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चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए तैयार है एनडीआरएफ

चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए अंडमान निकोबार की 2 टीमों को मिलाकर एनडीआरएफ ने कुल 62 टीमों को तैनात करा है।

चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए तैयार है एनडीआरफ (File Photo)

चक्रवाती तूफान के खतरे के मद्देनजर तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होने के बाद आईएएनएस से बात करते हुए एनडीआरएफ(NDRF) डीजी अतुल करवाल(Atul Karwal) ने कहा कि अंडमान निकोबार(Andaman and Nicobar) की 2 टीमों को मिलाकर एनडीआरएफ ने कुल 62 टीमों को तैनात है।

NDRF, Atul Karwal राज्यों ने जितनी टीम की मांग की थी एनडीआरएफ ने उतनी टीमों की तैनाती कर दी है- एनडीआरएफ डीजी अतुल करवाल(Twitter)


प्रधानमंत्री(Narendra Modi) के साथ बैठक के बारे में आईएएनएस से बात करते हुए एनडीआरएफ(NDRF) डीजी अतुल करवाल(Atul Karwal) ने कहा कि आईएमडी(IMD)की तरफ से चक्रवाती तूफान को लेकर मिली चेतावनी के मद्देनजर सभी विभागों की तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री ने यह रिव्यु मीटिंग बुलाई थी, ताकि सभी विभाग सही तरीके से समन्वय के साथ काम करें।

साथ ही साथ एनडीआरएफ डीजी(Atul Karwal) ने कहा कि राज्यों ने जितनी टीम की मांग की थी एनडीआरएफ ने उतनी टीमों की तैनाती कर दी है और इसके साथ ही 3-4 जगहों पर रिजर्व टीमों को भी रखा गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर राज्य सरकारों की मांग के अनुसार सड़क द्वारा या एयर लिफ्ट करके भी तैनात किया जा सकता है।

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अपको बता दें, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को कहा था। दक्षिण थाईलैंड पर कम दबाव कारण 4 दिसंबर को पूर्वी तट पर एक चक्रवाती तूफान के रूप में उभरने की संभावना है। पहले से ही बारिश और बाढ़ से प्रभावित पूर्वी तट पर और अधिक बारिश होने की संभावना है, क्योंकि मंगलवार को दक्षिण थाईलैंड और पड़ोस में कम दबाव बना हुआ है और बुधवार तड़के तक अंडमान(Andaman)सागर में उभरने की संभावना है।

Input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

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रोबोट सोलोमन ईसाई से हिंदू बनने तक का सफर।(Pexels)

जिस धर्म का रॉबर्ट सोलोमन प्रचार किया करते थे और लोगों का धर्म परिवर्तन करवाते थे, 1986 में उसी ईसाई धर्म को त्याग कर उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया।सनातन धर्म को अपनाने के साथ ही उन्होंने अपना नाम सुलेमान से डॉ. सुमन कुमार में परिवर्तित किया। 1986 में रॉबर्ट सोलोमन अशोक वार्ष्णेय के संपर्क में आए; राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) के वरिष्ठ पदाधिकारी और आरोग्य भारती के तत्कालीन राष्ट्रीय संगठन सचिव, हिंदू जागरण मंच के ठाकुर राम गोविंद सिंह और स्वतंत्र रंजन। उसी वर्ष रॉबर्ट सोलोमन आर.एस.एस. में शामिल हो गए।

इंडोनेशिया में रहने वाले रॉबर्ट सोलोमन ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा का अध्ययन किय। साथ ही साथ वह पादरी के रूप में चर्च में युक्त भी हुए।लगभग 1982 के आस पास की बात है जब उन्हें मिशन देकर तमिलनाडु और देश के अन्य हिस्सों में भेजा गया ताकि वह "भारत के लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करें"। उनसे आर.एस.एस का पैटर्न अध्ययन करने के लिए भी कहा गया। उन्हें अंधेरे में रखकर, उनसे सत्य छुपा गया। उन्हें बताया गया कि किस तरह आर.एस.एस के संगठन में ( ईसाइयों की) पवित्र पुस्तक को जलाते हैं। बल्कि उनको आर.एस.एस. की जासूसी तक करने के निर्देश मिले थे। जब उन्होंने चर्च को अपनी रिपोर्ट देने के लिए आर.एस.एस को नजदीकी से देखा तो इसने उनके बुद्धि और धारणा को खोल दिया। "वह आर.एस.एस से काफी प्रेरित हुए और उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया"। पुराने समय के आर.एस.एस कार्यकर्ता राजकुमार ने कहा।

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