Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
टेक्नोलॉजी

चौथी तिमाही में 23 फीसद तक बढ़ सकता है एप्पल का वैश्विक मार्किट शेयर

एक मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी 2021 की चौथी तिमाही के लिए आईफोन मार्केट शेयर 23.1 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान लगा रही है।

वैश्विक बाजार में 23 फीसद तक बढ़ सकता है एप्पल का बाज़ार। (Wikimedia Commons)

एक मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी 2021 की चौथी तिमाही के लिए आईफोन(I Phone) मार्केट शेयर 23.1 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान लगा रही है, जो पिछली तिमाही में 15.9 फीसदी थे। ट्रेंडफोर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स(E Commerce) प्रचार गतिविधियों के लिए पीक सीजन और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रकोप को कम करने के कारण स्मार्टफोन बाजार इस साल की दूसरी छमाही के दौरान मांग में सुधार दिखा रहा है।

4जी एसओसीएस, लो-एंड 5जी एसओसीएस, डिस्प्ले पैनल ड्राइवर आईसीएस, आदि सहित पुर्जो की महत्वपूर्ण कमी रही है।

ट्रेंडफोर्स ने आगे कहा कि एप्पल(Apple) का आईफोन 13 लॉन्च एक बड़ी सफलता थी। 2021 की तीसरी तिमाही के लिए कुल आईफोन उत्पादन 22.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 51.5 मिलियन यूनिट दर्ज किया गया।

इसके अलावा, उत्पादन स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला की रिपोर्ट बताती है कि सैमसंग, ओप्पो, शाओमी और वीवो सभी की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट देखने को मिल सकती है, जबकि एप्पल की हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.9 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 23.2 प्रतिशत हो जाएगी।


technology, apple, i phone एप्पल दुनिया की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक है। (Pixabay)


इंवेस्टमेंट बैंक वेडबश के प्रमुख विश्लेषक डेनियल इवेस के अनुसार, आपूर्ति के मुद्दों के बावजूद, एप्पल अक्टूबर से दिसंबर के अंत तक व्यस्त अवकाश खरीदारी तिमाही में 80 मिलियन से अधिक आईफोन डिवाइस बेच सकता है।

इस बीच ब्लैक फ्राइडे और क्रिसमस के बीच कंपनी 4 करोड़ यूनिट आईफोन बेच सकती है।
यह भी पढ़ें- अब व्हाट्सएप से ही बुक कर सकेंगे उबर की सवारी


एप्पल आईफोन 13 सीरीज को वियतनाम में एक कोविड-19 लहर के कारण उत्पादन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें उपकरणों के कैमरा सिस्टम के लिए सीमित निर्माण क्षमता है।

Input-IANS ; Edited By- Saksham Nagar

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें

Popular

'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट की विजिबिलिटी को कम करेगा इंस्टाग्राम (Wikimedia Commons)

मेटा(Meta) के स्वामित्व वाला फोटो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) अपने ऐप में 'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट को कम दिखाई देने के लिए नए कदम उठा रहा है। एनगैजेट की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कहा कि यूजर्स के फीड और स्टोरीज में पोस्ट करने के तरीके को सशक्त करने वाला एल्गोरिदम अब ऐसे कंटेंट को प्राथमिकता देगा, जिसमें 'बदमाशी, अभद्र भाषा या हिंसा भड़काने वाली सामग्री हो सकती है।'

इंस्टाग्राम के नियम पहले से ही इस प्रकार की अधिकांश सामग्री को प्रतिबंधित करते हैं, जबकि परिवर्तन सीमा रेखा पोस्ट या कंटेंट को प्रभावित कर सकता है जो अभी तक ऐप के मॉडरेटर तक नहीं पहुंची है। कंपनी ने एक अपडेट में बताया, "यह समझने के लिए कि क्या कोई चीज हमारे नियमों को तोड़ सकती है, हम चीजों को देखेंगे जैसे कि कैप्शन एक कैप्शन के समान है जो पहले हमारे नियमों को तोड़ता था।"

Keep Reading Show less

सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी: जेबीएस यादव (Wikimedia Commons)

दिल्ली इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्योति का नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय हो गया, सरकार के इस फैसले को डेप्युटी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ से 2005 में रिटायर्ड हुए लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने इसे बिल्कुल सही ठहराया है। दरअसल इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से अमर जवान ज्योति जल रही है। वहीं 25 फरवरी, 2019 को नेशनल वॉर मेमोरियल में अमर जवान ज्योति प्रज्वलित की गई थी।

साल 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर हिंदुस्तानी सेना को कमांड कर रहे, लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने आईएएनएस को बताया कि, सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी। उस वक्त हमारे पास नेशनल वॉर मेमोरियल नहीं था और अंग्रेजों का बना हुआ था। फिर इसमें बदलाव करके अमर जवान ज्योति लगाई गई थी।

Keep Reading Show less

नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। ( Wikimedia Commons )

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह पराक्रम दिवस के अंग के तौर पर आयोजित एक वेबिनार में जर्मनी से शामिल हुईं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी के पास भारत की वित्तीय और आर्थिक मजबूती के लिए एक विजन था और भारत को आजादी मिलने से पहले ही उन्होंने एक योजना आयोग का गठन कर लिया था।

जर्मनी से इस वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके पिता एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे लेकिन उनके मन में सभी धर्मों के लिए सम्मान था। उनके पिता ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहां सभी धर्म के लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हों। उन्होंने कहा कि नेताजी लैंगिक समानता के हिमायती थे। उनका दृष्टिकोण एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना था जहां पुरुषों और महिलाओं को न केवल समान अधिकार हों, बल्कि वे समान कर्तव्यों का पालन भी कर सकें।

Keep reading... Show less