Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×

 यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से सीधा संवाद करने के लिए एक कदम और बढ़ा दिया है। जिसके तहत अब हर सरकारी कार्यालयों के बाहर मुख्यमंत्री ने एक बोर्ड लगाने का आदेश दिया है। इस बोर्ड में लिखा है, ‘यदि इस कार्यालय में आपकी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पा रहा है तो आप सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर काल करें। मेरा कार्यालय आपकी सहायता करेगा-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।’ उनकी यह मुहिम जन जन से जुड़ने में सहायक होगी।


राज्य के हर आम आदमी से सीधे जुड़ने और उसकी समस्या का त्वरित निस्तारण की मंशा के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल के तहत अब राज्य के हर जिले, कस्बे और गांव में थाना, तहसील तथा सभी सरकारी दफ्तरों के बाहर इस तरह का यह बोर्ड लगने लगा है। इस बोर्ड के जरिए मुख्यमंत्री ने जनता की हर समस्या का निदान करने संबंधी अपनी मंशा स्पष्ट की है।

मुख्यमंत्री चाहते हैं कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को कोई समस्या हो तो वह बेझिझक अफसरों से शिकायत करे और यदि उसकी शिकायत का अधिकारी निस्तारण नहीं कर रहे हैं, तो बेझिझक होकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर सम्पर्क करें। सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा और हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के आधार पर फील्ड क्षेत्र में तैनात अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन होगा। तहसीलदार हो या थानाध्यक्ष, अगर जनता इनके कार्यों से संतुष्ट नहीं है तो इनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करें। (Social media)

इसी सोच के तहत बीती 10 फरवरी को लोकभवन में उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कार्यालयों के बाहर बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया था।

तब उन्होंने यह भी कहा था, “थाना एवं तहसील स्तर पर जिस भी व्यक्ति की समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है, तो वह व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कभी भी संपर्क कर सकता है। हेल्पलाइन पर मिली ऐसी शिकायतों का तत्परता से निराकरण कराया जाएगा। थाना तथा तहसील स्तर पर जनता की शिकायत का निस्तारण कराने के लिए जिले के जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान और थानेदार को जवाबदेह बनाया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायत दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी की जायेगी। इसके अलावा, अब थाना तथा तहसील स्तर पर निस्तारित हुई जनता की समस्याओं की रेटिंग भी की जायेगी, ताकि यह पता चल सके कि किस जिले में जनता की समस्याओं के निस्तारण में तेजी दिखाई जा रही है।”
 

यह भी पढ़ें :- बसंत पंचमी के अवसर पर पीलीभीत को मिला अपना ‘बांसुरी चौक’ !

चर्चा है कि जनता की शिकायतों का निस्तारण ठीक तरीके से ना होने संबंधी कई सूचनाओं की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से मिलने वाली हर शिकायत के निस्तारण की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने का फैसला किया था। जिसके क्रम में थाना, तहसील और सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया गया था। अब यह बोर्ड सरकारी कार्यालयों के बाहर लगने लगने लगे हैं। (आईएएनएस)
 

Popular

पंकज त्रिपाठी, अभिनेता [wikimedia commons]

अभिनेता पंकज त्रिपाठी कई विज्ञापन को साइन करने के लिए तैयार हैं। मगर साथ ही अभिनेता ने लापरवाही से सौदों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके प्रशंसकों और समाज के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। त्रिपाठी जी के कालीन भैया ('मिजार्पुर'), सुल्तान ('गैंग्स ऑफ वासेपुर'), रुद्र ('स्त्री') और कई अन्य उनके किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आए हैं।

Mirzapur, amazon prime video, web series अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मिर्जापुर वेब सीरीज में अपने पात्र कालीन भैया के लिए काफी प्रशंसा बटोरी । (Pankaj Tripathi , Facebook)

Keep Reading Show less

सुशील मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद [twitter]

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार (Sushil modi) मोदी ने नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट को चुनौती दी है, जिसमें बिहार को सभी मानकों में सबसे निचले पायदान पर रखा गया है। मोदी ने दावा किया है कि आयोग संबंधित राज्य सरकारों से परामर्श किए बिना रिपोर्ट तैयार करता है। इसलिए यह जमीनी हकीकत पर आधारित नहीं है।

नीतीश कुमार के करीबी मोदी ने कहा, "नीति आयोग ने किसी तरह शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क के बुनियादी ढांचे से संबंधित रिपोर्ट तैयार की और बिहार को सबसे नीचे रखा। इसके अधिकारियों ने गलत चीजों का मूल्यांकन करने के लिए एक पुराने तंत्र का विकल्प चुना है। उन्हें संबंधित राज्य सरकारों से परामर्श करना चाहिए और सुविधाओं का मूल्यांकन करना चाहिए। पिछले 10 से 15 वर्षों के विकास को ध्यान में रखें।"

Keep Reading Show less

मिशन शक्ति (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) सरकार "मिशन शक्ति"(Mission Shakti) के तीसरे चरण में राज्य के हर राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, गैर सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और स्वयं वित्त पोषित कॉलेज में लड़कियों के लिए स्वास्थ्य क्लबों का आयोजन करने जा रही है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार राज्य का शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके छात्राओं और शिक्षकों के लिए भी सरकारी शिविर लगाएगा।

Keep reading... Show less