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थोड़ा हट के

70 दिनों में बस से पूरा करें दिल्ली से लंदन तक का सफर

'बस टू लंदन' के इस सफर में आपको हर सुविधा दी जाएगी। इस सफर के लिए खास तरीके की बस तैयार की जा रही है।

सांकेतिक तस्वीर(Pixabay)

By: मोहम्मद शोएब

अगर आप दुनिया घूमने का शौक रखते हैं तो ये खबर आप लोगों के लिए है, अक्सर दिल्ली से लंदन जाने के लिए लोग हवाई जहाज का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब आप सड़क के रास्ते भी दिल्ली से लंदन जा सकेंगे। गुड़गांव के निजी ट्रैवलर कंपनी ने 15 अगस्त को एक बस लॉन्च की जिसका नाम ‘बस टू लंदन’ है। इस बस के माध्यम से 70 दिनों में आप दिल्ली से लंदन पहुंच सकते हैं, वो भी सड़क के रास्ते और ये सफर एक तरफा होगा।


70 दिन के दिल्ली से लंदन के सफर में आपको 18 अन्य देशों से होकर गुजरना पड़ेगा। जिसमें इंडिया, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, चीन, किर्गिजस्तान ,उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, रूस, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम।

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हालांकि कई लोगों के मन में ये सवाल होगा कि ये कैसे मुमकिन होगा।

दरअसल दिल्ली निवासी दो शख्श तुषार और संजय मदान, दोनों पहले भी सड़क के रास्ते दिल्ली से लंदन जा चुके हैं। इतना ही नहीं दोनों ने 2017, 2018 और 2019 में कार से ये सफर तय किया था। उसी तर्ज पर इस बार 20 लोगों के साथ ये सफर बस से पूरा करने का प्लान किया है।

सांकेतिक तस्वीर (Pexel)

‘बस टू लंदन’ के इस सफर में आपको हर सुविधा दी जाएगी। इस सफर के लिए खास तरीके की बस तैयार की जा रही है। इस बस में 20 सवारियों के बैठने का इंतजाम होगा। और सभी सीटें बिजनेस क्लास की होंगी। बस में 20 सवारी के अलावा 4 अन्य लोग और होंगे, जिसमें एक ड्राइवर, एक एसिस्टेंट ड्राइवर, ऑर्गनाइजर की तरफ से एक शख्स और एक गाइड होगा। दरअसल 18 देशों के इस सफर में गाइड बदलते रहेंगे, जिससे कि यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो।

अब आपने मन में ये सवाल जरूर होगा कि सफर पूरा करने के लिए वीसा और कितना पैसा लगेगा ? तो आपको बतादें की एक व्यक्ति को इस सफर के लिए 10 वीसा की जरूरत होगी। वहीं सवारियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए ये ट्रैवलर कंपनी ही आपके वीसा का पूरा इंतजाम करेगी।

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‘बस टू लंदन’ के इस सफर के लिए 4 कैटगरी चुनी गईं हैं। किसी के पास समय की कमी है और वो लंदन तक का सफर नहीं पूरा कर सकता, और वो अन्य देशों को घूमना चाहता है, तो वो अन्य कैटेगरी को चुन सकता है। हर एक कैटेगरी के लिए आपको अलग-अलग दाम चुकाने पड़ेंगे। दिल्ली से लंदन तक का सफर के लिए आपको 15 लाख रुपये खर्च करने होंगे। इस टूर के लिए आपको ईएमआई का ऑप्शन भी दिया जायेगा।

एडवेंचर ओवरलैंड ट्रैवलर कंपनी के फाउंडर तुषार अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, “मैंने और मेरे साथी संजय मदान ने 2017, 2018 और 2019 में कार से दिल्ली से लंदन गये थे, वहीं हमारे साथ कुछ अन्य साथी भी थे। हम हर साल इस तरह का एक ट्रिप ऑर्गनाइज करते हैं।”

सांकेतिक तस्वीर (Pexel)

उन्होंने बताया, “हमसे कई लोगों ने इस प्लान में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद हमने ये बस का प्लान बनाया। दरअसल इस ट्रिप को 15 अगस्त को लॉन्च किया है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारा ये सफर मई 2021 को शुरू हो। फिलहाल कोरोना को देखते हुए इस सफर का रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किया है। भारत के साथ-साथ अन्य देशों के हालातों को देखते हुए इस सफर को शुरू किया जाएगा।”

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तुषार अग्रवाल ने बताया कि, “70 दिनों के इस सफर में हम हर तरह की सुविधा लोगों को देंगे। जिस होटल में रुकने की व्यवस्था की जाएगी, वो 4 सितारा या फिर 5 सितारा होटल होगा। यात्री अगर अन्य देशों में इंडियन खाने का लुत्फ उठाना चाहेंगे, तो उनके अनुसार उन्हें खाना दिया जाएगा, चाहे वो किसी भी देश में हो।”

उन्होंने कहा, “इस सफर के लिए पैशनेट होना बहुत जरूरी है। दुनिया घूमने का शौक होगा तभी आप इस सफर में शामिल होंगे।”(IANS)

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कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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