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राजनीति

दो मई के बाद टीएमसी के गुंडों को ढूंढ कर निकालेंगे और सजा देंगे : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार ममता के निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम समेत मेदिनीपुर और चंद्रकोना में गुरुवार को तीन बड़ी रैलियां कीं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) ने कहा कि दो मई के बाद टीएमसी  (TMC ) के गुंडों को ढूंढ कर निकालेंगे और सजा देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) ने गुरुवार ममता के निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम समेत मेदिनीपुर और चंद्रकोना में गुरुवार को तीन बड़ी रैलियां कीं। रैलियों में जुटे समर्थकों की जबरदस्त भीड़ के बीच योगी ने भारतीय संस्कृति की पहचान इस भगवा कपड़े से दीदी घबरा रही हैं। 8 दिन पहले मारे गए भाजपा के कार्यकर्ता को याद करते हुए योगी ने कहा अब ज्यादा दिन नहीं बचा है। दो मई के बाद टीएमसी के गुंडों को ढूंढ कर निकालेंगे और सजा देंगे।

मुख्यमंत्री ने टीएमसी की सरकार पर तूफान पीड़ितों की मदद के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया पैसा हड़प जाने का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि टीएमसी (TMC ) के तोलेबाज केंद्र से भेजा गया गरीबों, पीड़ितों का पैसा भी खा गए। मुख्यमंत्री ने रैली के मंच से कहा कि ममता दीदी को भगवान राम से भी चिढ़ है। वो जय श्री राम का नारा नहीं लगने देती हैं। योगी ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण की धरती से मैं रामकृष्ण परमहंस की इस धरती पर आया हूं।


भीड़ से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि, “आपको ममता बनर्जी से दस वर्षों का हिसाब मांगना चाहिए। उनसे पूछना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में जब दुगार्पूजा हो सकती है, तो बंगाल ( Bengal ) में क्यों नही हो सकती। आज से दस साल पहले नन्दीग्राम में कम्युनिस्टों ने कितनी बर्बरता की थी, आज मैं उन शहीदों के परिवारों से मिला, दीदी को उन शहीदों की कोई चिंता नहीं, जबकि उन्ही से उनको सत्ता मिली है।”
 

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नंदीग्राम( Nadigram ) की जनसभा में योगी ने कहा कि, “बंगाल की धरती कभी भक्तिकाल में आवाज बनी थी, कभी आजादी की लड़ाई में साक्षी बनी थी, कभी कश्मीर के निर्माण की गवाह बनी थी, आज उसी बंगाल के निर्माण के लिए सुवेन्दु अधिकारी ने बीड़ा उठाया है।”

बंगाल के गौरवपूर्ण इतिहास की चर्चा करते हुए योगी ने भीड़ से कहा, “याद करिये इसी बंगाल की धरती से सुभाष चन्द्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका था और कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। इसी बंगाल से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद देने वाले स्वामी विवेकानंद ने कहा था गर्व से कहो हम हिन्दू हैं। इसी धरती से नोबेल पुरस्कार पाने वाले गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर आते हैं। बंगाल राष्ट्रगान जन गण मन की धरती है। मैं इस धरती को कोटि कोटि प्रणाम करता हूं।”

योगी ने कहा, “भाजपा ( BJP ) को मौका दीजिये, घुसपैठ नहीं होने देंगे। जो लोग दुर्गापूजा, सरस्वती पूजा पर रोक लगाते हैं वो कहीं नहीं टिक पाएंगे। आज तो जय श्रीराम का नारा हर जवान, हर बुजुर्ग, हर महिला बहन के मुंह से निकल रहा है। राम तो सबके हैं लेकिन दीदी को राम के नाम से चिढ़ है।”

योगी ने कहा बंगाल कभी समृद्ध माना जाता था। लेकिन कभी कांग्रेस ने, कभी कम्युनिस्टों ने और अब टीएमसी ने इसके संसाधनों को लूट कर बर्बाद कर दिया। ( AK आईएएनएस )

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (VOA)

बसपा प्रमुख मायावती(Mayawati) की रविवार को टिप्पणी, गोरखनाथ मंदिर की तुलना एक "बड़े बंगले" से करने पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने तत्काल प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने उन्हें मंदिर जाने और शांति पाने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री, जो मंदिर के महंत भी हैं, ने ट्विटर पर निशाना साधते हुए कहा - "बहन जी, बाबा गोरखनाथ ने गोरखपुर के गोरक्षपीठ में तपस्या की, जो ऋषियों, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों की यादों से अंकित है। यह हिंदू देवी-देवताओं का मंदिर है। सामाजिक न्याय का यह केंद्र सबके कल्याण के लिए कार्य करता रहा है। कभी आओ, तुम्हें शांति मिलेगी, ”उन्होंने कहा।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Wikimedia Commons)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री(Union Health Minister) मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) ने सोमवार को 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और टेली-परामर्श सुविधा तक आसान पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक नया सीजीएचएस वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

टेली-परामर्श की नई प्रदान की गई सुविधा के साथ, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) के लाभार्थी सीधे विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं, उन्होंने कहा।

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झारखंड के खेतों में उपजायी जा रही फसलें और यहां के किसानों की सफलता की खुशबू अब देश-दुनिया तक पहुंच रही है (Wikimedia Commons)

झारखंड(Jharkhand) के खेतों में उपजायी जा रही फसलें और यहां के किसानों की सफलता की खुशबू अब देश-दुनिया तक पहुंच रही है। ये वही किसान हैं, जो कभी खेतों में सालों भर पसीने बहाकर और अपना खून सुखाकर भी फसलों को औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर होते थे। तकनीक की समझ और इंटरनेट के जरिए घर बैठे देश-दुनिया के कोने-कोने में संपर्क साधने की सहुलियत गांवों तक पहुंची तो किसानों की जिंदगी भी बदल रही है। सबसे सुखद पहलू यह कि बदलाव और कामयाबी की इन नई कहानियों में महिलाओं का किरदार बेहद अहम है।

हजारीबाग(Hazaribag) जिले के उग्रवाद प्रभावित चुरचू प्रखंड की सात हजार महिला किसानों के एक समूह की कहानी किसी को भी चमत्कृत कर सकती है। 2017 में यहां की दस महिला किसानों ने एक समूह बनाया और एक साथ मिलकर खेती की शुरूआत की। धीरे-धीरे इस समूह से जुड़नेवाली महिला किसानों की संख्या बढ़ती गयी और इसके बाद 2018 में चुरचू नारी ऊर्जा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की शुरूआत हुई।

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