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देश

हम समाज में लैंगिक विभाजन को पाटने का संकल्प लेते हैं- Smriti Irani

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Wikimedia Commons)

जैसा कि राष्ट्र ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस(National Girl Child Day) मनाया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री(Union Minister of Women and Child Development) श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी(Smriti Zubin Irani) ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"शिक्षित करें, प्रोत्साहित करें, सशक्त करें! आज का दिन हमारी लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का दिन है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, जैसा कि हम अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, हम एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लिंग भेद को पाटने का संकल्प लेते हैं”, ईरानी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा।


smriti irani, ministry of women and child development महिला बाल विकास मंत्रालय (Wikimedia Commons)

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भारत की लड़कियों को समर्थन और अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से हर साल 24 जनवरी को देश में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और बालिका शिक्षा और उनके स्वास्थ्य और पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और समाज में लड़कियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समाज में लड़कियों की स्थिति को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत पहली बार 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी।

Input-IANS; Edited By-Saksham Nagar

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शिवराज सिंह चौहान , मुख्यमंत्री ; मध्य प्रदेश [Wikimedia Commons]

मध्य प्रदेश में 'गाय' (cow) पर सियासी संग्राम शुरू होने के आसार बनने लगे हैं, क्योंकि राज्य की वर्तमान शिवराज सिंह चौहान सरकार ने गाय के भोजन के लिए 'कर' लगाने की तैयारी में है।शिवराज सरकर के इस फैसले पर कांग्रेस ने हमला करते हुए कहा कि राजनीति के लिए तो धन है मगर गाय के ग्रास का बोझ आम आदमी पर डाला जा रहा है।

राज्य की सियासत में गाहे-बगाहे गाय बड़ा मुद्दा बन जाता है। सत्ता पक्ष भाजपा और विपक्ष कांग्रेस अपने को 'गाय' (cow) का सबसे बड़ा हितैषी बताने से नहीं चूकते। राज्य की वर्तमान शिवराज सिंह चौहान ने भी गौशालाओं के विकास पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि आगर-मालवा जिले के सालरिया गौ-अभयारण्य को देश के आदर्श के रूप में विकसित कर अखिल भारतीय स्तर पर सबसे अच्छा गौ-अभयारण्य बनाया जाए। अभयारण्य को विकसित करने के लिए राज्य के योग्य सामाजिक संगठन को जिम्मेदारी दी जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने जबलपुर जिले के गंगईवीर में गौ-वंश वन विहार की स्थापना करने के निर्देश देते हुए कहा कि गंगईवीर में पशुपालन विभाग की 530 एकड़ भूमि में क्रमबद्ध तरीके से दो हजार गौ-वंश को आश्रय दिया जा सकेगा।

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मध्य प्रदेश के रायसेन में क्रिस्चियन मिशनरी गैंग का पर्दाफाश।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

राष्ट्रिय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मध्य प्रदेश के रायसेन में एक कथित धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के नेतृत्व में हुए ऑपरेशन में एनसीपीसीआर के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायसेन के एक गाँव में औचक निरिक्षण के दौरान पाया की गाँव के एक छात्रावास में जबरन लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

एनसीपीसीआर ने अपनी जाँच के दौरान पाया की अनुसूचित जनजाति 15-20 हिन्दू लड़कियां छात्रावास में ठहरी थी। इन सभी को शिक्षा देने के नाम पर ईसाई मिशनरी छात्रावास में रखा गया था।

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मध्य प्रदेश में किशोरियों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरुकता लाने के मकसद से 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पंख अभियान की शुरुआत होगी। बताया गया है कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत पंख अभियान शुरु किया जा रहा है जिसका उद्देश्य किशोरी बालिकाओं के लिए सुरक्षा, जागरूकता, पोषण, जानकारी और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनका विकास सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्राम स्तर पर सामुदायिक पहल एवं जिम्मेदारी के साथ किशोरियों के विकास के लिये जागरूक करना है।

अभियान के तहत शिक्षा, सामाजिक कल्याण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत डेटाबेस तैयार कर उनके विकास की मॉनीटरिंग की जाएगी। पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर किशोरियों को उनकी रुचि अनुसार आत्मरक्षा का प्रशिक्षण और पंचायत स्तर पर वोकेशनल ट्रेनिंग भी दी जायेगी।

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