Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
ज़रूर पढ़ें

TRANSPARENCY WEB SERIES: स्वराज से लेकर भ्रष्टाचार तक का सफर (भाग-5)

अरविंद केजरीवाल का छल इतना बड़ा है कि आगे आने वाली एक पीढ़ी तक जनता अब किसी पर भी विश्वास नहीं करेगी।

भ्रष्टाचार किसी भी समाज के लिए, वहां रहने वाली जनता के लिए कलंक माना जाता है। भ्रष्टाचार (Corruption) दीमक की तरह होता है जो समाज को धीरे – धीरे खोखला बना देता है और दुर्भाग्यवश भारत की राजनीति, यहां की अलग – अलग सत्ताधारी पार्टियां सब भ्रष्टाचारी में लिप्त है। कोई भी इससे अछूता नहीं है। 

इसी कलंक को गत दशक राजनीति से, लोकतंत्र से मिटाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने एक मुहिम छेड़ी थी। अरविंद केजरीवाल का कहना था हमारा मकसद है भ्रष्टाचार मिटाना, जहां संसद में एक भी भ्रष्टाचारी नहीं होना चाहिए। लेकिन सत्ता का लालच और कुर्सी पाने की होड़, उससे केजरीवाल भी अछूते ना रहे सके और उसी गद्दी के लालच में कितने ही कुकर्मों को अंजाम दिया है अरविंद केजरीवाल ने। 


अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) क्या दिल्ली तक सीमित थी? एक पार्टी जो देश बदलने आई थी फिर क्यों वो अलग – अलग राज्यों में भी अपना नियंत्रण हासिल करना चाहती है? क्या अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) पंजाब के मुख्य मंत्री बनना चाहते थे? क्यों दिल्ली में 90 सीटें जीतने के बाद भी अरविंद पंजाब (Punjab) के सपने देख रहे थे? क्या पंजाब जीतने के लिए पंजाब की शांति तक को भंग करने के लिए तैयार थे केजरीवाल? 

शुरुआत के दिनों में जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ तब अरविन्द केजरीवाल कहते थे, ये केजरीवाल की पार्टी क्या होता है। मेरी पार्टी नहीं है ये। मुझे पार्टी बनाने की क्या जरूरत है, मैं तो अच्छा खासा कमा रहा था। ये तो देश के लोगों की पार्टी है। आम आदमी की पार्टी है। ऐसे ना जाने कितने ही बड़े – बड़े भाषण दिए थे केजरीवाल ने फिर आज क्यों कुर्सी से चिपके बैठे हैं? फिर क्यों आज “आम जनता” को सुनने वाला कोई नहीं है? 

उस समय पार्टी के गठित होने के बाद आगामी चुनाव के लिए काफी तैयारी कर रही थी आम आदमी पार्टी। उस समय अरविंद केजरीवाल ने कहा था, हम चाहते हैं चुनाव में आम जनता को भी मौका मील सके। लेकिन फिर आखिर क्यों उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर की टिकट जानबूझ कर रद्द करा दी थी? क्यों एक ऑटो ड्राइवर की टिकट छिन कर उस समय BJP से AAP में जुड़े एक नेता को दे दी गई थी? क्या कारण था? क्यों केजरीवाल केवल जीत हासिल करने के लिए कैसे भी कैंडिडेट को अपनी पार्टी में लेने को तैयार हो गए थे? क्यों देश बदलने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनका मकसद जीत की ओर अग्रसर हो गया था? 

2015 में अरविंद केजरीवाल जब 67 सीटों से जीत मुख्यमंत्री बन गए थे, उसी के बाद कापासेढ़ा इंसिडेंट हुआ था। कापासेढ़ा की दो मीटिंग हुई थी, एक नेशनल एक्जीक्यूटिव की और दूसरी नेशनल काउंसिल की। कई लोग आज भी जानना चाहते हैं की आखिर National Executive Meeting में क्या हुआ था। कैसे और आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल के नजदीकी व सबसे बड़े कार्यकर्ता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को नेशनल एक्जीक्यूटिव से निकाल दिया गया था? 

राजनीति में दो चीजों से किसी भी नेता की इज्जत होती है। या तो उसके सिद्धांत मजबूत हो। सिद्धांत वाला व्यक्ति हो। या दूसरा जनता उसके साथ खड़ी हो। अपने सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति थे अरविंद केजरीवाल आखिर क्यों उन्हें महत्वकांक्षा होने लगी की वह प्रधानमंत्री बने? 

झूठ को कैसे प्रस्तुत करना है सच बनाकर ये अरविंद केजरीवाल की सबसे जबरदस्त क्वालिटी है। केजरीवाल ने ईमानदारी के नाम पर जो ढकोसला किया, झूठ बोला आज इसका देश पर इतना बड़ा प्रभाव पड़ा है कि अगर कोई सच्चा आदमी भी खड़ा होकर बोलेगा की मैं ईमानदार हूं तो कोई उस पर विश्वाश नहीं करेगा। आंदोलन की समाज की मूलभूत गरिमा को ही खत्म कर डाला केजरीवाल ने। केजरीवाल का छल इतना बड़ा है कि आगे आने वाली एक पीढ़ी तक जनता अब किसी पर भी विश्वास नहीं करेगी। 

हमें हमारे सभी प्रश्नों के जवाब Transparency: Pardarshita web series के माध्यम से मिलेंगे। क्या है अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा। इसे हम ट्रांसपेरेंसी वेब सीरीज के भाग – 5 से जान पाएंगे। आगे हम जानेंगे कि असल मायनों में “स्वराज” क्या होता है। गांधीवादी विचारधारा से लोग कैसे परिवर्तित हुए। उन्होंने कैसे समाज में भी परिवर्तन किए।

भारतीय दर्शकों के लिए MX Player पर निशुल्क उपलब्ध है।

https://www.mxplayer.in/show/watch-transparency-pardarshita-series-online-f377655abfeb0e12c6512046a5835ce1

यू.एस.ए और यूके के दर्शकों के लिए Amazon Prime पर मौजूद है। https://www.amazon.com/gp/video/detail/B08NWY9VWT/ref=atv_dp_share_cu_r

डॉक्यूमेंट्री को transparencywebseries.com पर भी देखा जा सकता है।

Popular

डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

Keep Reading Show less

ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

Keep Reading Show less

ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

Keep reading... Show less