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टेक्नोलॉजी

टेस्ला भारत में इलेक्ट्रिक कारों के उद्योग को देगा मजबूती

एलन मस्क की कंपनी ने देश के शीर्ष अधिकारियों को काम पर रखा है, जो भारत में रहकर परिचालन का प्रभार संभालेंगे।

टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क।(Wikimedia Commons)

टेस्ला इस साल भारत में अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक कार बनाने की योजना बना रहा है। इसके तहत एलन मस्क की कंपनी ने देश के शीर्ष अधिकारियों को काम पर रखा है, जो भारत में रहकर परिचालन का प्रभार संभालेंगे। मस्क के भारत में टेस्ला लाने की बात के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने फरवरी में घोषणा की कि अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा कंपनी यहां अपनी उत्पादन इकाई स्थापित करेगी। टेस्ला पहले ही बेंगलुरु में अपना कार्यालय पंजीकृत कर चुका है।

उच्च पदों के लिए आईआईएम बैंगलोर के पूर्व छात्र मनुज खुराना को भारत के संचालन के लिए नीति और व्यवसाय विकास प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।


कंपनी ने निशांत को चार्जिंग मैनेंजर के रूप में नियुक्त किया है जो टेस्ला इंडिया के लिए सुपरचार्जिंग, डेस्टिनेशन चार्जिंग और होम चार्जिंग बिजनेस का नेतृत्व करेंगे। वह पहले घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी एथर एनर्जी में चाजिर्ंग इंफ्रास्ट्रक्च र एंड एनर्जी स्टोरेज के प्रमुख थे।

टेस्ला इंडिया के पास देश की एचआर लीडर चिथरा थॉमस हैं, जिन्होंने पहले वॉलमार्ट और रिलायंस रिटेल में काम किया था।

टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड भारत में जल्द उद्योग को बढ़ाएंगें। (Wikimedia Commons )

टेस्ला क्लब इंडिया ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, “टेस्ला इंडिया स्थानीय टीम बनाने के साथ पूरी गति से आगे बढ़ रही है। हम प्रगति देखने के लिए उत्साहित हैं। जब टेस्ला अपनी पहली कार डिलीवर करेगा तो उस दौरान मस्क आपको भारत में देखने की उम्मीद है।”

12 जनवरी को येदियुरप्पा ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया था कि टेस्ला बेंगलुरु में आरएंडडी इकाई के साथ भारत में अपना परिचालन शुरू करेगा।

इस खबर के आने के बाद चुप्पी को तोड़ते हुए टेस्ला ने बेंगलुरु में कंपनी के रूप में पंजीकरण कराके भारत में आने की बात कही थी। मस्क ने 13 जनवरी को कहा कि ‘वह भारत की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारों को चलाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए तैयार हैं।’

पिछले हफ्ते केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने टेस्ला को भारत में ईवीएस का निर्माण शुरू करने के लिए आमंत्रित किया है।

रायसीना डायलॉग 2021 में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए भारत में विनिर्माण शुरू करने का यह सुनहरा अवसर है।

यह भी पढ़ें: अगर टेस्ला का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया गया तो एलन कंपनी बंद कर देंगे!

उन्होंने कहा, “मैंने टेस्ला प्रबंधन के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। मैंने उन्हें सुझाव दिया कि यह उनके लिए भारत में विनिर्माण शुरू करने का सुनहरा अवसर है।”

गडकरी ने यह भी कहा कि उन्होंने कंपनी को आश्वासन दिया है कि सरकार उन्हें देश में औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने में मदद करेगी।

भारतीय ईवी निर्माताओं पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि “भारतीय उत्पादों में भी सुधार हो रहा है और दो साल के अंदर हमें भारतीय बाजार में टेस्ला मानक के ई-वाहन मिल जाएंगे।”

मंत्री ने कहा, “इसलिए मैंने टेस्ला के हित में सुझाव दिया कि आप भारत में जल्द से जल्द निर्माण शुरू करें। यह आपके लिए फायदेमंद होगा।”(आईएएनएस)

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\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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