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टेक्नोलॉजी

यूट्यूब पर अब दर्शक नहीं देख सकेंगे वीडियो की डिसलाइक संख्या

यूट्यूब ने गुरुवार को घोषणा की कि काउंट टू डिसलाइक बटन अब दर्शक नहीं देख पाएंगे। हालांकि , क्रिएटर यदि कंटेंट का प्रदर्शन देखना चाहे तो डिस्लाइक संख्या यूट्यूब स्टूडियो में देख सकते हैं

यूट्यूब पर अब दर्शक नहीं देख सकेंगे वीडियो की डिसलाइक संख्या [ Wikimedia Commons ]

यूट्यूब ने गुरुवार को घोषणा की कि अब काउंट टू डिसलाइक बटन दर्शक नहीं देख पाएंगे। हालांकि , क्रिएटर यदि कंटेंट का प्रदर्शन देखना चाहे तो डिस्लाइक संख्या यूट्यूब स्टूडियो में देख सकते हैं।

कंपनी ने एक बयान में कहा, "हम यूट्यूब पर डिसलाइक की संख्या को निजी बना रहे हैं, लेकिन डिसलाइक बटन हटा नहीं रहे हैं। यह बदलाव आज से धीरे-धीरे शुरू हो जाएगा।"


यूट्यूब के इस बदलाव से दर्शकों पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। वे अभी भी वीडियो को डिस्लाइक कर सकेंगे, पर ये जानकारी केवल क्रिएटर तक ही सीमित रहेगी। दर्शक अभी भी अपनी सिफारिशों को ट्यून कर सकेंगे और निजी तौर पर क्रिएटर्स के साथ फीडबैक साझा कर सकेंगे।

बता दें की यूट्यूब ने अपने प्लेटफॉर्म पर हाल ही में लॉन्च किया हुआ नया "न्यू टू यू" टैब भी रोल आउट करना शुरू कर दिया है ताकि यूजर्स अपनी पसंदीदा क्रिएटर्स की सामग्री का पता लगा सकें जो होम फीड पर दिखाई देने वाली सामान्य सिफारिशों का हिस्सा नहीं है।

नया टैब यूट्यूब होमपेज पर मोबाइल, डेस्कटॉप और टीवी डिवाइस पर उपलब्ध है।

"हम 'न्यू टू यू' के बारे में अधिक डिस्क्रिप्शन शेयर करने के लिए उत्साहित हैं। यह एक ऐसी सुविधा है जो आपको सामान्य रूप से देखे जाने वाले अनुशंसित वीडियो से परे नए क्रिएटर्स और नए कंटेंट को सर्च में मदद करती है। 'न्यू टू यू' अब मोबाइल, डेस्कटॉप पर यूट्यूब होमपेज पर उपलब्ध है " , कंपनी ने एक बयान में कहा।

यह भी पढ़ें : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भारत की पहली कार्गो ड्रोन और यूएवी टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है

यूट्यूब के इस फीचर से उन लोगों को लक्षित करके नए दर्शकों तक पहुंचने में मदद करने की उम्मीद है, जो उनकी कंटेंट में सबसे अधिक रुचि रखते हैं। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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श्रेया (Shreya Ghoshal) ने अपने और नए ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल के बीच पुरानी चैट को खोदने वाले प्रशंसकों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गायिका ने एक ट्वीट में उन्हें 'बचपन का दोस्त' कहा है। घोषाल ने अपनी स्कूली शिक्षा आठवीं कक्षा तक रावतभाटा के एटोमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल नंबर 4 में की, जहां वह ट्विटर के वर्तमान सीईओ पराग अग्रवाल की सहपाठी थीं।

अग्रवाल की ट्विटर के नए सीईओ के रूप में नियुक्ति के बाद 37 वर्षीय गायिका सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी थीं।

सोशल मीडिया यूजर्स को दोनों के बीच पुराना आदान-प्रदान मिला।

दूसरा अग्रवाल का एक ट्वीट है, जिसमें लिखा है, "अच्छी डीपी, क्या हाल चाल हैं। (नाइस डीपी। हाउ इज इट गोइंग)।

'चिकनी चमेली' हिटमेकर (Shreya Ghoshal) ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "अरे यार तुम लोग कितना बचपन का ट्वीट निकला रहे हो। ट्विटर अभी लॉन्च हुआ है। 10 साल पहले! हम बच्चे थे! दोस्त एक दसरे को ट्वीट नहीं करते क्या? क्या टाइम पास चल रहा है ये?"

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इंद्रेश कुमार, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक और वरिष्ठ संघ नेता । [Wikimedia Commons]

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक और वरिष्ठ संघ नेता इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने देश के उलेमाओं से कहा कि मदरसे में सिर्फ दीनी और मजहबी तालीम न दें, बल्कि स्किल डेवलपमेंट, कंप्यूटर शिक्षा और दूसरी सभी तालीम भी दें। उन्होंने सीएए और एनआरसी की हिमायत की और विश्वास दिलाया कि दूसरे देशों के सताए अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। साथ ही साथ उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपनी सीमा में रहने की नसीहत दी।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की निंदा करने पर इमरान खान की कड़ी आलोचना करते हुए वरिष्ठ संघ नेता ने कहा कि दुनिया के मुसलमानों के लिए क्या अयोध्या राम मंदिर समस्या है?

इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने कहा कि मदरसे अपनी जमीन को सिर्फ पढ़ाई तक ही सीमित रखें। मदरसों में गैर-कानूनी कामों को बढ़ावा देकर चंद लोग पूरे इस्लाम का नाम खराब करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों पर सख्ती की जरूरत है, ताकि ये दहशतगर्द इस्लाम, मुसलमान, मुल्क व मिल्लत का नाम न खराब कर सकें।

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इमरान खान ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की निंदा की थी। संघ नेता ने इसका जवाब देते हुए कहा कि दुनिया के मुसलमानों के लिए क्या अयोध्या राम मंदिर समस्या है? आप भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने में इतनी दिलचस्पी क्यों रखते हैं? हिंदू दुनिया में जहां कहीं भी रहते हैं, उस देश के कानूनों के मुताबिक रहते हैं।

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