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संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने चेताया ;विश्व स्तर पर हो सकती है पानी की किल्लत।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक विशेष एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से बाढ़ और सूखे जैसी आपदाएं आ सकती हैं दुनिया के सामने।

संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक जल संकट की चेतावनी दी है। (Wikimedia Commons)

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक विशेष एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से बाढ़ और सूखे जैसी जल सम्बन्धी समस्याएं आ सकती हैं सामने। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि डब्ल्यूएमओ ने मंगलवार को "द स्टेट ऑफ क्लाइमेट सर्विसेज 2021: वाटर " नामक अपनी इस रिपोर्ट में कहा कि 2018 में विश्व स्तर पर 3.6 बिलियन लोगों के पास प्रति वर्ष कम से कम एक महीने पानी की अपर्याप्त पहुंच थी और 2050 तक यह संख्या पांच अरब से अधिक होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की स्थिति इस तथ्य से खराब हो रही है कि पृथ्वी पर केवल 0.5 प्रतिशत पानी ही उपयोग योग्य और उपलब्ध ताजा पानी है।


डब्लूएमओ के आंकड़ों के अनुसार पिछले 20 वर्षो में पानी से संबंधित खतरे बढे हैं । 2000 के बाद से, बाढ़ से संबंधित आपदाओं में पिछले दो दशकों की तुलना में 134 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इसी अवधि के दौरान सूखे की संख्या और अवधि में भी 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर कायम ;नहीं जलाए जाएंगे दिवाली पर पटाखे।

सूखे से संबंधित सबसे अधिक मौतें अफ्रीका में हुईं, जो यह संकेत देती हैं की उस क्षेत्र में सूखे के लिए मजबूत एंड-टु-एंड चेतावनी प्रणाली की आवश्यकता है।वहीँ अधिकतर बाढ़ से संबंधित मौतें और आर्थिक नुकसान एशिया में पाए गए थे, जबकि अफ्रीका सूखे से संबंधित मौतों से सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ा था।

डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालस कहते हैं, "बढ़ते तापमान के परिणामस्वरूप वैश्विक और क्षेत्रीय वर्षा में परिवर्तन हो रहा है, जिससे वर्षा के पैटर्न और कृषि मौसम में बदलाव आ रहा है, जिसका खाद्य सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य और कल्याण पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा है।"

पानी सम्बंधित समस्याओं का सिलसिला पिछले साल भी कुछ ऐसा ही था जिसमें पूरे एशिया में सैकड़ों लोग मारे गए और न जाने कितने बेघर हुए। अफ्रीका में दो अरब से अधिक लोग अभी भी पानी की कमी वाले देशों में रहते हैं और सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता की कमी का सामना करते हैं।

water shortage , drought , \u091c\u0932 \u0906\u092a\u0926\u093e पानी की किल्लत से हुई सैकड़ों मौतें। [wikimedia commons]



जल-संबंधी आपदाओं को कम करने के लिए डब्ल्यूएमओ ने सिफारिश की है कि देश, विशेष रूप से छोटे द्वीप , विकासशील राज्य और सबसे कम विकसित देश, एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन और सूखे और बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणालियों में निवेश बढ़ाएं। (आईएएनएस -MS)

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देश के जवानों की शहादत रोकने के लिए एमआईआईटी मेरठ की तरफ से एक बड़ा प्रयास किया गया है। (Wikimedia commons)

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यह मशीन गन इलेट्रॉनिक है। इसे संचालित करने के लिए किसी इंसान की जरुरत नहीं होगी। इसका इस्तेमाल अति दुर्गम बॉर्डर एरिया में आतंकियों का सामना करने के लिए किया जा सकेगा। इसमें लगे सेंसर कैमरे दुश्मनों पर दूर से नजर रख सकतें हैं। आस-पास किसी तरह की आहट होने पर यह मानव रहित गन जवानों को चौकन्ना करने के साथ खुद निर्णय लेकर दुश्मनों पर गोलियों की बौछार भी करने में सक्षम होगा। इस मानव रहित गन को ऑटोमेटिक और मैनुअल भी कर सकते हैं।

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कुछ दिन पहले, अदानी समूह और आरपी-संजीव गोयनका समूह की ओर से नई टीमों के लिए बोली में शामिल होने की खबरें थीं, मगर अब ऐसा लगता है कि बोली लगाने वालों में अन्य कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं।

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पूर्व ऑल-इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन प्रकाश पादुकोण की बेटी दीपिका के जीन में खेल है। दूसरी ओर, रणवीर इंग्लिश प्रीमियर लीग से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में भारत के लिए एनबीए के ब्रांड एंबेसडर हैं।

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