Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

अयोध्या में त्रेतायुग की उमंग, पढ़िए कैसे ?

अयोध्या में त्रेतायुग का दृश्य शुक्रवार को एक बार फिर जीवंत हो उठा है। दीपोत्सव में 'राम-राम जय राजा राम' की गगनभेदी जयघोष ने माहौल को राममय कर दिया था।

अयोध्या में दिवाली के अवसर पर दिव्य दीपोत्सव मनाया जा रहा है। (IANS , Twitter)

पुष्पक विमान से अवधपुरी आते सिया, राम और लक्ष्मण, आतुर नयनों से आराध्य की प्रतीक्षा करते हजारों श्रद्धालु, वातावरण में वैसी ही मंगल ध्वनियां, वैसा ही उमंग और उत्साह से भरा मन। धर्मनगरी अयोध्या में त्रेतायुग का यह दृश्य शुक्रवार एक बार फिर जीवंत हो उठा। सरयू तीरे, आस्था का ठीक वैसा ही सैलाब उमड़ा, जैसा त्रेतायुग में 14 वर्ष के वनवास को पूरा कर भगवान श्रीराम अयोध्या वापस आगमन पर उमड़ा था।

‘दिव्य दीपोत्सव’ में ‘राम-राम जय राजा राम’ की गगनभेदी जयघोष ने माहौल को राममय कर दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार ‘अपराह्न् साढ़े तीन बजे चौधरी चरण सिंह घाट पर पुष्पक विमान की आभा लिए हेलीकॉप्टर उतरा। विमान में प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मौजूद थे। भगवान के इन प्रतीकात्मक स्वरूपों की अगवानी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे।


यह भी पढ़ें – त्योहारों के बदले मिज़ाज से दीपावली भी अछूती नहीं

भगवान के प्रतीकात्मक स्वरूप विमान से उतरे तो श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयघोष कर अभिनन्दन किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधिपूर्वक राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, वशिष्ठ आदि के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेशवासियों की ओर से नमन अर्पित किया।

अयोध्या। (VOA)

भगवान राम और भरत मिलाप का प्रेरक कथानक भी यहां साकार हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिनन्दन कर लोक कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद, रामकथा पार्क में भव्य मंच पर स्वस्ति वाचन और शांति पाठ आदि वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम के स्वरूप का अभिषेक कर युगों पूर्व राम राज्याभिषेक की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।

यह भी पढ़ें – जानिए, धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं झाड़ू, बर्तन

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह सहित विशिष्ट जनों ने भी सभी देव स्वरूपों का तिलक किया। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से अनेक संत-महात्माओं को सम्मानित किया गया।

दीपोत्सव के लिए शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में विराजमान रामलला के दर्शन कर पंच दिवसीय महापर्व ‘दीपावली’ के अवसर पर रामलला से प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। रामलला के दर्शन के समय मुख्यमंत्री के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टीगणों की उपस्थिति भी रही। (आईएएनएस)

Popular

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

Keep Reading Show less

ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

Keep Reading Show less

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep reading... Show less