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दुनिया

विकासशील देशों के लिए 100 अरब डॉलर का जलवायु वित्त पाने का लक्ष्य: रिपोर्ट

विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहे परिवर्तनों को अपनाने में मदद करने के लिए विकसित देशों द्वारा कम से कम 100 अरब डॉलर की सहायता देने के वादे पर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है।

बहुपक्षीय विकास बैंकों से जलवायु वित्त सहायता के कम से कम 50 प्रतिशत तक की वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कहा । (Unsplash )

विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहे परिवर्तनों को अपनाने में मदद करने के लिए विकसित देशों द्वारा कम से कम 100 अरब डॉलर की सहायता देने के वादे पर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है। यह बात संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई स्वतंत्र विशेषज्ञों की नई रिपोर्ट में कही गई है।

कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक संकट बहुत बढ़ चुका है और जलवायु संकट बदतर हो रहा है, ऐसे में रिपोर्ट में 2021 में 100 अरब डॉलर की राशि को जल्द देने की बात कही गई है। साथ ही यह मजबूत और स्थायी रिकवरी पैकेज, महत्वाकांक्षी जलवायु कार्य योजना, कार्बन तटस्थता और क्लाइमेट-रिजिलिएंट ग्रोथ की दिशा में त्वरित प्रगति करने के लिए भी जरूरी होगा।


‘डिलिवरिंग ऑन द 100 बिलियन (अरब) डॉलर क्लाइमेट फायनेंस कमिटमेंट एंड ट्रांसफामिर्ंग क्लाइमेट फायनेंस’ शीर्षक से इस रिपोर्ट को शुक्रवार को जारी किया गया। इसे एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह ने तैयार किया गया, जो महामारी के दौरान बनी वित्त की स्थिति को लेकिन सिफारिफों की एक श्रृंखला बताता है। साथ ही लक्ष्य को 100 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने की बात कहता है। ताकि प्रणाली में ज्यादा धन का प्रवाह बना रहे और बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रणाली को मोबलाइज किया जा सके।

यह भी पढ़ें : अमरीकी सरकार ने दी कॉविड-19 वैक्सीन की मंजूरी

जलवायु परिवर्तन का मुद्दा

दूसरा मुद्दा वित्त के एडॉप्शन को बढ़ाना है, हालांकि फिर भी पूरे जलवायु वित्त में इसका केवल एक छोटा हिस्सा है। जलवायु परिवर्तन के मोर्चे पर बता करें तो लोगों, समुदायों और देशों में जलवायु परिवर्तन में बदलाव के कारण आ रही मुश्किलों से निपटने के लिए सक्षम बनाना होगा।

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी धन दाताओं और बहुपक्षीय विकास बैंकों से जलवायु वित्त सहायता के कम से कम 50 प्रतिशत तक की वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कहा था।

इस रिपोर्ट में कम से कम विकसित देशों और छोटे द्वीप विकासशील राज्यों के लिए ज्यादा जलवायु वित्त को देने की वकालत की गई है, जिनमें से कई ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में बहुत कम योगदान दिया है लेकिन वे पहले से ही सूखा, बाढ़, समुद्र के बढ़ते स्तर जैसे गंभीर प्रभावों का सामना कर रहे हैं।

आखिर में समूह यह सिफारिश करता है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त तक जल्दी पहुंच देने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए क्योंकि अभी यह बहुत धीमे तरीके से हो रही है और तकनीकी समेत अन्य क्षमताओं को प्रभावित कर रही है। (आईएएनएस)

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अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Wikimedia Commons)

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नवाज ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय एमी पुरस्कारों (International Emmy Awards) की अपनी यात्रा के साथ सुर्खियां बटोरीं, क्योंकि उन्हें सुधीर मिश्रा निर्देशित 'सीरियस मेन' में उनके काम के लिए एक अभिनेता श्रेणी द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में नामांकित किया गया था। हालांकि, अभिनेता डेविड टेनेंट से हार गए, जो ड्रामा मिनिसरीज 'देस' में अपने प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी लेकर चले गए।

पहले भी अभिनेता (Nawazuddin Siddiqui) ने कई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है, क्योंकि वह दुनिया के एकमात्र ऐसे अभिनेता हैं जिनके पास कान्स फिल्म समारोह में आधिकारिक तौर पर चयनित और प्रदर्शित 8 फिल्में हैं।

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टोयोटा (Wikimedia Commons)

टोयोटा(Toyota) मोटर कॉर्प ने घोषणा की है कि वह अमेरिका में अपनी कुछ इलेक्ट्रिक वाहन(Electric Vehicles) आपूर्ति श्रृंखला लाने के प्रयास में उत्तरी कैरोलिना में एक नई 1.29 बिलियन डॉलर की लागत से बैटरी फैक्ट्री(Battery Factory) का निर्माण कर रही है।

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नया संयंत्र शुरू में सालाना 8 लाख वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। पहले वर्ष में, फर्म इलेक्ट्रिक वाहनों के आगामी लाइनअप के लिए 1.2 मिलियन बैटरी पैक का उत्पादन करने की योजना बना रही है।

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इसके अलावा एक जगह पर तख्तियां लिए हुए, नारेबाजी करते हुए जमा हो गए और बाद में उन्होंने परिसर के अंदर मार्च निकाला। छात्र नेताओं ने मस्जिद(Babri Masjid) के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर भाषण भी दिया। जेएनयूएसयू(Janusu) के उपाध्यक्ष साकेत मून(Saket Moon) ने कहा कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण से न्याय मिलेगा। उपाध्यक्ष जी न्याय दिलवाने की बात करके मस्जिद के निर्माण की बात कर रहे हैं, लेकिन शायद वह भूल गए कि राम मंदिर(Ram Mandir) आज सुप्रीम कोर्ट (supreme Court) द्वारा किए गए न्याय पर मिल रहा है।

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