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दुनिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVID-19 महामारी को विश्व की एक वर्ष की वर्षगांठ की आधिकारिक घोषणा की!

कोविड-19 ( Covid-19) महामारी को वैश्विक महामारी का एक वर्ष पूरा हो चूका है। जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health organization) ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

कोविड-19 ( Covid-19) महामारी को वैश्विक महामारी का एक वर्ष पूरा हो चूका है। जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health organization) ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की , जिसके मुताबिक कोविड-19 (Covid-19) महामारी को वैश्विक महामारी घोषित करने के एक साल बाद ही एक नए अध्ययन से पता चला है कि , ब्रिटेन (Britain) में पहली बार एक वायरस (Virus) के प्रकार के बारे में पता चला है। अध्ययन के मुताबिक, यह अन्य पिछले संस्करणों की तुलना में अत्यधिक घातक है। 


ब्रिटेन मेडिकल जर्नल (Britain Medical Journal) में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि , B.1.1.7 वेरिएंट से संक्रमित लोगों में मरने कि संभावना 30 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच में है और यह अन्य संस्करणों से संक्रमित दूसरे के तुलना में काफी अधिक है। इसका औसत दर भी लगभग 64 प्रतिशत है। 

B.1.1.7 वेरिएंट का 100 से भी अधिक देशों में पता चल गया है क्योंकि यह पहली बार दक्षिण पूर्व ब्रिटेन (South-East Britain) में सितंबर में पाया गया था। पिछले अन्य कई अध्ययनों के अनुसार अब यह पता चला है कि , यह अन्य संस्करणों की तुलना में अत्यधिक संक्रामक है।

हाल ही में ब्राजील (Brazil) ने 2,286 कोविड-19 से पीड़ित लोगों की मौतें दर्ज की है। एक बार फिर बड़ी संख्या में एक-दिवसीय मौतें हुई हैं। दक्षिण अमेरिका South America) देश, P.1 वेरिएंट, जिसे पिछले नवंबर अमोजोनियन (Amazonian) क्षेत्रीय शहर में खोजा गया था, द्वारा कोरोनावायरस (Corona Virus) मामलों को रोकने के लिए एक नाटकीय रूप से काम कर रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि , P.1 वेरिएंट कोरोनावायरस (Corona virus) के मूल संस्करण की तुलना में 1.4 से 2.4 गुना अधिक पारगम्य है और जो लोग कोविड से ठीक होने के बाद , दुबारा संक्रमित होते हैं, उनपर भी यह लगाम लगाता है।

जॉन्स हॉपकिंस कोरोनावायरस रिसोर्स सेंटर (Johns Hopkins Corona Virus centre) के अनुसार , दुनिया में कुल 118 मिलियन लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं , जिनमे से केवल ब्राजील (Brazil) में ही , 11.2 मिलियन लोग हैं। अमेरिका (America) और भारत (India) के बाद ब्राजील (Brazil) ठीक उनके पीछे , तीसरे स्थान पर है। जबकि मृत्यु दर देखी जाए तो , दूसरे स्थान पर ही ब्राजील(Brazil) है। संयुक्त राज्य अमेरिका(United States of America) में 270,0656 और ब्राजील (Brazil) में 529,203 हैं।

वैश्विक कोरोनावायरस को रोकने के लिए , उसके खिलाफ अपने नागरिकों को टीका लगाने के लिए कई राष्ट्र संघर्ष कर रही है। हाल ही में अमेरिका (America) के राष्ट्रपति ” जो बाइडेन” (Joe Biden) ने जॉनसन (Johnson) एंड जॉनसन द्वारा विकसित एकल शॉट वैक्सीन के किसी भी अधिशेष को दुनिया के साथ साझा करने का वादा किया है। बाइडन(Biden) ने घोषणा की है कि , संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) , जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के 100 मिलियन से भी अधिक खुराक खरीदेगा ताकि देश में कोविड-19 (Covid-19) वैक्सीन की आपूर्ति को बढ़ावा दिया जा सके। तथा अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जा सके।

जब तक पूरी दुनिया इस महामारी से नहीं उभरेगी , तब तक हम भी सुरक्षित नहीं हैं। (VOA)

राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने यह भी कहा कि , यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे किसी दीवार द्वारा रोका जा सके, चाहे आप कितनी भी ऊंची दीवार का निर्माण कर लें, इसलिए जब तक पूरी दुनिया इस महामारी से नहीं उभरेगी , तब तक हम भी सुरक्षित नहीं हैं।

पिछले महीने ही बाइडन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health organization) के वैश्विक वैक्सीन साझाकरण कार्यक्रम COVAX जो अमीर देशों की मदद से टीके खरीदता है तथा उन्हें सभी देशों में समान रूप वितरित करता है , के लिए $4 मिलियन देने का वादा किया था। 

अमेरिकी (American) शोधकर्ताओं के एक समूह का कहना है कि , जो लोग पहले से ही कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित हैं , उन्हें केवल दो शॉट , फाइजर – बायोंटेक (Pfizer- BioNTech) या मॉडर्न रेजिमेन (Modern regimen) कि एक खुराक की ही ज़रूरत है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन (New England journal of Medicine) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में न्यूयॉर्क माउंट सिनाई (Mount Sinai) में , इकान स्कूल ऑफ़ मेडिसिन (Icahn school of medicine) के साथ 32 वैज्ञानिकों ने कहा कि , एक छोटे से अध्ययन से पता चला है कि , वायरस से उभरने वाले लोग, औसत संक्रमित व्यक्ति के रूप में, उनकी पहली खुराक के बाद लगभग 10 से 45 गुना से अधिक एंटीबॉडी विकसित करते हैं।

यह भी पढ़े :- 34 मिलियन लोग अकाल के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं: यूएन

शोधकर्ताओं ने एक और सिद्धांत को स्वीकार किया है कि , एक बार एक व्यक्ति को कोविड होने के बाद , उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली एक मजबूत और तेज़ रक्षा को स्थापित करेगा। जिसके बाद, जब फिर टीके को शरीर में ट्रिगर किया जाएगा तो यह एंटीबॉडी का उत्पादन करना शुरू कर देगी।(VOA-SM) 

(हिंदी अनुवाद स्वाती मिश्रा द्वारा!)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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