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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में इन दिनों एक बकरी का बच्चा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उसे देखने के लिए सैकड़ों लोग दूर दराज इलाके से आ रहे हैं। बिजनौर के नूरपुर थानान्तर्गत मोरहाट गांव के रहने वाले मासिया बकरियां पालते हैं। दो दिन पहले एक बकरी ने दो बच्चों को जन्म दिया। उनमें एक तो बिल्कुल सामान्य था, लेकिन दूसरे की शारीरिक बनावट विचित्र थी। उसके माथे पर दो पलकों के बीच एक बड़ी आंख है, थूथन नदारद है और मुंह भी मुड़ा हुआ है।


बहरहाल, जैसे ही लोगों को इसकी भनक लगी। दूर-दूर से लोग उस विचित्र जानवर को देखने के लिए उमड़ने लगे। कुछ लोग ऐसा भी कहते नजर आए कि यह तो भगवान शिव का अवतार है क्योंकि इसके माथे पर ‘तीसरी आंख’ है। कुछ लोगों ने उसकी पूजा भी करनी शुरू कर दी। मासिया ने कहा कि यह मेरे लिए ईश्वर का आशीर्वाद है।

उस इलाके के पशु चिकित्सक पुष्कर राठी ने कहा कि इस बकरी के बच्चे की बनावट असामान्य है और ऐसे पशु ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहते। यह एक विचित्र पशु है और इसे ईश्वर का आशीर्वाद नहीं समझना चाहिए।
(आईएएनएस)

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5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा के बाद कार्यकर्तओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला सवांद कार्यक्रम (Wikimedia Commons)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वारणशी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि "उन्हें किसानों को रसायन मुक्त उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए।"

नमो ऐप के जरिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान बताया कि नमो ऐप में 'कमल पुष्प" नाम से एक बहुत ही उपयोगी एवं दिलचस्प सेक्शन है जो आपको प्रेरक पार्टी कार्यकर्ताओं के बारे में जानने और अपने विचारों को साझा करने का अवसर देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमो ऐप के सेक्शन 'कमल पुष्प' में लोगों को योगदान देने के लिए आग्रह किया। उन्होंने बताया की इसकी कुछ विशेषतायें पार्टी सदस्यों को प्रेरित करती है।

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हुदा मुथाना वर्ष 2014 में आतंकवादी समूह आईएस में शामिल हुई थी। घर वापसी की उसकी अपील पर यूएस कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया (Wikimedia Commons )

2014 में अमेरिका के अपने घर से भाग कर सीरिया के अतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने वाली 27 वर्षीय हुदा मुथाना वापस अपने घर लौटने की जद्दोजहद में लगी है। हुदा मुथाना वर्ष 2014 में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के साथ शामिल हुई साथ ही आईएस के साथ मिल कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आतंकवादी हमलों की सराहना की और अन्य अमेरिकियों को आईएस में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। हुदा मुथाना को अपने किये पर गहरा अफसोस है।

वर्ष 2019 में हुदा मुथाना के पिता ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट में अमेरिका वापस लौटने के मामले पर तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुक़द्दमा दायर किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिना किसी टिप्पणी के हुदा मुथाना के इस मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

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