Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
टेक्नोलॉजी

बड़े पैमाने के एआई मॉडल अपने आप में प्लेटफॉर्म बनते जा रहे हैं : सत्या नडेला

नडेला ने कंपनी के वार्षिक 'इग्नाइट 2021' सम्मेलन के दौरान कहा की माइक्रोसॉफ्ट मेटावर्स के रूप में एक नया प्लेटफार्म बना रहा है जो डिजिटल और भौतिक दुनिया को एक साथ लाएगा

माइक्रोसॉफ्ट मेटावर्स के रूप में एक नया प्लेटफार्म बना रहा है जो डिजिटल और भौतिक दुनिया को एक साथ लाएगा (Pixabay)

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्या नडेला ने कहा है कि कंपनी लोगों, जगहों और चीजों को डिजिटल दुनिया के साथ जोड़ रही है। नडेला ने कंपनी के वार्षिक 'इग्नाइट 2021' सम्मेलन के दौरान मेटावर्स के बारे में बताते हुए कहा, "डिजिटल और भौतिक दुनिया एक साथ आने के साथ, हम एक पूरी तरह से नई प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, जो मेटावर्स है।"

उन्होंने कहा, "हम लोगों, जगहों और चीजों को डिजिटल दुनिया के साथ उपभोक्ता क्षेत्र और उद्यम दोनों में ला रहे हैं।"

नडेला ने आगे कहा , ''नया 'डायनामिक 365 कनेक्टेड स्पेस' भौतिक स्थानों में लोगों के आने-जाने और बातचीत करने के तरीके पर एक नया पर्सपेक्टिव प्रदान करता है चाहे वह खुदरा स्टोर हो या फैक्ट्री यहां तक कि ऑर्गेनाइजेशन हाइब्रिड कार्य वातावरण में स्वास्थ्य और सुरक्षा का कैसे प्रबंधन करते हैं।"

बता दें की इसके साथ, लोग विश्लेषण कर सकते हैं, रीयल-टाइम इनसाइट्स प्राप्त कर सकते हैं, सिमुलेशन चला सकते हैं और नियमित कार्यों को स्वचालित कर सकते हैं।


दरअसल , डायनामिक 365 कनेक्टेड स्पेस आपके मौजूदा हार्डवेयर के साथ एक्स्टेंसिबल, अनुकूलन योग्य और निर्बाध रूप से काम करने के लिए बनाया गया है और इसका प्रीव्यू दिसंबर की शुरूआत में उपलब्ध होगा।

नडेला ने कहा कि एज्योर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) से लेकर एज्योर डिजिटल ट्विन तक, कनेक्टेड स्पेस और माइक्रोसॉफ्ट मेस से, "हम आपके लिए मेटावर्स प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : बाल शोषण पर फेसबुक के प्रयास 'अपर्याप्त', पढ़िए यह रिपोर्ट!

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने यह भी कहा, "एक मायने में, मेटावर्स हमें वास्तविक दुनिया में कंप्यूटिंग को एम्बेड करने और वास्तविक दुनिया को कंप्यूटिंग में एम्बेड करने में सक्षम बनाता है, जिससे किसी भी डिजिटल स्पेस में वास्तविक उपस्थिति आती है। "

दरअसल , 'इग्नाइट' में, माइक्रोसॉफ्ट ने 90 से अधिक नई सेवाएं और अपडेट पेश किए हैं।नडेला ने इस पर कहा कि बड़े पैमाने के एआई मॉडल अपने आप में प्लेटफॉर्म बनते जा रहे हैं।

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

Keep Reading Show less

झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

Keep Reading Show less

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

Keep reading... Show less