Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
राजनीति

''हो सकता है कि वे मोदी को उखाड़ फेंके, लेकिन भाजपा कहीं नहीं जा रही '': प्रशांत किशोर

उन्होंने बयान दिया की भाजपा भारतीय राजनीति का केंद्र बन रही है जिससे वो है हारे या जीते ,उसे उखाड़ पाना अगले कई दशकों तक किसी के बस का नहीं है

प्रशांत किशोर , तृणमूल कांग्रेस (Twitter, Prashant Kishor)

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने कहा की भाजपा अब वैसी है जैसी आजादी के बाद के शुरुआती 40 वर्षों में कांग्रेस थी। उन्होंने बयान दिया की भाजपा भारतीय राजनीति का केंद्र बन रही है जिससे वो है हारे या जीते ,उसे उखाड़ पाना अगले कई दशकों तक किसी के बस का नहीं है। किशोर ने बुधवार को गोवा में यह बात कही और सोशल मीडिया पर उनके प्रश्नोत्तर सत्र की एक क्लिप साझा की गई है।

प्रशांत(Prashant Kishor) ने इस साल मार्च-अप्रैल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तृणमूल बंगाल के बाहर भी अपनी जगह बनाने की कोशिश रही है।


अटकलें लगायी जा रही थी की किशोर(Prashant Kishor) कांग्रेस में शामिल होंगे। हालांकि , किशोर के इस बयान से यह साफ़ हो गया है कि किशोर कांग्रेस में प्रवेश नहीं करने वाले हैं।यहां तक कि पार्टी में कोई भी किशोर के कांग्रेस में शामिल होने के विचार के खिलाफ नहीं है, पार्टी नेताओं ने कहा है कि उन्हें चुनावों के संबंध में व्यापक अधिकार नहीं दिए जाने चाहिए।

उन्होंने(Prashant Kishor) कहा, "भाजपा भारतीय राजनीति का केंद्र बनने जा रही है..वह भले जीतें या हार जाएं, लेकिन अब वह वैसी है, जैसे कांग्रेस आजादी के बाद अपने शुरुआती 40 वर्षो के दौरान थी। भाजपा कहीं नहीं जा रही हैं। एक बार आप राष्ट्रीय स्तर पर 30 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर लेते हैं तो आप इतनी जल्दी नहीं जाते। इसलिए आप कभी भी इस वहम में न रहें कि लोग नाराज हो रहे हैं और वे (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को उखाड़ फेंकेंगे।"

किशोर से जब भाजपा के अगली बार भी जीतने के आसार के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हो सकता है कि वे मोदी को उखाड़ फेंके, लेकिन भाजपा कहीं नहीं जा रही। वह यहीं रहेगी। उन्हें अगले कई दशकों तक इससे लड़ना है। यह जल्दी ही जाने वाली नहीं है।"

उन्होंने कहा, "जब तक आप उनकी (भाजपा और पीएम मोदी की) ताकत को समझेंगे नहीं, मानेंगे नहीं, तब तक आप उन्हें काउंटर नहीं कर सकते, कभी पराजित नहीं कर सकते।" राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ समस्या यह है कि उन्हें इस बात का अहसास नहीं है, लेकिन उन्हें लगता है कि लोग भाजपा को उखाड़ फेंकेंगे।

PM Modi प्रशांत किशोर का मानना है कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता बड़ी संख्या में है।(फाइल फोटो)

यह भी पढ़ें : जीडीपी बढ़नी चाहिए, लेकिन इसका लाभार्थी गरीब और जरूरतमंद होना चाहिए : अमित शाह

इससे पहले भी उन्होंने लखीमपुर खीरी कांड के बाद से अचानक से वहां कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के पहुँचने पर तंज कस्ते हुए बयान दिया था की उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की किस्मत, जहां अगले साल चुनाव होने हैं, लखीमपुर खीरी घटना के आसपास उत्पन्न सभी 'प्रचार' और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की गिरफ्तारी के बावजूद पुनर्जीवित नहीं होगी।

उन्होंने(Prashant Kishor) हाल ही में अपने ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस का नाम लिए बिना लिखा था कि जो लोग या पार्टियां यह सोच रही हैं कि 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' के सहारे विपक्ष की तुरंत वापसी होगी वे गलतफहमी में हैं। उनको निराशा ही हाथ लगेगी। उन्होंने आगे लिखा है कि दुर्भाग्य से ग्रैंड ओल्ड पार्टी की जड़ों और उनकी संगठनात्मक संरचना में बड़ी कमियां हैं। फिलहाल इस समस्या को कोई समाधान भी नहीं है।

कांग्रेस कुछ अन्य राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है, जहां अगले साल चुनाव होने जा रहे हैं।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर भारतीय राज्य में, कांग्रेस को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से चुनौती मिलने वाली है।

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस के ज़रिये राष्ट्रिय पुरस्कार का वितरण किया(PIB)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस के मौके पर पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित पुरस्कार समारोह में देशभर के 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। राष्ट्रपति ने शिक्षक के रूप में महिलाओं की निभाई गई भूमिका की सराहना की। राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “वह एक दूरदर्शी, राजनेता और इससे भी बढ़कर एक असाधारण शिक्षक थे। शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने वाला उनका जन्मोत्सव राष्ट्र के विकास में उनके योगदान का महज प्रतीक है और पूरे शिक्षक समुदाय के लिए सम्मान की निशानी भी है।”

यह भी पढ़ें: शिक्षक दिवस: पीएम मोदी ने शिक्षकों का जताया आभार, डॉ. राधाकृष्णन को किया याद

Keep Reading Show less
कोरोना काल में भी फतेहपुर के स्कूल में जलती रही जागरुकता की मशाल (सांकेतिक तस्वीर, Pixabay)

By: विवेक त्रिपाठी

कोरोना संक्रमण ने बहुत सारे तौर-तरीके बदले हैं, इसमें शिक्षा भी शामिल है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर का अर्जुनपुर गढ़ा प्राथमिक विद्यालय अपने जिले के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है। यहां कोरोना संकट के दौरान भी जागरुकता की पाठशाला चलती रही है। ऐसा करने वाले इसी प्राथमिक विद्यालय के पूर्व छात्र और प्रधानाचार्य देवब्रत त्रिपाठी हैं, जिन्होंने पूरा जीवन इस स्कूल को सजाने और संवारने में लगा दिया है।

Keep Reading Show less
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर परिश्रमी शिक्षकों का आभार जताते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी है। देश में 1962 से हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाकर शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है। यह दिवस, देश के पूर्व राष्ट्रपति, प्रथम उपराष्ट्रपति और जाने-माने शिक्षाविद रहे डॉ. राधाकृष्णन की जन्मदिन पर मनाया जाता है।

यह भी पढ़ें: वेबिनार के जरिए देश के विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं को जान सकेंगे छात्र

Keep reading... Show less