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थोड़ा हट के

कोरोना महामारी के बीच भी रायपुर में बहती रही विकास की बयार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले एक साल में कुछ ऐसे विकास कार्य हुए हैं जिससे शहर की तस्वीर बदल गई और रायपुर अन्य प्रांतों की विकसित राजधानी की कतार में जा पहुंचा है।

रायपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट । ( Wikimedia commons)

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले एक साल में कुछ ऐसे विकास कार्य हुए हैं जिससे शहर की तस्वीर बदल गई और रायपुर अन्य प्रांतों की विकसित राजधानी की कतार में जा पहुंचा है। आज रायपुर के विकास मॉडल की चर्चा देश भर में हो रही है। पिछले एक साल में विकास के दर्जनों काम किए गए हैं जिसका श्रेय यहां के युवा महापौर एजाज ढेबर को जाता है। कोरोना महामारी के दौर में भी जब सबकुछ थमा हुआ था यहां विकास की रफ्तार नहीं रुकी। पिछले एक साल में किए गए विकास एवं सौंदर्यीकरण के काम से रायपुर की तस्वीर बदली नजर आती है।

इस बाबत पूछने पर महापौर ढेबर ने कहा, “हमारी इच्छा है कि रायपुर अन्य प्रांतों की विकसित राजधानियों में गिना जाए। इसके साथ ही शहर वासियों को नागरिक सुविधाओं में कोई दिक्कत न हो। हम इस दिशा में जी-जान से जुटे हुए हैं और आगे इसके और बेहतर परिणाम दिखेंगे।” छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को दो साल पूरे हो गए। वहीं राजधानी रायपुर के महापौर के रूप में शपथ लेने वाले एजाज ढेबर का एक साल का कार्यकाल 10 जनवरी को पूरा हो जाएगा। रायपुर के युवा एवं ऊजार्वान महापौर एजाज ढेबर ने शपथ ग्रहण समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा था, “12 लाख लोगों ने जिस भरोसे के साथ हमें चुना है हम उस पर खरा उतरेंगे और एक साल में राजधानी को सुंदर एवं स्वच्छ बनाएंगे।”


रायपुर वासियों के जीवन को सुगम बनाने और नागरिक सुविधाओं में किसी तरह की कमी न हो इस लिए संकल्प के साथ महापौर ढेबर ने कोरोना काल में जहां सैकड़ों गरीबों व मजदूरों के लिए भोजन का प्रबंध किया वहीं विकास के काम को अमली जामा पहनाने के लिए वह कमर कसे रहे। उन्होंने अक्सर 10 से 12 घंटे काम किया और विकास कार्यों का जायजा लेने के साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जिससे काम तय समय पर पूरा किया जा सके।

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रायपुर रेलवे स्टेशन । ( Wikimedia Commons )

बदल गया है रायपुर

शहर की पहचान और इतिहासिक बूढ़ा तालाब का सौंदर्यीकरण आज महापौर के काम की गवाही दे रहा है। जो पहले कभी गंदा तालाब था अब वहां प्रतिदिन करीब पांच हजार लोग सैर के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पिछले एक साल में शहर के प्रमुख स्थलों सिटी कोतवाली, घड़ी चौक, गोविंद चौक, जयस्तंभ चौक, ग्लोबल चौक, जवाहर मार्केट, मल्टीलेवल पार्किंग , स्मार्ट रोड का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण तय समय में पूरा करवाया।

लागातार वाडरें, बाजारों एवं कालोनियों का दौरा कर वहां के लोगों की समस्याएं जानना और विकास कार्यों का निरीक्षण उनकी दिनचर्या में शामिल है। अन्य विकास कार्यों में ग्रीन कॉरीडोर, भैंसथान व्यावसायिक, साइकिल ट्रैक के साथ-साथ पहला इंटरनेशनल रनिंग ट्रैक, युवाओं के लिए पढ़ने की जगह, वाई-फाई, खेल के मैदान, 17 जगहों में आटोमैटिक स्मार्ट पाकिर्ंग, 24 घंटे पानी की व्यवस्था और पानी के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का काम शामिल हैं।

महापौर एजाज ढेबर ने कहा, “मैं सदैव रायपुर वासियों की सेवा में समर्पित हूं। मैं नियमित रूप से शिकायतें सुनता रहता हूं। मैंने सभी 70 वाडरें के लोगों से महापौर स्वस्छता हेल्पलाइन नंबर पर शिकायतें दर्ज कराने की अपील है जिससे तत्काल शिकायतों पर कार्रवाई की जा सके।” उन्होंने कहा, “शहर के बीचोबीच स्थित ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) की सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके बाद अब शहर के दूसरे तालाबों को भी संवारने का काम किया जा रहा है। शहर के अन्य तालाब भी अब बूढ़ा तालाब की तरह सुंदर नजर आएंगे। शहर में मौजूद तालाब राजधानी की धरोहर हैं। रायपुर के विकास के लिए तालाबों का संरक्षण जरूरी है।”(आईएएनएस)

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यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

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मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

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