Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

कंगना ने लॉन्च किया फिल्म 'धाकड़' का पोस्टर

मैंने जो कुछ भी किया है वह 'धाकड़' है। अपने घर से भागने से लेकर अब तक मैं सभी 'धाकड़' चीजें करती रहती हूं : कंगना रनौत

कंगना ने लॉन्च किया फिल्म 'धाकड़' का पोस्टर [Wikimedia Commons]

अपने तीखे अंदाज और रोमांचक किरदारों के लिए अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाली कंगना रनौत ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में फिल्म 'धाकड़' के पोस्टर को व्यक्तिगत रूप से लॉन्च किया और पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब दिया।

बॉलीवुड में अपने संघर्षों के बारे में बताते हुए कंगना ने कहा कि मुझे लगता है कि मैंने जो कुछ भी किया है वह 'धाकड़' है। अपने घर से भागने से लेकर अब तक मैं सभी 'धाकड़' चीजें करती रहती हूं। अब मैं यह 'धाकड़' फिल्म कर रही हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे पसंद करेंगे।


इसपर जब एक पत्रकार ने उनकी तुलना अर्नोल्ड श्वार्जऩेगर से की तो कंगना ने इसकी प्रशंसा की और उन्होंने बड़ी चतुराई से इसका जवाब भी दिया।

फिल्म धाकड़ के बारे में बताते हुए कंगना ने कहा की यह बॉलीवुड की पहली महिला केंद्रित जासूसी थ्रिलर है। वह आभारी हैं कि उन्हें अपनी फिल्मों में रोमांचक किरदार निभाने को मिले। कंगना ने कहा ,'' मैं इसे लेकर वास्तव में खुश हूं। मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मैं एक ऐसे चरित्र को चित्रित करने में सक्षम हूं जो अच्छे एक्शन दृश्य करता है। मैं अपने निर्देशक रजनीश घई को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे यह मौका दिया।'''

यह भी पढ़ें : अनुष्का ने अपनी बहादुर और साहसी दिखने का श्रेय अपनी बेटी वामिका को दिया

दरअसल फिल्म में कंगना एजेंट अग्नि की भूमिका में दिखेंगी जो बाल तस्करी और महिलाओं के शोषण के दोहरे खतरे का सामना करती है। फिल्म की ख़ास बात यह है की इसमें स्टंट एक अंतर्राष्ट्रीय टीम द्वारा डिजाइन किए गए हैं। साथ ही पुरस्कार विजेता जापानी छायाकार टेटसुओ नागाटा ने कैमरावर्क किया है जो कई हॉलीवुड एक्शन फिल्मों में काम कर चुके। (आईएएनएस )

Input: IANS; Edited By: Manisha Singh

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षा पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (wikimedia commons)

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षा पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सभी धार्मिक संस्थाओं से गोरक्षा, संस्कृत व संस्कृति की रक्षा के लिए आह्वान किया है कि वे आगे आएं। उनका कहना है कि इस कार्य के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्कृति और संस्कृत की रक्षा केवल भाषणों से नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी ने यह बयान एक कार्यक्रम के तहत दिया । जिसमें योगी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। साथ ही हर धार्मिक पीठ संस्कृत विद्यालय खोले जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही । राज्य की योगी सरकार इसमें हर संभव सहयोग करेगी। उन्होनें आगे कहा कि संस्कृत और संस्कृति को प्रोत्साहन हमारे आश्रमों को देना होगा। योग्यता के आधार पर शिक्षकों का चयन करना होगा , जिससें संस्कृत भाषा को बढ़ावा मिल सके । अयोग्य व्यक्ति संस्था को नष्ट कर देगा। ऐसे में योग्य को तराशने की जिम्मेदारी धमार्चार्यों व आश्रमों को लेनी होगी। इन सब प्रक्रियाओं से संस्कृत, संस्कृति की रक्षा के साथ गोरक्षा भी होगी।

सरकार तीन व्यवस्थाओं पर कार्य कर रही है गोरक्षा के लिए। पहला निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं। यंहा पर छह लाख गोवंश संरक्षित हैं वर्तमान में। दूसरा एक योजना जिसका नाम सहभागिता योजना है इसके तहत यदि कोई व्यक्ति आश्रय स्थलों से चार गोवंश लेकर उन्हें पालता है तो प्रति गोवंश के लिए सरकार उसे प्रतिमाह 900 रुपये देती है जबकि गाय का दूध व अन्य सभी उत्पाद उसी व्यक्ति के हिस्से में आता है। तीसरी व्यवस्था कुपोषित महिलाओं व बच्चों के लिए की गई है। इसमें भी संबंधित परिवार को एक गाय व उसके पालन के लिए प्रतिमाह 900 रुपये दिए जा रहे हैं।

\u0917\u093e\u092f गोरक्षा के लिए गोवंश के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं (pixabay)

Keep Reading Show less

वराणसी के मणिकर्णिका घाट पे उपस्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर (wikimedia commons)

हमारे देश भारत में अनेकों मंदिर हैं, हर मंदिर कि एक अपनी अलग महिमा है। और उनमें से कुछ मंदिर कई प्रकार के रहस्य लिए मोजूद हैं । भारत में एक ऐसा मंदिर भी हे जो कि अपनी एक अलग पहचान के लिए विख्यात है , जी हा हम बात करने जा रहे हैं वराणसी के मणिकर्णिका घाट पे उपस्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर की। इस मंदिर की मुख्य बात यह है कि यह मंदिर मशहूर पीसा की मीनार की तुलना में ज्यादा एंगल से एक तरफ झुका हुआ है । वहीं अगर बात करें पीसा की मीनार की तो यह मीनार 4 डिग्री झुकी है और वहीं यह मंदिर 9 डिग्री झुका हुआ है। और साथ ही यह मंदिर 74 मीटर उंचा भी है , जबकि पीसा कि मीनार 54 मीटर ही ऊंची हैं । लेकिन इस बात का उल्लेख कही नही मिलता है। इस मंदिर की खासियत के बारे में लोगो को ज्यादा पता भी नहीं है। इसके इतिहास के बारे में बात करे तो यह पता चलता है कि इसका निर्माण ग्वालियर की महारानी बीजा बाई ने 19 वी शताब्दी में करवाया था। यह मंदिर पानी में उपस्थित है। यह मंदिर भगवान महादेव शिव को समर्पित है। यह भगवान शिव का मंदिर है। अगर बात करे मणिकर्णिका घाट की तो यह घाट भी अपनी पुरानी घटनाओ के लिए विख्यात है। मणिकर्णिका का संधि विच्छेद करे तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है , जिनके अलग-अलग मतलब है। जिसमें मणि मतलब कान की रिंग है ओर कर्णिका मतलब कान है ।


Keep Reading Show less

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

Keep reading... Show less