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टेक्नोलॉजी

टेस्ला के फाउंडर एलन मस्क ने एप्पल की अलोचना की

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एप्पल की आलोचना करते हुए कहा है कि आईफोन बनाने वाली कंपनी टेस्ला की तुलना में अपनी बैटरी में ज्यादा कोबाल्ट का इस्तेमाल करती है।

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क(wikimedia commons)

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एप्पल की आलोचना करते हुए कहा है कि आईफोन बनाने वाली कंपनी टेस्ला की तुलना में अपनी बैटरी में ज्यादा कोबाल्ट का इस्तेमाल करती है। दूसरी तिमाही (यू2) 2021 में रिकॉर्ड 1.14 बिलियन डॉलर की शुद्ध आय दर्ज करने के बाद, मस्क ने कहा कि इलेक्ट्रिक कार निर्माता अपने वाहनों में कोबाल्ट का उपयोग नहीं करते हैं।

उन्होंने कमाई कॉल के दौरान कहा,टेस्ला कोई कोबाल्ट का उपयोग नहीं करता है और लगभग कोई भी निकल-आधारित रसायन विज्ञान में नहीं है। भारित औसत आधार पर, हम ऐप्पल के 100 फीसदी कोबाल्ट की तुलना में 2 फीसदी कोबाल्ट का उपयोग कर सकते हैं।


उन्होंने कहा, किसी तरह यह गलत धारणा है कि टेस्ला बहुत सारे कोबाल्ट का उपयोग करता है, लेकिन हम वास्तव में नहीं करते हैं। ऐप्पल सेलफोन और लैपटॉप में अपनी बैटरी में लगभग 100 फीसदी कोबाल्ट का उपयोग करता है।

एप्पल कथित तौर पर टाइटन नाम के प्रोजेक्ट कोड के तहत एक इलेक्ट्रिक सेल्फ-ड्राइविंग कार विकसित कर रहा है।

एप्पल आईफोन बनाने वाली कंपनी(pixabay)

उन्होंने कहा,सुपरचार्जर के लिए अन्य कार कंपनियों के लिए उपयोगी होने के लिए, हमें वाहन उत्पादन में वृद्धि की तुलना में नेटवर्क को तेजी से विकसित करने की आवश्यकता है, जो आसान नहीं है। हम एक दर के नरक में वाहन उत्पादन बढ़ा रहे हैं। इसलिए सुपरचार्जर्स को बढ़ने की जरूरत है वाहन उत्पादन से तेज।

यह भी पढ़े : 3 स्मार्टवॉच लॉन्च करने के साथ ही भारतीय बाजार में कदम रखा प्रीमियम घड़ी बनाने वाली कंपनी सूंटो ने .

मस्क ने विश्लेषकों को बताया, यह एक बेहतरीन उत्पाद होने जा रहा है, हमारा अब तक का सबसे अच्छा उत्पाद है, लेकिन साइबरट्रक में बहुत सारे मौलिक रूप से नए डिजाइन विचार हैं। किसी ने भी वास्तव में इस तरह की कार पहले कभी नहीं बनाई है।(आईएएनएस-PS)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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