे हैं जो पहली बार किसी भी आईआईटी के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत आईआईटी, आईआईएम और एम्स जम्मू में कई तरह के मल्टी डिसिप्लीनरी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। यहां जम्मू में नौ मेडीकल कॉलेज, 15 नसिर्ंग कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नि़फ्ट, आईआईएमसी, दो कैंसर इंस्टीट्यूट, पॉलीटेक्निक, बीएससी नसिर्ंग कॉलेज सरीखे संस्थान बनाए और शुरू किए जा रहे हैं।

आईआईटी जम्मू में जो नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, उनमें टनल इंजीनियरिंग, हिमालय और पहाड़ों के सतत विकास, पहाड़ों में जि़ंदगी आसान बनाना शामिल हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक यह कहा गया । इनके अलावा यहां वन्य-पर्यावरण संरक्षण से सम्बंधित अनेक 21वीं सदी के विषयों पर देश में पहली बार आईआईटी जम्मू में कोर्स शुरू किया जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण व तकनीक युक्त शिक्षा देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार समर्पित है।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आने वाले समय में जम्मू मंदिरों की नगरी के अलावा शिक्षा की भी नगरी बनेगा। इसी कड़ी में आईआईटी जम्मू भी प्रौद्योगिक शिक्षा, नवाचार व शोध के नए आयाम स्थापित कर जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास को मजबूती देगा।

\u0927\u0930\u094d\u092e\u0947\u0902\u0926\u094d\u0930 \u092a\u094d\u0930\u0927\u093e\u0928 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आने वाले समय में जम्मू मंदिरों की नगरी के अलावा शिक्षा की भी नगरी बनेगा।(wikimedia commons)

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