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मनोरंजन

“देश अब सामाजिक मुद्दों को लेकर खुलकर बोलना चाहता है”

अभिनेता आयुष्मान खुराना ने कहा कि आज अगर लोगों को उनकी काबिलियत देखने को मिल रही है, वह इस वजह से क्योंकि एक इंसान के तौर पर वो हमेशा अपनी सोच को लेकर निडर रहे हैं।

अभिनेता आयुष्मान खुराना। (Facebook)

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता आयुष्मान खुराना आज एक ब्रांड हैं और अपनी सफलता का श्रेय वह खुद के न बदलने की काबिलियत को देते हैं।

आयुष्मान कहते हैं, “मेरे ख्याल से धारा के विपरीत जाकर काम करने और जैसा हूं बिल्कुल वैसा बने रहने के मेरे फैसले की वजह से मेरी बात बनी है। मैं असल जिंदगी में जैसा हूं उस व्यक्तित्व के प्रति सच्चा बना रहा।”


वह आगे कहते हैं, “मेरा मानना है कि देश अब सामाजिक मुद्दों को लेकर खुलकर बोलना चाहता है। मैं खुशकिस्मत हूं कि दर्शकों को मेरी फिल्मों का ब्रांड पसंद आया, वे इससे जुड़े रहे और अपनी भावनाओं को मेरी भावनाओं संग जोड़कर देखा। “

यह भी पढ़ें – आयुष्मान को था अमिताभ जी के साथ संकोच – शूजीत

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “आज लोगों को मेरी ये जो काबिलियत देखने को मिल रही है, वह इस वजह से क्योंकि एक इंसान के तौर पर मैं अपनी सोच को लेकर निडर रहा हूं। “

आयुष्मान ने अपनी फिल्मों पर और बात करते हुए कहा कि, “अगर मैं एक ऐसा इंसान होता, जिसका इन चीजों पर यकीन ही नहीं होता, जिसके बारे में उसने अपनी फिल्म में आवाज उठाई है, तो लोग किसी भी कीमत पर इससे खुद को नहीं जोड़ पाते।” (आईएएनएस)

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शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने आज हिन्दू धर्म अपना लिया। (Twitter)

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड(Shia Waqf Board) के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी(Wasim Rizvi) ने सोमवार को हिंदू धर्म(Hindu Religion) (जिसे सनातन धर्म भी कहा जाता है) अपना लिया। एक दैनिक समाचार वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अनुष्ठान के तहत डासना देवी मंदिर में स्थापित शिव लिंग पर दूध चढ़ाया।

समारोह डासना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती की उपस्थिति में सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ, वैदिक भजनों का जाप किया गया क्योंकि रिजवी ने इस्लाम छोड़ दिया और एक यज्ञ के बाद हिंदू धर्म में प्रवेश किया। वह त्यागी समुदाय से जुड़े रहेंगे। उनका नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी होगा।

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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