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केंद्रीय बजट (Union Budget 2021) में शिक्षा और स्कूलों के लिए कई नए और खास प्रावधान किए गए हैं। संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देशभर में सरकार 100 नए सैनिक स्कूल बनाएगी। इन स्कूलों के निर्माण में प्राइवेट पार्टनर भी सहयोग करेंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने एक नया आयोग भी स्थापित करने का निर्णय लिया है। देश में केंद्रीय विद्यालयों के नेटवर्क में भी विस्तार किया जाएगा। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालयों की पहुंच भी देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने लेह में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय किया है।


केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट (Union Budget 2021) पेश करने के दौरान नई शिक्षा नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सभी ने स्वीकार किया है। उच्च शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के लिए सरकार एक उच्च शिक्षा कमीशन का गठन करने जा रही है।

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के लिए 3700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 100 नए सैनिक स्कूल बनेंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। अर्थात देश में बनने वाले 100 नए सैनिक स्कूलों का निर्माण पीपीपी मॉडल के आधार पर किया जाएगा। वहीं बजट में राष्ट्रीय भाषा को महत्व देते हुए केंद्र सरकार ने देश में एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि Union Budget 2021 में 6 स्तंभों का प्रस्ताव है। इनमें स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन शामिल है। (आईएएनएस)
 

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बांके बिहारी मंदिर में होली

कहा जाता है कि अगर किसी इंसान को सुकून चाहिए होता है तो उसे वृंदावन या मथुरा की गलियों में जाना चाहिए, क्योंकि इन्ही गलियों में खेलते हुए कृष्ण जी का बचपन बीता हैं। वृंदावन हो या मथुरा यहां हर दूसरा व्यक्ति कृष्ण भक्ति में लीन नज़र आता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की वह हिंदुस्तानी है या कहीं और से आया है। हर कोई कृष्ण की महिमा में डूबा हुआ होता है। वैसे तो वृंदावन में कई मंदिर है जहां हर रोज हज़ारों की संख्या में भक्त आते हैं और अपनी हाजिरी लगवाते हैं, लेकिन बांके बिहारी मंदिर की बात अलग है। यहां भी भक्तों का मेला लगा रहता है, पर हर किसी को कुछ बातें मालूम नहीं है। ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।

1) बांके बिहारी मंदिर की स्थापना स्वामी श्री हरिदास जी ने की थी। वह श्री कृष्ण के भक्त थे और महान गायक तानसेन के गुरु थे। वह अपने गीत से श्री कृष्ण को प्रसन्न करने की कोशिश किया करते थे। ऐसा कहा जाता है कि श्री हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न हो श्री कृष्ण ने दर्शन दिए थे।

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(instagram , virat kohali)

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और अनुष्का

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और उनके फाउंडेशन ने यहां मड, मलाड में आवारा पशुओं के लिए एक ट्रॉमा और रिहेब सेंटर का उद्घाटन किया है। इसके पहले इस साल की शुरूआत में, भारतीय कप्तान कोहली ने कहा था कि वह मुंबई में दो पशु देखभाल सुविधाएं स्थापित कर रहे हैं।
कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को शहर में आवारा जानवरों के सामने आने वाली कठिनाइयों को देखने का श्रेय दिया।

अभिनेत्री अनुष्का ने कई मौकों पर जानवरों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रति अपना समर्थन दिया है। अनुष्का के जानवरों के प्रति दीवानगी से प्रेरित होकर कोहली अपने फाउंडेशन के जरिए आवारा जानवरों की मदद करने के मौके तलाश रहे हैं।

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भीड़ में चलते लोग।

मौजूदा समय में विश्व की जनसंख्या 7 अरब से भी ज्यादा है। इस जनसंख्या को यहां तक पहुंचने में कई सदियां लग गई है। समस्त विश्व को 1 अरब से 2 अरब तक की आबादी होने में 100 सालों का समय लगा था। लेकिन 2 अरब से 3 अरब होने में मात्र 30 साल लगे, वहीं 3 से 4 अरब होने में 15 साल लगे थे। उसके बाद से यह अंतर और कम हो गया। औद्योगिक क्रांति के बाद अठारहवीं शताब्दी में विश्व जनसंख्या में विस्फोट हुआ था। तकनिकी प्रगति की वजह से मृत्यु दर में गिरावट आई जो कि जनसंख्या विस्फोट का एक बहुत बड़ा कारण बना। भारत में भी जनसंख्या विस्फोट देखा गया था।

1951 में भारत की जनसंख्या मात्र 36.1 करोड़ थी जो 2011 की जनगणना में 121.02 करोड़ हो गई। और अब यह लगभग 135 करोड़ के ऊपर है। अगर किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है तो उसका मतलब है कि वहाँ का मृत्यु दर कम है और जन्म दर ज्यादा। यह दर्शाता है कि उस जगह पर चिकित्सकीय सुविधाएं अच्छी है। लेकिन बढ़ती जनसंख्या देश के लिए मुसीबत का सबब भी बन सकती है, क्योंकि जनसंख्या में वृद्धि हुई है किन्तु साधनों में नहीं। भारत के साथ भी यही समस्या है। लगातार जनसंख्या बढ़ने से कई जगहों पर साधनों की कमी महसूस होने लगी है।

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