Monday, October 26, 2020
Home थोड़ा हट के क्या आप जानते हैं कि धरती पर रह रहा, सबसे पुराना जीव...

क्या आप जानते हैं कि धरती पर रह रहा, सबसे पुराना जीव कौन है ?

UWA के वैज्ञानिकों के अनुसार भूमध्य सागर के तल पर उगने वाले समुद्री घास (Seagrass) धरती पर रह रहे सबसे प्राचीन जीव हो सकते हैं।

कहा जाता है कि तस्मानियाई पौधे (Tasmanian plant) लगभग साठ हज़ार वर्ष पुराने हैं। पर वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा खोज निकाला है जो उन तस्मानियाई पौधों से भी अत्यंत प्राचीन है।

असल में, भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) के तल पर उगने वाले समुद्री घास, इस ग्रह के सबसे प्राचीन, धरती पर रहने वाले जीव हो सकते हैं। यह दावा मेरा नहीं बल्कि, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में शोध कर, ऐसा अनुमान लगाया है। 

तो क्यों ना पहले मैं आपको भूमध्य सागर के संबंध में भी कुछ तथ्यात्मक बातें बता दूँ। 

भूमध्य सागर

भूमध्य का अर्थ हुआ धरती के मध्य का भाग। प्राचीन काल में यूनान, रोम, अरब, स्पेन जैसे देशों के बीच स्थित होने के कारण इसका यह नाम पड़ा। भूमध्य सागर का क्षेत्रफल, भारत के क्षेत्रफल का तकरीबन तीन-चौथाई है। और वर्तमान में यह अटलांटिक महासागर से जुड़ा हुआ है। 

यह भी पढ़ें – मेरा मानसिक स्वास्थ्य, हाय तौबा ज़िंदाबाद !

भूमध्य सागर Mediterranean Sea
भूमध्य सागर। (Twitter)

एक लाख साल पुराने

अब पुनः वैज्ञानिकों की छानबीन की बात करें तो, शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके अध्ययन से यह बात साफ होती है कि यह जलमग्न वनस्पतियां लगभग ‘ एक लाख साल ’ पुरानी हैं।

चिरंजीवी अस्तित्व का मूल कारण 

वैज्ञानिकों का कहना है कि सेल्फ-क्लोनिंग और अलैंगिक रूप से खुद को जन्म देने की क्रिया को करने की क्षमता ही, इनके चिरंजीवी अस्तित्व का मूल कारण है। 

जिन जगहों पर शोधकर्ताओं ने जांच की है, वो सतह दस हज़ार साल से सूखी है और उस वक़्त समुद्र का स्तर आज के मुकाबले सौ मीटर कम हुआ करता था।

वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी (UWA)

अध्ययन का नेतृत्व पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के महासागर संस्थान द्वारा किया गया था। पेश की गयी रिपोर्ट को प्लॉस वन पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

आपको बता दूँ कि सागर के निचले भाग में उगने वाले समुद्री घास ही तटीय पारिस्थितिक तंत्रों (coastal ecosystems) की नींव होते हैं। निराशाजनक बात है कि यह समुद्री घास पिछले बीस सालों से अपने पतन की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। 

वैज्ञानिकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह जीव भी अब जलवायु के बदलते चक्र में खुद को ढालने में असमर्थ साबित होंगे। 

यह आर्टिक्ल VOA पर छपे एक अंग्रेज़ी लेख से प्रेरित है।

POST AUTHOR

जुड़े रहें

6,018FansLike
0FollowersFollow
168FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

रियाज़ नाइकू को ‘शिक्षक’ बताने वाले मीडिया संस्थानो के ‘आतंकी सोच’ का पूरा सच

कौन है रियाज़ नायकू? कश्मीर के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमांडर बुरहान वाणी 2016 में ...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया..” के सदाबहार गायक जसपाल सिंह की कहानी

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया” इस गाने को किसने नहीं सुना होगा। अगर आप 80’ के दशक से हैं...

हाल की टिप्पणी