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देश

उप्र : मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण मिशन का किया शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को किसान कल्याण मिशन का आगाज किया। राजधानी में सरोजनी नगर ब्लॉक के दादूपुर गांव से मुख्यमंत्री ने किसानों के आर्थिक विकास के इस सबसे बड़े अभियान की शुरुआत की है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने ‘जय जवान जय किसान’ के नारे दिए,

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को किसान कल्याण मिशन का आगाज किया। राजधानी में सरोजनी नगर ब्लॉक के दादूपुर गांव से मुख्यमंत्री ने किसानों के आर्थिक विकास के इस सबसे बड़े अभियान की शुरुआत की है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने ‘जय जवान जय किसान’ के नारे दिए, लेकिन किसान हाशिये पर ही रहा। योगी ने किसानों से संवाद करते हुए कहा, “आप देख रहे होंगे कि किसान इस देश के राजनीतिक एजेंडे में शामिल हो पाया है। शासन की नीतियों का क्रियान्वयन होते हुए भी किसान भाइयों ने देखा है। मोदी जी की नीतियों के कारण ही किसान मुख्यधारा में शामिल हो पाया है। नहीं तो देश का किसान केवल वोट पर राजनीति का मोहरा भर होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट भी इन्हीं की देन है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से आज हर किसान को 6 हजार रुपये सालाना मिल रहा है। कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से हर खेत और फसल को पानी मिल रहा है। पीएम फसल बीमा योजना के माध्यम से हर किसान लाभ ले सकता है।”

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की महिला स्वयंसेवी समूह के दुग्ध उत्पादन समिति का टर्नओवर ही 2 करोड़ सालाना हो रहा है। ये कार्यक्रम यहां सरोजिनी नगर में भी लागू होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर हम ग्राम पंचायत स्तर पर ही गोदाम बना दें तो आसानी से फसलों को समय पर बाजार पहुंचा सकते हैं। कम पानी में बेहतर खेती के उद्देश्य के लिए भी इस कार्यक्रम के तहत हम आगे बढ़ेंगे।”


योगी ने कृषि और किसानों की खराब हालत के लिए विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 6 वर्षो में जितनी प्रगति हुई, उतनी अगर 70 वर्षो में हुई होती तो मोदी जी को ये लक्ष्य न तय करना पड़ता कि 2022 तक किसान की आय दोगुनी करनी है।

उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने अपनी जान गंवाई। लेकिन अब किसान आत्महत्या नहीं, आमदनी को लेकर तेजी से बढ़ रहा है। आज का कार्यक्रम उसी किसान कल्याण योजना को आगे बढ़ाने की एक कड़ी है। योगी ने किसानों से कहा, “याद करिए 2017 में हमारी सरकार बनने पर पहला कैबिनेट निर्णय ही किसानों के ऋण माफ करने का था।”

यह भी पढ़ें : सरकार के लाखों रुपयों को महबूबा ने पर्सनल फर्नीचर और टीवी वस्तुओं पर किया खर्च: आरटीआई

किसानों के कल्याण और बेहतरी के लिए शुरू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इस कार्य को जलशक्ति विभाग ने भी आगे बढ़ाया है। किसानों के आर्थिक विकास और बेहतरी के लिए कई बड़े कार्यक्रम तेजी से चल रहे हैं। हमारे प्रदेश के 2 करोड़ 35 लाख किसान पीएम कृषि सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जितनी तो कई राज्य की जनसंख्या ही नहीं होती है।”

किसानों को खेती, पशुपालन, कृषि संबंधी शासन की योजनाओं से अवगत कराना लक्ष्य है। प्रदेश में किसान कल्याण केंद्र किसानों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ही संचालित हो रहे हैं। पहली बार ये हुआ, जब खुरपका और मुंहपका आदि रोगों के लिए भी टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “जब हमारा अन्नदाता खुशहाल होगा तो देश अपने आप खुशहाल हो जाएगा। लेकिन हमें सतर्क रहना होगा, जब देश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है तो कई लोगों को ये अच्छा नहीं लग रहा है। किसानों को गुमराह कर देश को विकास की पटरी से उतारने की साजिश हो रही है। बिना किसी गुमराह करने वाले तत्व पर ध्यान देते हुए एक भारत, श्रेष्ठ भारत के लक्ष्य की ओर हमें आगे बढ़ना है।”

गौरतलब है कि राज्य सरकार उन्नत किसान और आत्मनिर्भर प्रदेश के संकल्प के तहत राज्य के सभी 825 विकास खंडों में किसान कल्याण मिशन का आयोजन कर रही है। इसके तहत हर ब्लॉक में किसानों के सम्मान के साथ उन्हें कृषक उपहार योजना का लाभ दिया जाएगा। बुधवार को कुल 303 ब्लाकों में किसान कल्याण मिशन के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। 303 ब्लॉकों में 13 जनवरी और 219 ब्लॉकों में 21 जनवरी को किसान कल्याण मिशन के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका समापन यूपी दिवस के मौके पर 24 जनवरी को होगा। (आईएएनएस)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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