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दुनिया

मोदी की बांग्लादेश यात्रा के दौरान बड़े पैमाने पर हमले की थी योजना : खुफिया रिपोर्ट

बांग्लादेश खुफिया विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस, मीडिया और सरकारी प्रतिष्ठानों पर व्यापक रूप से रक्तपात और बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी की गई थी।

By: सुमी खान


पिछले सप्ताह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की ढाका यात्रा से दो दिन पहले बांग्लादेश(Bangladesh) खुफिया विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस, मीडिया और सरकारी प्रतिष्ठानों पर व्यापक रूप से रक्तपात और बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी(Jamat-E-Islami) ने बड़े पैमाने पर हमले करने के लिए भारी मात्रा में धन का भुगतान किया, ताकि मोदी की यात्रा के दौरान शेख हसीना(Sheikh Haseena) के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए जा सकें। मोदी 26-27 मार्च को बांग्लादेश के दौरे पर थे।

इसने जमात-ए-इस्लामी और हिफाजत-ए-इस्लाम के नेताओं के स्वामित्व वाले सभी आवासीय होटलों में छापेमारी करने की भी सिफारिश की। इसमें कहा गया है, यदि आवश्यक हो, तो कुछ गिरफ्तारियां की जानी चाहिए। जमात के स्वामित्व वाली अचल संपत्ति, अस्पतालों, बीमा, मदरसों, वाणिज्यिक इमारतों में छानबीन की जानी चाहिए। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने के लिए कहना चाहिए।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जमात-ए-इस्लाम के लोगों ने मोदी की यात्रा के मद्देनजर अपने 60 प्रतिशत अनुयायियों को राजधानी ढाका में स्थानांतरित होने के लिए कहा था। नतीजतन इस्लामी छत्री संगठन, जमात की महिला विंग और इस्लामिक शैडो संगठन (महिलाओं और बच्चों सहित) के सदस्यों ने ढाका में प्रवेश किया था। जमात-ए-इस्लामी के नेता और कार्यकर्ता, जो ढाका के बाहर से आए थे, उन्हें तीन समूहों में विभाजित किया गया था।

विरोध में सड़क पर उतरे कट्टरपंथी संगठन।(VOA)

खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी योजना के अनुसार, जमात के छात्रसंघ अध्यक्ष शिबीर सहित पहले समूह को मोदी(Modi) विरोधी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होना था। दूसरा समूह लेफ्ट शेड संगठन के साथ मोदी विरोधी रैली में शामिल होना था, जबकि योजना के अनुसार, तीसरा समूह हिफाजत के छह इस्लामी राजनीतिक दलों के प्रदर्शन में शामिल होना था। इस बीच एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जमात, हिफाजत और विपक्षी बांग्लादेश(Bangladesh) नेशनलिस्ट पार्टी प्रधानमंत्री शेख हसीना को गिराने की साजिश रच रहे हैं।

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सिविल-सोसाइटी के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से ये संगठन विरोध प्रदर्शनों को अंजाम दे रहे हैं, उनके मकसद का स्पष्ट पता चलता है और वे देश की शांति और प्रगति में बाधा चाहते हैं। सदस्यों ने कहा कि जिस तरह से वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वह अनुचित है और उन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आगे दावा किया कि बांग्लादेश के देशभक्त लोग चल रहे असाधारण सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालकर अस्थिरता पैदा करने के किसी भी प्रयास को विफल कर देंगे। सरकार ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ढाका और देश के अन्य हिस्सों में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) सैनिकों को तैनात किया है।(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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