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देश

बदलने की कवायद बुंदेलखंड की तस्वीर

बुंदेलखंड का जिक्र आते ही समस्याग्रस्त इलाके की तस्वीर उभरती है, क्योंकि आजादी के सात दशक से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी इस इलाके के लोगों के हिस्से में प्राथमिक सुविधाएं भी नहीं आई है।

विश्व प्रसिद्ध खजुराहों मंदिर( pixabay)

बुंदेलखंड का जिक्र आते ही समस्याग्रस्त इलाके की तस्वीर उभरती है, क्योंकि आजादी के सात दशक से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी इस इलाके के लोगों के हिस्से में प्राथमिक सुविधाएं भी नहीं आई है। अब इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए कदमताल तेज हुई है, जो उम्मीद जगाने वाली है । बुंदेलखंड वह इलाका है जिसमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सात-सात जिले कुल मिलाकर 14 जिले आते है। इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पानी की है, योजनाएं -परियोजनाएं खूब बनी, सरकारों से लेकर गैर सरकारी संस्थाओं ने भी इस इलाके को पानीदार बनाने के लिए बजट मंजूर किया, मगर हालात जस के तस है। यही कारण है कि यहां न तो लोग आज भी खेती ठीक से कर पा रहे है और न ही उन्हें पूरे साल पीने का पानी आसानी से मिल पा रहा है। अब केन-बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी मिली है। संभावना इस बात की है कि पानी संबंधी समस्या से इस इलाके केा निजात मिलेगा।

बात स्वास्थ्य सुविधाओं की करें तो कहने के लिए मेडिकल कॉलेज है मगर वे नाकाफी सिद्ध हो रहे है। एक तो गरीबी दूसरी बीमारी के उपचार के लिए सरकारी सुविधाएं न होने पर लोग अपना घर-द्वार से लेकर जमीन तक को बेचने को मजबूर होते है तब कहीं जाकर उन्हें निजी संस्थानों में बेहतर उपचार मिल पाता है। इतना ही नहीं रोजगार के साधन के अभाव में हर साल हजारों परिवार पलायन केा मजबूर होते है। समस्याओं से जूझते इस इलाके में सुविधाएं जुटाने के प्रयास तेज हुए है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने अपने संसदीय क्षेत्र खजुराहो में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोलने, संसदीय क्षेत्र के कटनी में मेडिकल कॉलेज खोलने एवं खजुराहो को सीधी विमान सेवाओं से जोड़े जाने की मांग केंद्रीय मंत्रियों से की है। इसके लिए शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखे हैं।


पानी की कमी से सूखती नदी (pixabay)

बुंदेलखंड की आबादी लगभग दो करोड़ है और सुविधाएं उंट के मुह में जीरा के समान है। सरकारी सुविधाओं का सिस्तार इस इलाके की तस्वीर को बदल सकता है। इस क्षेत्र में कुछ ही जनप्रतिनिधि ऐसे हुए है जिन्होंने यहां की तस्वीर को बदलने में कसर नहीं छोड़ी है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया को लिखे पत्र में कहा है कि खजुराहो विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल है। इसके बावजूद यहां उच्च स्वास्थ्य सुविधाओं का सर्वथा अभाव है। आवश्यकता पड़ने पर यहां के लोगों को उच्च स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भोपाल अथवा दिल्ली जाना पड़ता है जो कि 500 किलोमीटर से अधिक दूर हैं।

शर्मा ने कहा कि इस संबंध में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने पत्र लिखकर खजुराहो में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोले जाने का निवेदन किया है, जो सर्वथा न्यायसंगत है। खजुराहो में एम्स के लिए उचित वातावरण एवं शासकीय भूमि उपलब्ध है, अत: यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोला जाए, ताकि बुंदेलखंड के लोगों को उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

शर्मा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सिंधिया को लिखे पत्र में कहा है कि खजुराहो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इसके अलावा यहां पन्ना टाइगर रिजर्व और विश्वप्रसिद्ध हीरे की खदानें भी हैं। इसके बावजूद खजुराहो सीधी एवं नियमित उड़ान सेवाओं से जुड़ा नहीं है। इसके कारण यहां आने वाले पर्यटकों को असुविधा होती है साथ ही पर्यटन व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ता है।

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राजनीतिक विश्लेषक अशोक गुप्ता का कहना है कि बुंदेलखड मे कम ही राजनेता हुए है जिन्होंने यहां की जरुरतों के सामझा। याद आती है सुशीला नैयर की जिन्होंने यहां की तस्वीर बदलने के हर संभव प्रयास किए। एक बार उन्हें बेतवा नदी को नाव से पार करना पड़ा और लोगों की समस्या को जाना तो उन्होंने पुल के लिए प्रयास किए। वह बुंदेलखंड के मर्म को समझने वाली जनप्रतिनिधि थी। अगर खजुराहो के सांसद इस तरह के प्रयास करते है तो उम्मीद की जा सकती है कि यहां के हालात बदलेंगे।(आईएएनएस-PS)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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