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दिवाली पर बसों में बढ़ रही भीड़, 39 लाख यात्री कर सकते हैं सफर

दिवाली की तैयारियां अपने चरम पर हैं। हर बार की तरह इस बार भी घर से दूर रहने वाले लोग त्यौहार अपने परिवार के साथ मनाने की चाह रखते हुए घर जाने की जुगत में लग गए हैं।

दिवाली पर बसों में बढ़ सकती है भीड़ (Wikimedia commons )

दिवाली की तैयारियां अपने चरम पर हैं। हर बार की तरह इस बार भी घर से दूर रहने वाले लोग त्यौहार अपने परिवार के साथ मनाने की चाह रखते हुए घर जाने की जुगत में लग गए हैं। देश के सबसे बड़े ऑनलाइन बस टिकटिंग प्लटेफॉर्म रेडबस पर अब तक इंटरसिटी बसों के लिए हुई टिकट बुकिंग के आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं। 14 नवंबर को दीपोत्सव के त्यौहार से 15 दिन पहले ही रेड बस पर टिकट के लिए बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

त्यौहार के इस खास मौके पर यात्रियों की बढ़ती वाहन जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम की 17 बसें और 1,900 से अधिक प्राइवेट बसें रोजाना 40,000 दैनिक सेवाएं देंगी, जिनके माध्यम से 39 लाख यात्रियों के सफर करने की उम्मीद जताई जा रही है।


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रेडबस से प्राप्त अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि दिवाली के लिए चेन्नई और मदुरै के बीच बस से सफर करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह इस ओर भी इशारा करता है कि पूरे भारत में चेन्नई से सफर करने वालों की संख्या भी सबसे अधिक है।

रेल सेवा अभी भी सीमित, बड़े शेहरों में बसें की व्यवस्था

देश में रेल सेवाओं के संचालन को अभी तक सीमित रखा गया है, ऐसे में घर वापसी के लिए बसों की ओर रुख करने वाले यात्रियों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। कुछ रेल मार्ग ऐसे हैं, जहां सफर की जरूरतों को बसें पूरा कर रही हैं, वे हैं – पटना से कोलकाता, बलिया से लखनऊ, पलासा से विशाखापट्टनम, बरहमपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर से कोलकाता।फिलहाल, 60 प्रतिशत बुकिंग राज्य के भीतर सफर करने के लिए हुई है और शेष 40 फीसदी अंतर्राज्यीय सफर के लिए हुई है। मौजूदा बुकिंग में से 58 फीसदी वातानुकूलित बसों के सफर के लिए की गई है।

शीर्ष पांच राज्य जहां रेडबस को सबसे अधिक सफर के लिए मांग देखने को मिल रही है, उनमें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात शामिल हैं। (आईएएनएस)

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यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

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मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

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