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स्वास्थ्य

गर्मियों में इन चीजों से रखें बालों का ख्याल

नारियल तेल की मदद से हम बाल झड़ने की समस्या को 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं। नारियल के तेल में मोनोलॉरिन मौजूद रहता है।

गर्मियों में बालों का ख्याल रखना अत्यंत आवश्यक है।(Unsplash)

By: रिंकी कपूर

बालों की कई सारी समस्याएं हैं और कई समाधान भी हैं। हम किसी की अपनी तरकीबें होती हैं और लोग उसी हिसाब से अपनी बालों की सेहत का ख्याल रखते हैं। हम सभी ने अपनी दादी-नानी से नारियल तेल के फायदों के बारे में सुना है, लेकिन इसका आखिर सबूत क्या है, आइए जानते हैं।


नारियल तेल की मदद से हम बाल झड़ने की समस्या को 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं। एक वास्तविक टीआरआई प्रिंसटन यूएसए अध्ययन के मुताबिक, यह पाया गया है कि यह पाया गया कि नारियल तेल प्रोटीन की कमी होने (बाल धोने या पर्यावरणीय कारकों के कारण) को 50 फीसदी से अधिक रोकता है और इसका बालों के टूटने और बालों के झड़ने को कम करने पर सीधा और समान प्रभाव पड़ता है। इस अध्ययन में नारियल के तेल के प्रभावों की जांच की गई, जिसमें आधे बालों में तेल लगाया गया और आधे को बिना तेल लगाए छोड़ दिया गया। नतीजे से यह स्पष्ट हो गया कि नारियल का तेल बालों के झड़ने को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी अध्ययन में यह भी पाया गया कि बालों पर नारियल के तेल का एक पौष्टिक प्रभाव भी है, जो इसके झड़ने को काफी हद तक कम कर देता है। नारियल का तेल ही एकमात्र ऐसा तेल है, जो रिस-रिस कर जड़ों की तह तक पहुंच जाता है। इससे न केवल बालों की सुरक्षा होती है, बल्कि बालों को मजबूती भी मिलती है।

नारियल तेल का इस्तेमाल बालों के लिए अत्यंत लाभदायक है।(Pixabay)

नारियल के तेल में मोनोलॉरिन मौजूद रहता है। इसके अलावा इसमें लॉरिक एसिड की भी उपलब्धता रहती है, जो कि ब्रेस्ट मिल्क में ही एकमात्र उपलब्ध रहता है। यह बालों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। अकसर तनाव की वजह से बाल ज्यादा टूटते हैं। लॉरिक एसिड इस स्थिति में भी बालों को टूटने से रोकता है।

कई तेलों में से एकमात्र नारियल तेल ही सूरज की हानिकारक किरणों से बालों को सुरक्षा प्रदान करने में अधिक प्रभावी है। यह बालों के लिए किसी सनस्क्रीन से कम नहीं है।

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प्रदूषण से बालों को बहुत ही नुकसान पहुंचता है। इससे बाल कमजोर पड़ जाते हैं और इनमें टूटने की प्रवृत्ति आ जाती है, लेकिन नारियल तेल बालों को इनसे दोहरी सुरक्षा प्रदान करते हैं। इनसे बालों में एक परत बन जाता है, जो प्रदूषण को जड़ों तक जाने से रोकते हैं। अब चूंकि नारियल तेल बालों की जड़ों तक पहुंचने की क्षमता रखता है, ऐसे में अगर प्रदूषक तत्व किसी तरह से बालों की तह तक पहुंच भी जाते हैं, तो इस स्थिति में नारियल के तेल में मौजूद प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट्स यह सुनिश्चित करते हैं कि इनसे बालों को अधिक नुकसान न पहुंचे।

विज्ञान में अब सर्वसम्मति से नारियल तेल को सर्वश्रेष्ठ मान लिया गया है। बालों पर इसका नतीजा गौर फरमाने लायक है। नारियल तेल बालों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है, जो बालों के विकास को भीतर से सुनिश्चित करता है और इसमें पोषण को सुनिश्चित करता है। साथ में यह बालों की मरम्मत करने की दिशा में भी कारगर है।(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

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