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दुनिया

तालिबानी आतंकियों का कहर: 15 वर्ष से ज्यादा की लड़कियों और विधवाओं की मांगी लिस्ट

तालिबान की तरफ से एक नया फरमान जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि उसको 15 साल से ज्यादा उम्र की सभी लड़कियों और 45 साल से कम उम्र की सभी विधवा महिलाओं की लिस्ट मुहैया कराई जाए।

तालिबान ने जिन इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर रखा है, उन इलाकों के मौलवियों के लिए तालिबान ने नया फरमान जारी किया है। (NewsGramHindi)

अफगनिस्तान में तालिबानी आतंकियों का कहर जारी है। ये आतंकी, अफगानिस्तान (Afghanistan) पर अपना कब्जा करना चाहते हैं। जिसे रोकने के लिए अफगान सुरक्षा बल पूरी कोशिश में जुटी है। तालिबान ने अपने जंग को अल्लाह का पाक काम बताया है। आपको बता दें कि अभी हाल ही में तालिबान की तरफ से एक नया फरमान जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि उसको 15 साल से ज्यादा उम्र की सभी लड़कियों और 45 साल से कम उम्र की सभी विधवा महिलाओं की लिस्ट मुहैया कराई जाए। “तालिबान ने कहा है कि वह अल्लाह का नेक काम कर रहा है, इसलिए अफगानिस्तान के लोग अल्लाह के काम के वास्ते उसके साथ आएं और अपने घर की बेटियों को अल्लाह के काम में लगाने के लिए तालिबान के हवाले कर दें।” तालिबान ने जिन इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर रखा है, उन इलाकों के मौलवियों के लिए तालिबान ने नया फरमान जारी किया है। 

तालिबान (Taliban) ने अपने बयान में कहा है कि वो अपने लड़कों से उन लड़कियों को शादी करवाएगा, ताकि तालिबान मजबूत हो सके। तालिबान ने यह भी वादा किया है कि वह अपने लड़कों से निकाह करवाने के बाद इन महिलाओं को पाकिस्तान के वजीरिस्तान में भेज देगा और अगर लड़की मुस्लिम नहीं है तो उसका धर्म भी परिवर्तित कराया जाएगा। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी तालिबान इस तरीके के बदसुलूकी कर चुका है। यह सब अफगानिस्तान के लोगों का उत्पीड़न करने का उन्हें गुलाम बनाने का एक जरिया है। तालिबान पूरे अफगानिस्तान पर अपना कब्जा स्थापित करना चहता है। हालांकि 85 फीसदी क्षेत्रों पर वह पहले से ही अपना अधिकार जमाया हुआ है। 


तालिबान का यह आतंक कब थमेगा यह बताना बहुत मुश्किल है। (Pixabay)

तालिबान के हमले तब से तेज हो गए हैं जब अमेरिका (America), ब्रिटेन और अन्य देशों के सैनिक अफगानिस्तान से पीछे हट चुके थे। इसी मौके का फायदा उठा तालिबान अपने इरादों को पूरा करने में लगा है। और इसमें वह कुछ हद तक आगे भी बढ़ चुका है। तालिबान ने ईरान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और तजाकिस्तान के साथ लगे कई प्रमुख जिलों और सीमा चौकसी पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है।

यह भी पढ़ें :- भारत, बांग्लादेश ने साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की

तालिबान के इस फरमान के बाद से तालिबान नियंत्रित इलाकों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों का लड़कियों और महिलाओं का अकेले घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। इसके अतिरिक्त तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तरपूर्व प्रांत पर कब्जा करने के बाद उस जिले में नए कानून जारी किए है। जिसके तहत महिलाओं के अकेले घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का आदेश दिया गया है। तालिबान द्वारा नियंत्रित इलाकों में कई तमाम सेवाओं को भी रोक दिया गया है। 

बहराहल तालिबान का यह आतंक कब थमेगा यह बताना बहुत मुश्किल है। लेकिन जिस तेजी से तालिबान, अफगानिस्तान पर अपना कब्जा स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, आने वाले समय में अफगानिस्तान और वहां के मासूम लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। (SM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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