Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

इंडिक्टिंग गोलियथ के लेखक समाज में लाना चाहते हैं बदलाव

लाल भाटिया ने अपनी पुस्तक की बिक्री का कुछ हिस्सा कई नेक कामों में लगाया है। उनकी पुस्तक अमेरिका के लगभग 21 न्यायालयों में व्यापक मुकदमेबाजी की बुनियाद पर स्थापित तथ्यों, सबूतों और गवाही पर आधारित है।

इंडिक्टिंग गोलियथ के लेखक, लाल भाटिया। (Facebook)

लाल भाटिया अपनी पुस्तक इंडिक्टिंग गोलियथ के कारण काफी लोकप्रिय हुए। यह किताब एक ऐसे व्यक्ति की वास्तविक जीवन की कहानी है, जिसने अमेरिका में कोई वकील के बिना न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, जब उसके खिलाफ धोखाधड़ी और झूठे आरोप लगाए गए थे। अपनी पुस्तक की बिक्री का कुछ हिस्सा उन्होंने कई नेक काम में लगाया जैसे पश्चिम बंगाल में विभिन्न लड़कियों के स्कूलों और कॉलेजों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन दान की, कोलकाता में जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया और हाल ही में मनाए गए दुर्गा पूजा में हजारों फेस मास्क भी वितरित किए।

उन्होंने कहा, सैनिटरी नैपकिन हर महिला की जरूरत है। यह एक आवश्यक वस्तु है और हर लड़की को इस तक पहुंच होनी चाहिए। मुझे लगता है कि बहुत सी गरीब युवा लड़कियों तक नैपकिन की पहुंच नहीं है और इसलिए मुझे लगा कि इंडिक्टिंग गोलियथ टीम को इस शून्य को पूरा करने की जरूरत है। हमने पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाईं। मुझे खुशी है कि युवा लड़कियों को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।


यह भी पढ़ें – राष्ट्रीय शिक्षा दिवस- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की ज़ुबानी

इस बीच आपको बता दें कि, भाटिया की पुस्तक अमेरिका के लगभग 21 न्यायालयों में व्यापक मुकदमेबाजी की बुनियाद पर स्थापित तथ्यों, सबूतों और गवाही पर आधारित है। लेखक लाल भाटिया को प्रताड़ित किया गया, पीड़ित किया गया, गलत तरीके से दोषी ठहराया गया और गलत तरीके से कैद किया गया। भाटिया को अपनी बेगुनाही साबित करने और भारत लौटने में 13 साल लग गए।

इंडिक्टिंग गोलियथ। (Facebook)

लाल भाटिया ने कहा, मैंने इन 13 वर्षों के सफर के दौरान किताब लिखी। मैंने हर मिनट का विवरण दिया और अपने दावे का समर्थन करने के लिए अविवादित तथ्यों और सबूतों को एकत्र किया और इसे किताब से जोड़ दिया। नोशन प्रेस एकमात्र प्रकाशन कंपनी थी, जो इस किताब को प्रकाशित करने के लिए सहमत थी क्योंकि यह किताब सिस्टम के अंधेरे पक्ष को उजागर करती है।

यह भी पढ़ें – अमेरिकी चुनावी नतीजे भारत से संबंध पर असर नहीं डालेंगे

उन्होंने कहा, यह एक तेरह साल की परेशान करने वाली यात्रा थी, जो अव्यवस्था के खतरों से गुजर रही थी, जिसने मेरी ईमानदारी और धीरज का परीक्षण किया। किसी ने भी यह नहीं मूल्यांकन किया कि किसी व्यक्ति पर अपराध का इल्जाम लगा देना एक घोटाला हो सकता है और यह किसी शक्तिशाली को बचाने के लिए एक कदम हो सकता है जो इस पूरे मामले में जुड़ा हुआ हो।

इस पुस्तक में अमेरिकी प्रशासन में घोर अन्याय और कई खामियों को प्रकाश में लाने के लिए भाटिया द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख है। (आईएएनएस)

Popular

रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

Keep Reading Show less

झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

Keep Reading Show less

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

Keep reading... Show less