Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

टेस्ला का भारत में प्रवेश, पहला पड़ाव बेंगलुरु

वर्षों के इंतजार और अटकलों के बाद, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने आखिरकार टेस्ला को बेंगलुरु में एक कंपनी के रूप में पंजीकृत करके भारत में प्रवेश कर लिया है। कंपनी रजिस्ट्रार वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को शामिल किया गया है और पंजीकृत पता लावेल

वर्षों के इंतजार और अटकलों के बाद, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने आखिरकार टेस्ला को बेंगलुरु में एक कंपनी के रूप में पंजीकृत करके भारत में प्रवेश कर लिया है। कंपनी रजिस्ट्रार वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को शामिल किया गया है और पंजीकृत पता लावेल रोड, बेंगलुरु में है।

आरओसी फाइलिंग में कंपनी ने कहा है, “टेस्ला ने 8 जनवरी को बेंगलुरु में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के साथ अपनी भारतीय सहायक कंपनी पंजीकृत की, जिसमें 15 लाख रुपये की अधिकृत पूंजी और 1 लाख रुपये की पेड-अप कैपिटल थी। सिटी सेंटर में विभव तनेजा के साथ टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी लिमिटेड खोला गया है। वेंकटरंगम श्रीराम और डेविड जॉन फाइंस्टाइन इसके निदेशक होंगे।” तनेजा टेस्ला के चीफ अकाउंटिंग ऑफिसर हैं, जबकि फाइन्स्टाइन टेस्ला में वरिष्ठ निदेशक (ग्लोबल ट्रेड न्यू मार्केट) हैं।


यह भी पढ़ें : कैपिटल हिल हमला मामले में एफबीआई के चौंकाने वाले खुलासे

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने भी मंगलवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि टेस्ला अपने भारत के परिचालन को जल्द शुरू करने के लिए बेंगलुरु में अपने अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) केंद्र की स्थापना कर रही है। कर्नाटक सरकार ने राज्य में टेस्ला को आमंत्रित करने के लिए एक मजबूत पिच बनाई थी।

टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क । (Wikimedia Commons)

येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, “कर्नाटक ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में भारत की यात्रा का नेतृत्व करेगा। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला जल्द ही बेंगलुरु में एक आर एंड डी यूनिट के साथ भारत में अपना परिचालन शुरू करेगी। मैं एलन मस्क का भारत और कर्नाटक में स्वागत करता हूं और उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।” टेस्ला भारत में परिचालन शुरू करने के लिए अन्य राज्य सरकारों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के साथ भी संपर्क में है। (आईएएनएस)

Popular

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep Reading Show less

कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। (IANS)

वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

Keep Reading Show less

मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

Keep reading... Show less