प्रदूषण मापने के लिए TIET छात्रों ने डिज़ाइन किया थापसेट सैटेलाइट

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थापर इंस्टीटयूट के छात्र पंजाब के आसपास प्रदूषण का स्तर मापने के लिए उपग्रह प्रक्षेपित करेंगे। (Unsplash)

पंजाब (Punjab) स्थित थापर इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (TIET) के छात्रों और संकाय सदस्यों की 25 सदस्यीय टीम पंजाब में प्रदूषण (pollution) का स्तर मापने के लिए अपने नैनो उपग्रह (satellite) थापसेट (ThapSat) को लेकर काफी उत्साहित है और इसे संभवत: 2023 में प्रक्षेपित किया जा सकता है।

इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राणा प्रताप यादव ने आईएएनएस को बताया भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से वर्ष 2023 की पहली तिमाही में हमें इसके प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है। अभी इस उपग्रह के असेंबल किए जाने की प्रकिया जारी है और इसका बाद में परीक्षण किया जाएगा। इसके जमीनी स्टेशन से संबंधित सभी प्रकार की सामग्री को हासिल किया जा चुका है।

यादव के मुताबिक चेन्नई आधारित डाटा पैटंर्स (India) लिमिटेड इसे असेंबल करेगी और बाद में इसका परीक्षण किया जाएगा तथा इसका जमीनी स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।

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चेन्नई आधारित डाटा पैटंर्स(India)लिमिटेड इसे असेंबल करेगी और बाद में इसका परीक्षण किया जाएगा। [Pixabay]

उन्होंने बताया इस उपग्रह की लागत 3.5 करोड़ रुपए है और हमारे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों में पद्म भूषण ए शिवांथु पिल्लई शामिल हैं। एक बार संकाय सदस्यों की एक बैठक में उन्होंने एक शोध प्रस्ताव पेश करने को कहा था और तब मैंने कहा था कि पंजाब में वायु प्रदूषण एक बड़ी चिंता का विषय है जिस पर उपग्रह के जरिए नजर रखी जा सकती है। इसके बाद से इस प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई थी।

उन्होंने बताया कि इस उपग्रह (satellite) का वजन 10 किलागाम है और इसका कार्यकाल छह वर्ष होगा तथा इसे अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा की मदद से चलाया जा सकेगा। सेटेलाइट बस का डिजाइन इसरो ने तय किया है और प्रदूषण पर नजर रखने वाले पेलोड का डिजाईन थापसेट की टीम ने किया है।

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इसरो ने अब तक भारतीय शैक्षिक संस्थानों तथा अन्य जैसे प्रथम(आईआईटी बॉम्बे), स्वयं(पुणे इंजीनियरिंग कालेज), सत्याभामासेट(सत्यभामा यूनिवर्सिटी, चेन्नई),अनुसेट(अन्ना विश्वविद्यालय , चेन्नई), स्टडसेट(कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के सात इंजीनियरिंग कालेजों के छात्रों के कंसोर्टियम द्वारा निर्मित),एसआरएमसेट(एसआरएम विश्वविद्यालय), जुगनू (आईआईटी कानपुर),सतीश धवनसेट/एसडीसेट(स्पेश किडज इंडिया), यूनिटीसेट(जेपीयार इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नालाजी, श्रीपेरूमबदुर, जीएच रायसोनी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नागपुर और श्रीशक्ति इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी, कोयम्बटूर), कलामसेट वी दो(स्पेश किडज इंडिया)नियूसेट(नूरूल इस्लाम यूनीवíसटी,तमिलनाडु),पाइसेट(पीईएस यूनीवर्सिटी, बेंगलुरू और इसके कंसोर्टियम)के बनाए उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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