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टेक्नोलॉजी

अब गूगल कार्यालयों के दरवाजे खोलने का काम कर रहे रोबोट

गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने घोषणा की है कि उसकी प्रायोगिक प्रयोगशालाओं के भीतर एक टीम ने अपने कुछ रोबोट प्रोटोटाइप को लैब से बाहर कर दिया है और वे गूगल के बे एरिया परिसरों के आसपास उपयोगी कार्य कर रहे हैं।

अब टेबल साफ, कचरा छांटना और गूगल कार्यालयों के दरवाजे खोलने जैसे काम कर रहे रोबोट। [Wikimedia Commons]

100 से अधिक रोबोटों का एक बेड़ा अमेरिका में गूगल कार्यालयों के आसपास कई उपयोगी कार्य कर रहा है, जैसे- टेबल साफ करना, कचरा छांटना, कपों को पकड़ना और यहां तक कि विजिटर्स के लिए दरवाजे खोलना। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने घोषणा की है कि उसकी प्रायोगिक प्रयोगशालाओं के भीतर एक टीम ने अपने कुछ रोबोट प्रोटोटाइप को लैब से बाहर कर दिया है और वे गूगल के बे एरिया परिसरों के आसपास उपयोगी कार्य कर रहे हैं।

मुख्य रोबोट अधिकारी हैंस पीटर ब्रोंडमो ने कहा, "हम अब 100 से अधिक रोबोट प्रोटोटाइप के बेड़े का संचालन कर रहे हैं जो स्वायत्त रूप से हमारे कार्यालयों के आसपास उपयोगी कार्यों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन कर रहे हैं।"

उन्होंने एक बयान में कहा, "उन रोबोटों को कचरा छांटने, टेबल को पोंछने के लिए एक स्क्वीजी से लैस किया जा सकता है और उसी ग्रिपर का उपयोग किया जा सकता है जो दरवाजों को खोलना सीख सकता है।


google, alphabet, robots, machines रोबोट अपने आसपास की दुनिया में ले जाने के लिए विभिन्न कैमरों और सेंसर के मिश्रण से लैस हैं। [Wikimedia Commons]

पिछले कुछ वर्षों में, अल्फाबेट एक एकीकृत हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सिस्टम का निर्माण कर रहा है जिसे सीखने के लिए डिजाइन किया गया है।

रोबोट अपने आसपास की दुनिया में ले जाने के लिए विभिन्न कैमरों और सेंसर के मिश्रण से लैस हैं।

कंपनी ने बताया, "मशीन लनिर्ंग तकनीक जैसे रीइन्फोर्समेंट लनिर्ंग, सहयोगी लनिर्ंग और प्रदर्शन से सीखने के संयोजन का उपयोग करके, रोबोटों ने लगातार अपने आसपास की दुनिया की बेहतर समझ हासिल की है जिससे वह रोजमर्रा के कार्यों को करने में अधिक कुशल बन गए हैं।"

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ब्रोंडमो ने कहा, "समय के साथ, हम उन कार्यों के प्रकारों का विस्तार करेंगे जो वे कर रहे हैं और जिन इमारतों में हम काम करते हैं और आने वाले महीनों और वर्षों में अपनी यात्रा से अपडेट साझा करने के लिए तत्पर हैं।" (आईएएनएस)


Input : IANS ; Edited By: Manisha Singh

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